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यूपी: टेनरियों की जांच का अब नया तरीका, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने तैयार की नई गाइडलाइन
Sat, 08 Jun 2019 10:48 AM IST
शिखा पांडेय
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sat, 08 Jun 2019 10:48 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : गूगल
प्रदेश सरकार ने कानपुर के जाजमऊ की टेनरियों की तालाबंदी खोलने से पहले टेनरियों और गंगा को प्रदूषण से मुक्त रखने के लिए नई गाइडलाइन तैयार की है। इसे हरी झंडी देने के संबंध में पर्यावरण और प्रदूषण मंत्रालय की शासन स्तर पर एक बैठक शुक्रवार को लखनऊ में हुई। इसमें नई गाइड लाइन बनाने वाली कमेटी ने इसे शासन का सौंप दिया। अब इस गाइड लाइन पर दो स्तर से मंथन होने के बाद उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) के चेयरमैन की संस्तुति के बाद जारी किया जाएगा।
शासन स्तर की कमेटी के जरिए बनाई गई नई गाइड लाइन में टेनरियों में मौजूद संसाधनों की नए सिरे से जांच की जाएगी। टेनरियों से निकलने वाले प्रदूषित पानी की मात्रा किस तरह से कम हो सकती है, इस पर विशेष जोर दिया गया है। जांच के दौरान टेनरियों में बिजली की खपत को भी देखा जाएगा। यदि टेनरी में निर्धारित क्षमता से अधिक बिजली की खपत हो रही है तो उस पर जुर्माने की कार्रवाई के साथ उसका लोड भी कम कराया जाएगा। बताया कि नई गाइड लाइन में करीब दस बिंदु रखे गए हैं।
इसकी निगरानी भी 24 घंटे की जाएगी। कहा जा रहा है कि कुछ टेनरियां स्थायी रूप से बंद भी हो सकती हैं। इस गाइडलाइन में गंगा को प्रदूषण से बचाने के लिए भी सभी उपाय किए गए हैं, ताकि सीवरेज और टेनरियों को पानी गंगा में न जाने पाए। फिलहाल पूरी गाइड लाइन प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मेंबर सेक्रेटरी के पास संस्तुति के लिए भेजी गई है। इसके बाद बोर्ड चेयरमैन के जरिए इसे जारी किया जाएगा।
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शासन स्तर की कमेटी के जरिए बनाई गई नई गाइड लाइन में टेनरियों में मौजूद संसाधनों की नए सिरे से जांच की जाएगी। टेनरियों से निकलने वाले प्रदूषित पानी की मात्रा किस तरह से कम हो सकती है, इस पर विशेष जोर दिया गया है। जांच के दौरान टेनरियों में बिजली की खपत को भी देखा जाएगा। यदि टेनरी में निर्धारित क्षमता से अधिक बिजली की खपत हो रही है तो उस पर जुर्माने की कार्रवाई के साथ उसका लोड भी कम कराया जाएगा। बताया कि नई गाइड लाइन में करीब दस बिंदु रखे गए हैं।
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इसकी निगरानी भी 24 घंटे की जाएगी। कहा जा रहा है कि कुछ टेनरियां स्थायी रूप से बंद भी हो सकती हैं। इस गाइडलाइन में गंगा को प्रदूषण से बचाने के लिए भी सभी उपाय किए गए हैं, ताकि सीवरेज और टेनरियों को पानी गंगा में न जाने पाए। फिलहाल पूरी गाइड लाइन प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मेंबर सेक्रेटरी के पास संस्तुति के लिए भेजी गई है। इसके बाद बोर्ड चेयरमैन के जरिए इसे जारी किया जाएगा।
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नई गाइड लाइन कमेटी में पांच सदस्य
टेनरियों के लिए गाइड लाइन बनाने वाली कमेटी में प्रदूषण नियंत्रण बौर्ड के पांच अधिकारियों को रखा गया है। जिसमें बोर्ड के तीनों जोन के मुख्य अभियंताओं के अलावा उन्नाव और कानपुर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी भी शामिल हैं।
गंगा की गुणवत्ता बनाए रखने की कवायद
कानपुर और इसके आसपास के क्षेत्रों में गंगाजल की गुणवत्ता को बनाए रखने के लिए उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने नई गाइड लाइन तैयार की है। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तरफ से बोर्ड को यह सख्त हिदायत है कि बंद टेनरियों को खोले जाने से पहले ये पूरी तरह सुनिश्चित होना चाहिए कि गंगा पूर्णतया टेनरियों और नालों के प्रदूषित पानी से मुक्त रहेंगी।
टेनरियों के लिए गाइड लाइन बनाने वाली कमेटी में प्रदूषण नियंत्रण बौर्ड के पांच अधिकारियों को रखा गया है। जिसमें बोर्ड के तीनों जोन के मुख्य अभियंताओं के अलावा उन्नाव और कानपुर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी भी शामिल हैं।
गंगा की गुणवत्ता बनाए रखने की कवायद
कानपुर और इसके आसपास के क्षेत्रों में गंगाजल की गुणवत्ता को बनाए रखने के लिए उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने नई गाइड लाइन तैयार की है। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तरफ से बोर्ड को यह सख्त हिदायत है कि बंद टेनरियों को खोले जाने से पहले ये पूरी तरह सुनिश्चित होना चाहिए कि गंगा पूर्णतया टेनरियों और नालों के प्रदूषित पानी से मुक्त रहेंगी।