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यूपी: आईटीआई छात्र के मौत की गुत्थी नहीं सुलझी, पुलिस पर मिलीभगत का आरोप

Tue, 03 May 2022 08:43 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Tue, 03 May 2022 08:43 AM IST
सार

आईटीआई छात्र अभय कुशवाहा का शव नौ जनवरी को पीएसी पुल के पास पड़ा मिला था। इस मामले में 22 लोगों पर हत्या की एफआईआर दर्ज हुई थी, लेकिन अभी तक कोई निष्कर्ष नहीं निकला है। इससे परेशान और हताश मृतक के परिजन रेलबाजार में स्थित क्राइम ब्रांच के दफ्तर में धरने पर बैठ गए। 

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ITI Student Murder case in Kanpur, death mystery still not solved
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

कानपुर के चकेरी के आईटीआई छात्र अभय कुशवाहा (22) की मौत की गुत्थी चार महीने बाद भी नहीं सुलझ सकी है। परिजनों का आरोप है कि विवेचकों की मिलीभगत और लापरवाही की वजह से आरोपी आजाद हैं। जरा सी भी जांच आगे नहीं बढ़ाई गई है। सोमवार को पीड़ित के परिजन रेलबाजार में स्थित क्राइम ब्रांच के दफ्तर में धरने पर बैठे। डीसीपी क्राइम ने उनकी बात समझी और जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया।

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कैंट निवासी धीरेंद्र सिंह मौर्या का बेटा अभय कुशवाहा 9 जनवरी को पीएससी पुल के पास मृत मिला था। धीरेंद्र सिंह का आरोप था कि अभय के दोस्त उसको बर्थ डे पार्टी की बात कहकर ले गए थे, जिसके बाद उसकी हत्या कर शव फेंका गया था। करीब दस दिन बाद चकेरी पुलिस ने 22 लोगों पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। अभय के चचेरे भाई ने बताया कि चकेरी इंस्पेक्टर मधुर मिश्रा ने मामले में कोई तफ्तीश नहीं की।

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इसलिए उन्होंने उच्चाधिकारियों के जरिये केस क्राइम ब्रांच में ट्रांसफर कराया। चार महीने के बाद क्राइम ब्रांच ने भी मामले में कोई कार्रवाई नहीं की। इसलिए पीड़ित परिजन सोमवार को क्राइम ब्रांच के दफ्तर में ही धरने पर बैठ गए। डीसीपी क्राइम से उन्होंने पूरा मामला बताया। विवेचकों पर मिलीभगत का आरोप लगाया।

दागी दरोगा फिर सवालों के घेरे में 
पीड़ित परिजनों ने इंस्पेक्टर मधुर मिश्रा पर आरोपियों से मिलीभगत का आरोप लगाया है। परिजनों ने बताया कि क्राइम ब्रांच में तैनात रहे दरोगा मोहम्मद आसिफ (वर्तमान में निलंबित) को जांच दी गई थी। आरोप है कि आसिफ ने भी कोई कार्रवाई नहीं की। आरोपियों को बचाने में जुटे रहे। मालूम हो कि आसिफ अपराधी से सांठगांठ करने में एक सप्ताह पहले ही निलंबित किए गए थे।

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अब तक की जांच में हादसे का दावा
डीसीपी क्राइम सलमान ताज पाटिल ने बताया कि चकेरी पुलिस की शुरुआती विवेचना और बाद में क्राइम ब्रांच की जांच में सामने आया है कि अभय की मौत हादसा है। कई तथ्य भी जुटाए गए हैं। इसके बावजूद कुछ बिंदु पीड़ित परिजनों ने बताए हैं। उस आधार पर एक टीम गठित कर विस्तृत जांच कराई जा रही है।

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