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मृत मरीजों के नाम रेमडेसिविर जारी कराने का मामला: आउटसोर्सिंग नर्सिंग स्टाफ ने की हड़ताल, मरीज परेशान

Fri, 06 Aug 2021 03:10 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Fri, 06 Aug 2021 03:10 PM IST
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Issue of Remdesivir in the name of dead patients: Outsourcing nursing staff strike, patient upset
आउटसोर्सिंग नर्सिंग स्टाफ ने की हड़ताल - फोटो : amar ujala
कानपुर हैलट में मृत मरीजों के नाम रेमडेसिविर इंजेक्शन जारी कराने के मामले में निष्कासित 23 आउटसोर्सिंग स्टाफ नर्सों और 27 वार्ड बॉय स्वीपर के समर्थन में शुक्रवार को आउटसोर्सिंग कर्मचारियों हड़ताल और प्रदर्शन किया। एसआईसी बिल्डिंग के सामने प्रदर्शन करते हुए नर्सिंग स्टाफ जिंदाबाद  हैलट प्रशासन हमारी नौकरी वापस करो के नारे लगाए गए।
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आउटसोर्सिंग कर्मियों की हड़ताल के चलते इलाज के लिए भर्ती मरीजों को जांच के लिए जाने और एक वार्ड से दूसरे वार्ड में शिफ्ट होने के लिए व्हीलचेयर और स्ट्रेचर को खुद ही खींचना पड़ा। कई मरीज ऐसे थे जिनको व्हीलचेयर और स्ट्रेचर तक नहीं मिला हाथ में ऑक्सीजन सिलिंडर लिए और मरीज को सहारा देते हुए तीमारदार अस्पताल में भटकते रहे। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने बताया कि मृत मरीजों के नाम रेमडेसिविर इंजेक्शन जारी करने के मामले में हमको बलि का बकरा बना कर निष्कासित कर दिया गया है।
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जबकि न्यूरोसाइंस विभाग में रेमडेसिविर इंजेक्शन जारी होने में प्रभारी, ड्यूटी डॉक्टर और फार्मासिस्ट मुख्य जिम्मेदार हैं। हमको केवल मरीजों को दवा और इंजेक्शन देने का निर्देश डॉक्टरों से मिलता है। जांच में परमानेंट स्टाफ को बचाकर आउटसोर्सिंग कर्मियों पर पूरी गाज गिरा दी गई है, जोकि सरासर गलत है। जब तक हमको नौकरी वापस नहीं मिलती है, तब तक हम इसी तरह हड़ताल और प्रदर्शन करते रहेंगे। 
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वार्डों के नर्सिंग चेंबर में रहा सन्नाटा 
आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की हड़ताल के चलते हैं है हैलट के कई वार्डों में नर्सिंग चेंबर में सन्नाटा पसरा रहा। ड्यूटी छोड़ आउटसोर्सिंग नर्सिंग स्टाफ हड़ताल कर रहे साथियों के समर्थन में प्रदर्शन स्थल पर बैठे रहे।

खुद खींची व्हीलचेयर, स्ट्रेचर पकड़ने वाला भी कोई नहीं
हैलट इमरजेंसी और वार्डों में आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से व्हीलचेयर और स्ट्रेचर का संचालन ठप रहा। तीमारदारों ने स्वयं ही मरीजों को व्हीलचेयर और स्ट्रेचर के जरिए एक वार्ड से दूसरे वार्ड और जांच के लिए ले जाने का काम किया। 

पैसा लेकर भर्ती किए जाने का लगाया आरोप
हैलट अस्पताल से निष्कासित हुए लोगों ने आउटसोर्सिंग कंपनी पर पैसा लेकर नए लोगों को भर्ती किए जाने का आरोप लगाया है। बताया कि गुपचुप तरीके से कंपनी मोटी रकम लेकर नर्सिंग स्टाफ और वार्ड बॉय को भर्ती कर रही है। 

परमानेंट स्टाफ से करा रहे काम, कंपनी देगी मैन पावर
हैलट अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डॉ आरके मौर्या ने बताया कि परमानेंट नर्सिंग स्टाफ को लगाकर काम कराया जा रहा है। जिन लोगों की सेवा समाप्त की गई है उनकी जगह पर कंपनी जल्द ही दूसरे स्टाफ को मुहैया कराएगी।
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