कटे हाथ का मामला: पारस अस्पताल पहुंचा हाईकोर्ट, गलत साक्ष्यों पर रिपोर्ट दर्ज करने का आरोप, CP ने कही ये बात
Kanpur News: आईटीबीपी जवान की मां का हाथ कटने के मामले में आरोपी अस्पताल प्रबंधन ने हाईकोर्ट में एफआईआर खारिज कराने की याचिका दी है। पुलिस ने मामले में 800 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है।
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कानपुर में फतेहपुर निवासी आईटीबीपी जवान विकास सिंह की मां का हाथ कटने का मामला हाईकोर्ट तक पहुंच गया है। मामले में आरोपी पारस अस्पताल प्रबंधन ने कोर्ट में एफआईआर खारिज करने की अपील की है। प्रबंधन ने पुलिस कमिश्नर, वादी समेत चार लोगों पर आरोप लगाया है कि गलत तथ्यों और सुबूत के आधार पर अस्पताल प्रबंधन, उनके डॉक्टरों व कर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
मामला हाईकोर्ट पहुंचने की जानकारी के बाद रेल बाजार पुलिस अब विधिक राय ले रही है। बता दें कि जवान विकास की मां निर्मला देवी का दायां हाथ टाट मिल के कृष्णा अस्पताल और बिठूर स्थित पारस अस्पताल की लापरवाही से 17 मई को काटना पड़ा था। इसके बाद पारस अस्पताल प्रबंधन ने कटा हाथ उसे थमा दिया था। वही हाथ लेकर विकास पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंच गया था।
800 पन्नों की चार्जशीट भी लगा दी थी
इसके बाद रेल बाजार थाना पुलिस ने 25 मई को दोनों अस्पतालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। इसके बाद विवेचना कर 800 पन्नों की चार्जशीट भी 12 जून के आसपास लगा दी थी। चार्जशीट में दोनों अस्पतालों के प्रबंधन, डॉक्टर और कर्मियों समेत नौ लोगों को आरोपी बनाया था। उधर, पारस अस्पताल प्रबंधन अपने बचाव मेें हाईकोर्ट चला गया।
मामले में दो बार सुनवाई भी हो चुकी है
एक जून को हाईकोर्ट में अस्पताल प्रबंधन की ओर से प्रदेश सरकार, कानपुर पुलिस कमिश्नर, थाना प्रभारी रेल बाजार (विवेचक) और वादी विकास को पार्टी बनाकर एफआईआर खारिज करने की अपील दाखिल कर दी गई। बताया जाता है कि मामले में दो बार सुनवाई भी हो चुकी है। इस बारे में विवेचक व रेल बाजार थाना प्रभारी अमान सिंह का कहना है कि मामले में विधिक राय ली जा रही है।
विकास बोला- किसी का क्या चला गया
मामले में पीड़ित विकास का कहना है कि उसकी मां का हाथ कटा है। किसी का क्या चला गया। पुलिस ने चार्जशीट तो लगा दी लेकिन आरोपी अभी भी पहले की तरह ही अस्पताल में काम कर रहे हैं। चार्जशीट में क्या आरोप लगे हैं उसे अभी तक यह भी नहीं पता। अफसोस तो इस बात का है कि मां का वह हाथ जो कभी आशीर्वाद देने के लिए सिर पर पड़ता था वह अब कभी नहीं मिल सकेगा। पुलिस ने कटा हाथ थाने के मालखाने में रखा हुआ है। कितने दिन सुरक्षित रहेगा, क्या पता।
यह था पूरा मामला
सांस लेने में तकलीफ होने पर विकास ने अपनी मां निर्मला को 13 मई को टाटमिल के कृष्णा अस्पताल में भर्ती कराया था। यहां 14 मई को ही मां का दायां हाथ काला पड़ने लगा। इस पर उन्हें बिठूर के पारस अस्पताल में भर्ती कराया गया। पारस में दो-तीन दिन में स्थिति और बिगड़ गई। ऐसे में 17 मई को मां की जान बचाने के लिए मजबूरन उनका हाथ कटवाना पड़ा। इसके बाद विकास जब कटा हाथ लेकर साथी जवानों को लेकर पुलिस कार्यालय पहुंचा तब मामले में रिपोर्ट दर्ज की गई।
मामले की विवेचना गंभीरता और साक्ष्यों के आधार पर की गई है। सीएमओ की जांच रिपोर्ट भी शामिल है। इसके बाद चार्जशीट लगाई गई है। इसमें आरोपियों के बचाव की कोई गुंजाइश नहीं है। रही बात अस्पताल प्रबंधन के हाईकोर्ट जाने की तो जब कभी कोई जवाब कोर्ट की ओर से मांगा जाएगा तो दिया जाएगा। -रघुबीर लाल, पुलिस कमिश्नर