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जालौन: नून नदी का रपटा डूबा, एक फीट ऊपर बह रहा पानी, तेज बहाव में भी आवागमन जारी, सुरक्षा इंतजाम की मांग

Sun, 27 Sep 2026 12:01 PM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालौन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालौन Published by: Himanshu Awasthi Updated Sun, 27 Sep 2026 12:01 PM IST
सार

Jalaun News: आटा थाना क्षेत्र में लगातार तीन दिनों से जारी बारिश के कारण भदरेखी गांव के पास स्थित नून नदी का रपटा पूरी तरह जलमग्न हो गया है। रपटे के ऊपर से करीब एक फीट पानी बेहद तेज बहाव के साथ बह रहा है, लेकिन सुरक्षा रेलिंग न होने के बावजूद लोग जान जोखिम में डालकर बाइक से रपटा पार कर रहे हैं।

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Jalaun Noon River causeway submerged water flowing one foot above surface traffic continues despite currents
नून नदी रपटे पर एक फीट ऊंचा बहता पानी और निकलते लोग - फोटो : amar ujala

विस्तार

जालौन जिले के आटा थाना क्षेत्र में तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश से भदरेखी गांव के बाहर से निकली नून नदी का रपटा पूरी तरह डूब गया है। रपटे के ऊपर करीब एक फीट पानी तेज बहाव के साथ बह रहा है। इसके बावजूद ग्रामीण जान जोखिम में डालकर रपटा पार कर रहे हैं। इससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। सबसे अधिक परेशानी किसानों को खेतों तक पहुंचने और पशुओं के लिए चारा लाने में हो रही है।

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ग्रामीणों के मुताबिक नून नदी के रपटे का निर्माण करीब दो दशक पहले बसपा सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे श्रीराम पाल की पहल पर पुल के साथ कराया गया था। निर्माण के बाद आसपास के गांवों के लोगों को आवागमन में काफी सहूलियत मिली, लेकिन इतने वर्षों बाद भी रपटे पर सुरक्षा रेलिंग नहीं लगाई गई। ग्रामीणों और ग्राम प्रधानों ने कई बार रेलिंग लगाने की मांग की, लेकिन हर बार केवल आश्वासन मिला।

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तेज बहाव के बीच पार कर रहे हैं रपटा
अब नदी का जलस्तर बढ़ने से रपटा पूरी तरह पानी में डूब गया है और ऊपर से करीब एक फीट पानी बह रहा है। तेज बहाव के बीच बाइक सवार भी रपटा पार कर रहे हैं। इस मार्ग से प्रतिदिन करीब पांच हजार लोगों का आवागमन होता है। भदरेखी, परा, हैदलपुर, सधारा, नसीरपुर, मुसमरिया, नूरपुर, खल्ला, खांकरी और अटरिया समेत करीब एक दर्जन गांवों के ग्रामीण इसी रास्ते से तहसील कालपी, आटा थाना समेत अन्य स्थानों पर जाते हैं।

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नदी का पानी लगातार बढ़ रहा है
रपटा बंद होने पर ग्रामीणों को करीब 20 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ता है। इससे समय और धन दोनों की बर्बादी होती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मौके पर पुलिस और अधिकारियों को भेजकर स्थिति का जायजा लेने और रपटे पर सुरक्षा व्यवस्था कराने की मांग की है। उनका कहना है कि नदी का पानी लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में समय रहते आवागमन रोककर सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए, तो तेज बहाव में बड़ा हादसा हो सकता है।

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