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जालौन: वैष्णो दरबार में स्वेता की मौत के बाद ससुराल में चीखपुकार
Sat, 01 Jan 2022 06:37 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालौन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालौन
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sat, 01 Jan 2022 06:37 PM IST
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vaishno devi incident
- फोटो : amar ujala
वैष्णो देवी मंदिर पर भगदड़ के दौरान जान गवाने वाली गाजियावाद निवासी स्वेता की मौत की जानकारी मिलते ही उनकी जालौन स्थित उनकी ससुराल में चीख पुकार मच गई। कोतवाली क्षेत्र के गांव डिकौली निवासी विक्रांत सिंह मर्चेंट नेवी में हवलदार के पद पर सिंगापुर में तैनात हैं। उनकी पत्नी स्वेता (26) दिल्ली में आरकेटेक्ट इंजीनियर पद पर कार्यरत थीं।
वह अपने मायके गाजियाबाद में रह रहीं थीं। ससुरालियों के अनुसार वह दो दिन पहले स्वेता गाजियाबाद निवासी बहन सरिता,भाई राकेश सिंह, चचेरे भाई गजेन्द्र सिंह के साथ वैष्णोदेवी मदिंर गए थे।मदिंर में शनिवार सुबह हुई भगदड़ में स्वेता की मौत हो गई। मौत की खबर उनकी ससुराल डकोर आते ही कोहराम मच गया। ससुर रामपाल सिंह, सास मिथला का रो-रो कर बुरा हाल है।
मंदिर जाने से पहले ससुर से हुई थी स्वेता की बात
मृतका के ससुर रामपाल सिंह ने बताया कि पुत्र विक्रांत की शादी गाजियाबाद निवासी स्वेता से नवम्बर 2016 में हुई थी। बहू स्वेता दिल्ली में नौकरी करती थी और गाजियाबाद मायके में रहती थी। उन्होंने बताया कि दो दिन पहले गुरुवार को स्वेता का फोन आया था उसने अपनी सास और मुझसे कहा था कि पापा वैष्णोदेवी मदिंर जा रहे हैं। सब साथ हैं। आप लोग परेशान न होना। क्या पता था कि बहू से ये आखिरी बात थी।
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एक साल पहले आए थे जालौन
ससुरालियों के अनुसार, विक्रांत और स्वेता अंतिम बार एक साल पहले जनवरी 2021 में गांव आए थे। उसके बाद कोरोना आ गया और इस बीच स्वेता पॉजिटिव भी हो गईं थीं, तब से दोनों गांव जल्दी आने की बात कहते थे।
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वह अपने मायके गाजियाबाद में रह रहीं थीं। ससुरालियों के अनुसार वह दो दिन पहले स्वेता गाजियाबाद निवासी बहन सरिता,भाई राकेश सिंह, चचेरे भाई गजेन्द्र सिंह के साथ वैष्णोदेवी मदिंर गए थे।मदिंर में शनिवार सुबह हुई भगदड़ में स्वेता की मौत हो गई। मौत की खबर उनकी ससुराल डकोर आते ही कोहराम मच गया। ससुर रामपाल सिंह, सास मिथला का रो-रो कर बुरा हाल है।
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मंदिर जाने से पहले ससुर से हुई थी स्वेता की बात
मृतका के ससुर रामपाल सिंह ने बताया कि पुत्र विक्रांत की शादी गाजियाबाद निवासी स्वेता से नवम्बर 2016 में हुई थी। बहू स्वेता दिल्ली में नौकरी करती थी और गाजियाबाद मायके में रहती थी। उन्होंने बताया कि दो दिन पहले गुरुवार को स्वेता का फोन आया था उसने अपनी सास और मुझसे कहा था कि पापा वैष्णोदेवी मदिंर जा रहे हैं। सब साथ हैं। आप लोग परेशान न होना। क्या पता था कि बहू से ये आखिरी बात थी।
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एक साल पहले आए थे जालौन
ससुरालियों के अनुसार, विक्रांत और स्वेता अंतिम बार एक साल पहले जनवरी 2021 में गांव आए थे। उसके बाद कोरोना आ गया और इस बीच स्वेता पॉजिटिव भी हो गईं थीं, तब से दोनों गांव जल्दी आने की बात कहते थे।