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‘किसान का कण, विद्वान का क्षण बर्बाद करना पाप’
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर
Updated Mon, 16 Mar 2015 02:37 AM IST
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किसान का कण और विद्वान का क्षण बर्बाद करना पाप की श्रेणी में आता है। किसान के अन्न से ही कई लोग पेट भरते हैं। कुछ तो ऐसे हैं जिन्हें अन्न नसीब तक नहीं होता है। इसलिए अन्न को बर्बाद नहीं करना चाहिए। इसी प्रकार विद्वान को हर क्षण ज्ञान की बारिश करनी चाहिए। छात्र को भी चाहिए कि समय बर्बाद किए बगैर पढ़ाई करे।
ऐसा नहीं करने वालों से गुरु तो नाराज होते ही हैं। साथ में छात्र पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। ये बातें जगद्गुरु श्रीराम भद्राचार्य जी ने रविवार को निराला नगर स्थित राम मंदिर में आयोजित कथा के दौरान कहीं।
रामाभिराम सेवा संस्थान की ओर से आयोजित कथा के छठवें दिन जगद्गुरु श्रीराम भद्राचार्य जी ने संस्था की स्मारिका ‘स्मृति मंजूषा’ विमोचन किया। स्मारिका में गुरु का संक्षिप्त जीवन परिचय, सेवा, संकल्प और गुरु जी के संदेश हैं।
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महराज ने भगवान के सभी अवतारों में श्रीराम अवतार को सबसे सुंदर बताया। श्रीराम जी के छह भक्त हनुमान, जाम्बवंत, सुग्रीव, विभीषण, शबरी, खगपति जटायु के जीवन पर प्रकाश डाला। कहा कि प्रभु को पाने के लिए सिर्फ सच्चे मन की जरूरत होती है।
न कि किसी अच्छे कुल, जाति व धर्म में जन्म लेने की। कथा के दौरान अनिल मिश्रा, आभा मिश्रा, बलदेव सिंह, रविशंकर सिंह, केपी सिंह, एमआर त्रिपाठी, राज खत्री, भक्तिविजय शुक्ला मौजूद रहे।
शाम सात बजे हुई बारिश से पंडाल में अव्यवस्था फैल गई। संचालकों को समय से पहले ही कथा का समापन करना पड़ा। इसी बीच बिजली कटने से पांडाल में अफरा-तफरी मच गई।
सांसद जोशी पर भड़के जगद्गुरु
सांसद मुरली मनोहर जोशी के कथा में न आने से जगद्गुरु श्रीराम भद्राचार्य ने नाराजगी जताई। कहा कि शहर के सांसद जोशी को कथा में आना चाहिए था, लेकिन वे नहीं पहुंचे। हो सकता है कि मुरली मनोहर जोशी मुझसे भी अधिक बुद्धिमान हों, इसलिए उन्होंने कथा में भाग लेना उचित नहीं समझा।
प्रभु के आशीर्वाद से ही मुरली मनोहर जोशी की कानपुर में जीत हुई है। लेकिन चुनाव जीतने के बाद जनप्रतिनिधि सब भूल जाते हैं।
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ऐसा नहीं करने वालों से गुरु तो नाराज होते ही हैं। साथ में छात्र पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। ये बातें जगद्गुरु श्रीराम भद्राचार्य जी ने रविवार को निराला नगर स्थित राम मंदिर में आयोजित कथा के दौरान कहीं।
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रामाभिराम सेवा संस्थान की ओर से आयोजित कथा के छठवें दिन जगद्गुरु श्रीराम भद्राचार्य जी ने संस्था की स्मारिका ‘स्मृति मंजूषा’ विमोचन किया। स्मारिका में गुरु का संक्षिप्त जीवन परिचय, सेवा, संकल्प और गुरु जी के संदेश हैं।
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महराज ने भगवान के सभी अवतारों में श्रीराम अवतार को सबसे सुंदर बताया। श्रीराम जी के छह भक्त हनुमान, जाम्बवंत, सुग्रीव, विभीषण, शबरी, खगपति जटायु के जीवन पर प्रकाश डाला। कहा कि प्रभु को पाने के लिए सिर्फ सच्चे मन की जरूरत होती है।
न कि किसी अच्छे कुल, जाति व धर्म में जन्म लेने की। कथा के दौरान अनिल मिश्रा, आभा मिश्रा, बलदेव सिंह, रविशंकर सिंह, केपी सिंह, एमआर त्रिपाठी, राज खत्री, भक्तिविजय शुक्ला मौजूद रहे।
शाम सात बजे हुई बारिश से पंडाल में अव्यवस्था फैल गई। संचालकों को समय से पहले ही कथा का समापन करना पड़ा। इसी बीच बिजली कटने से पांडाल में अफरा-तफरी मच गई।
सांसद जोशी पर भड़के जगद्गुरु
सांसद मुरली मनोहर जोशी के कथा में न आने से जगद्गुरु श्रीराम भद्राचार्य ने नाराजगी जताई। कहा कि शहर के सांसद जोशी को कथा में आना चाहिए था, लेकिन वे नहीं पहुंचे। हो सकता है कि मुरली मनोहर जोशी मुझसे भी अधिक बुद्धिमान हों, इसलिए उन्होंने कथा में भाग लेना उचित नहीं समझा।
प्रभु के आशीर्वाद से ही मुरली मनोहर जोशी की कानपुर में जीत हुई है। लेकिन चुनाव जीतने के बाद जनप्रतिनिधि सब भूल जाते हैं।