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बांदा: कृषि कानूनों का विरोध फिर गर्माया, सपा सहित कई दलों ने किया प्रदर्शन, बुंदेलखंड इंसाफ सेना ने सिर मुंडाया

Mon, 14 Dec 2020 09:56 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा Published by: शिखा पांडेय Updated Mon, 14 Dec 2020 09:56 PM IST
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Issue of opposition to agricultural laws, Aam Aadmi Party and advocates also protested
बुंदेलखंड इंसाफ सेना ने सिर मुंडाया - फोटो : अमर उजाला
कृषि कानूनों के विरोध का मुद्दा सोमवार को फिर गरमा गया। किसान संगठनों के साथ राजनैतिक दलों ने इसे ज्यादा परवान चढ़ाया। मंडल मुख्यालय सहित कस्बों में सपाइयों ने जगह-जगह धरना-प्रदर्शन किए। किसान संगठनों, आम आदमी पार्टी, अधिवक्ता और बुंदेलखंड इंसाफ सेना इत्यादि संगठन भी आंदोलित रहे।
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गृह मंत्रालय के निर्देश पर पहले से ही आंदोलन के मद्देनजर पुलिस की जबरदस्त तैयारियां की गई थीं। सपा नेताओं को सुबह से ही घरों में नजरबंद कर पुलिस का पहरा बैठा दिया गया। हालांकि कई नेता पुलिस को चकमा देकर प्रदर्शन में शामिल हुए।
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जिलाध्यक्ष विजयकरन यादव, पूर्व जिलाध्यक्ष इमरान अली राजू, बीपी यादव, महासचिव मोहम्मद हनीफ, पूर्व प्रदेश सचिव हसनुद्दीन सिद्दीकी, वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक दीक्षित, नगर पालिका अध्यक्ष मोहन साहू, अशोक सिंह गौर, प्रदीप जड़िया, मनोज वर्मा, आत्माराम यादव, राजेंद्र यादव, वृंदावन वैश्य, आमिर खां, मदन गोपाल कश्यप, मुशीर अहमद फारुकी, उर्मिला वर्मा, अजय चौहान, पीयूष गुप्ता, सत्यनारायण सोनकर, प्रदीप निगम लाला, रईस अहमद, ओम विदित त्रिपाठी, आरिफ फारुकी, शाहिद अली, रामपाल प्रजापति, अनुपम लौहवंशी, महेंद्र सिंह यादव, उमेश यादव भी शामिल रहे। पुलिस से नोकझोंक और झड़प हुई, लेकिन सपाई नहीं हटे। उधर, पूर्व जिलाध्यक्ष शमीम बांदवी और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष शकील अली को उनके आवासों पर पुलिस का पहरा लगाकर नजरबंद रखा गया। वे आंदोलन में नहीं जा सके।
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किसान यूनियन ने सात सूत्री ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा
भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) की चित्रकूटधाम मंडल इकाई के बैनर तले किसानों ने प्रदर्शन कर प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट सुरेंद्र सिंह को दिया। इसमें कृषि कानूनों का विरोध किया। सात सूत्री ज्ञापन में तीनों कृषि कानून वापस लेने, एमएसपी से कम दर पर खरीद को अपराध घोषित करने, किसानों के सभी कर्जों की माफी, अन्ना प्रथा से निजात, फसल बीमा योजना में किसान को इकाई बनाने और मुफ्त बिजली व सिंचाई की मांगें कीं। मंडल अध्यक्ष बैजनाथ अवस्थी, प्रदेश उपाध्यक्ष हरदत्त पांडेय, बलराम तिवारी, रामदास साहू, बिंदा सिंह परिहार, करण सिंह, राजाबाई, धर्मराज सिंह, सरोज, महेंद्र सिंह, मेवालाल, सज्जन, कमलनयन सिंह आदि शामिल रहे।

किसानों को आतंकी बताने वाले मंत्री को करें बर्खास्त
आम आदमी पार्टी ने कृषि कानूनों का विरोध करते हुए सोमवार को कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर धरना दिया। प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय के मोहम्मद अशरफ को सौंपा। ज्ञापन में कहा कि आम आदमी पार्टी किसान आंदोलन को पूरी तरह समर्थन दे रही है। मांग की कि किसानों को आतंकवादी और खालिस्तानी बताने वाले हरियाणा सरकार के मंत्री को मंत्रिमंडल से बर्खास्त किया जाए। ऐसे बेतुके और गैर जिम्मेदार बयान देने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए। ज्ञापन देने वालों में जिलाध्यक्ष अवधेश कुमार सिंह, सचिव अवधेश कुमार गुप्ता, जितेंद्र चौहान, रामनरेश यादव उर्फ पिंटू, हिमांशु गुप्ता, संदीप पांडेय, जीतू सिंह, संतोष गुप्ता आदि शामिल रहे।

