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सिंचाई विभाग का अतिक्रमण अभियान फिर पानी में: फोर्स का इंतजार करते रहे अधिकारी, दो साल में पांचवीं बार नहीं चला अभियान

Wed, 18 May 2022 07:28 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Wed, 18 May 2022 07:28 AM IST
सार

सिंचाई विभाग की जमीनों पर अवैध कब्जे खाली कराने का अभियान पर एक बार फिर पानी में चला गया। पुलिस न मिलने की वजह से पांचवीं बार कब्जों के खिलाफ अभियान नहीं चल सका। खास बात यह थी कि डीएम के निर्देश के बाद अभियान की रणनीति बनाई गई थी। इसके बाद भी लापरवाही बरती गई। 

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Irrigation Department's encroachment campaign again in water, officers kept waiting for the force
सांकेतिक - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

कानपुर में पनकी नहर की भूमि पर अवैध कब्जे हटाने का सिंचाई विभाग का अभियान एक बार फिर फुस हो गया। सिंचाई विभाग के अफसर पांच घंटे तक पनकी थाने में बैठे फोर्स का इंतजार करते रहे। फोर्स नहीं मिली, तो फिर डीएम के पास पहुंचे। मंगलवार को अभियान पनकी बड़ी नहर से अर्मापुर तक चलना था। अवैध कब्जे हटाने का अभियान पूर्व घोषित था, इसके बाद भी पुलिस नहीं मिल पाई। दो साल में यह पांचवां मौका है, जब पुलिस न मिलने की वजह से अभियान नहीं चल सका। 

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सिंचाई विभाग की भूमि पर 17 स्थानों पर 40 हजार अवैध कब्जे हैं। लोगों नेे दो-तीन मंजिला पक्के मकान बना लिए हैं। इसके अलावा व्यापारिक प्रतिष्ठान भी हैं। जैसे ही सिंचाई विभाग अवैध कब्जे हटाने की रणनीति बनाता है। विरोध शुरू हो जाता है। राजनीतिक दलों के अलावा अधिकारी भी अभियान को लेकर सक्रिय हो जाते हैं। विधायक भी वोट बैंक के चक्कर में विरोध करने लगते हैं। मंगलवार को सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता अजय राय की अगुवाई में टीम अवैध कब्जे गिराने पहुंची। 

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पुलिस के न आने पर सुबह 11 बजे पनकी थाने पहुंच गए। विभाग के अधिकारी शाम चार बजे तक बैठे रहे। इसके बाद डीएम को स्थिति से अवगत कराने के लिए कलक्ट्रेट पहुंचे। सहायक अभियंता राय ने बताया कि अवैध कब्जा करके पक्के निर्माण किए गए। इन्हें गिराने में वक्त लगेगा। चार-पांच सिपाहियों से काम नहीं चलेगा। अभियान चलाने के लिए पीएसी जरूरी है। डीएम से पुलिस फोर्स के साथ पीएसी की व्यवस्था कराने की मांग करेंगे।

फोर्स न मिलने की बात निराधार है। पर्याप्त पुलिस बल को अभियान में शामिल होने के लिए थाने बुलाया गया था, लेकिन सिंचाई विभाग की टीम पहले ही चली गई थी। -अंजन कुमार सिंह, पनकी इंस्पेक्टर

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