बुंदेलखंड इंसाफ सेना ने सिर मुंडाया
कृषि कानूनों को काला कानून बताते हुए सोमवार को बुंदेलखंड इंसाफ सेना ने भी विरोध जताया। बांदा-बबेरू मार्ग पर अहार गांव के बस स्टाप में संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एएस नोमानी की अध्यक्षता में धरना देकर सिर मुंडन कराया गया। अध्यक्ष ने मांग की कि 20 दिनों से दिल्ली के बार्डर पर आंदोलन कर रहे किसानों में 11 की मौत हो चुकी है। तमाम ठंड में बीमार हो रहे हैं। सरकार किसानों के प्रति बेरहम है। तत्काल किसानों से बातचीत कर उनकी मांगें मानी जानी चाहिए। मुंडन और धरने में जुगुल किशोर, रामसिंह पटेल, अमित पटेल, ओमप्रकाश यादव, धर्मेंद्र कुमार, सद्दाम शाह, भाऊ जी, दिनेश कुमार निषाद आदि शामिल रहे।

अधिवक्ताओं ने भी की किसानों की वकालत
कृषि कानूनों के विरोध और आंदोलनकारी किसानों के समर्थन में अधिवक्ताओं ने भी प्रदर्शन कर राष्ट्रपति को नौ सूत्री मांग पत्र भेजा। कलक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन के बाद सौंपे ज्ञापन में कृषि कानूनों की वापसी, एमएसपी से कम कीमत पर खरीद करने वाले आढ़तियों या अन्य खरीददारों तथा विचौलियों पर आपराधिक मुकदमे, डीजल पर 50 फीसदी छूट, निजी नलकूपों को मुफ्त बिजली, किसानों का मेडिकल बीमा, आंदोलन में किसानों पर लगाए गए मुकदमों की वापसी और आंदोलन के दौरान मृतक किसानों के परिवारों को 50 लाख रुपये तथा घायलों को 5 लाख रुपये दिए जाने की मांग की। प्रदर्शनकारी अधिवक्ताओं में अशोक दीक्षित, राममिलन सिंह पटेल, भूपत बाबू यादव, श्यामसुंदर सिंह राजपूत, चित्र प्रकाश यादव, अभिलाष यादव, सतीशचंद्र, कमल सिंह गौतम इत्यादि शामिल रहे।

जन अधिकार पार्टी ने सरकारों को नाकाम बताया
जन अधिकार पार्टी और भागीदार संकल्प मोर्चा ने संयुक्त प्रदर्शन कर केंद्र और प्रदेश सरकार पर कानून व्यवस्था और महंगाई पर लगाम लगा पाने में नाकाम बताया। कहा कि अपराध बेतहाशा बढ़े हैं। पेट्रोल-डीजल की कीमतें आसमान छू रही हैं। दूसरी तरफ क्रीमी लेयर व्यवस्था लागू की जा रही है। सोमवार को कलक्ट्रेट में प्रदर्शन के बाद राष्ट्रपति को संबोधित 10 सूत्री मांगपत्र सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय में सौंपा।

ईंधन की बढ़ी कीमतों की वापसी, पिछड़ों, दलित, अल्पसंख्यकों की हत्या और उत्पीड़न पर रोक, मजदूरों को 15 हजार रुपये एक मुश्त और 7500 प्रतिमाह की मदद, पिछड़ा वर्ग छात्रों को छात्रवृत्ति सहित अन्ना प्रथा और किसानों के बकाया भुगतान की मांगें की गईं। ज्ञापन देने वालों में मंडल अध्यक्ष गिरधारी लाल कुशवाहा सहित महेंद्र पाल वर्मा राजू, घनश्याम कुशवाहा, रविकरन कुशवाहा, अमित कुमार, संतोष कुमार, विनय कुमार सिंह, नवल किशोर, राजेंद्र आदि शामिल रहे।
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