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इरफान सोलंकी प्रकरण: झोपड़ी में पेट्रोल से लगाई थी आग, घटनास्थल के आसपास ही थे मौजूद, ये हैं पुख्ता सुबूत

Sun, 04 Dec 2022 08:36 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Sun, 04 Dec 2022 08:36 AM IST
सार

ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर ने प्रेसवार्ता कर आरोपियों के खिलाफ सुबूत गिनाए हैं। पुलिस का दावा है कि वारदात के वक्त आरोपियों की घटनास्थल पर मौजूदगी थी। तकनीकी साक्ष्य भी जांच में शामिल हैं। वहीं, फर्जी आधार मामले में भी ठोस सुबूत होने का दावा है।  

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Irfan Solanki Case, The hut was set on fire with petrol, there was presence around the scene
इरफान सोलंकी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कानपुर में जाजमऊ डिफेंस कॉलोनी स्थित प्लाट की जिस झोपड़ी को जलाने के मामले में विधायक इरफान सोलंकी पर रिपोर्ट दर्ज हुई है, उस झोपड़ी में आग पेट्रोल से लगाई गई थी। पुलिस ने यह खुलासा फोरेंसिक जांच के आधार पर किया है। इससे पहले विधायक ने आतिशबाजी की चिंगारी से आग लगने की बात कही थी।

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ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर आनंद प्रकाश तिवारी ने शनिवार को प्रेसवार्ता में दावा किया कि फोरेंसिक जांच में विधायक की बात गलत साबित हुई है। आगजनी में पेट्रोल का इस्तेमाल किया गया है। उन्होंने दावा किया कि आगजनी व फर्जी दस्तावेज तैयार कर फरार होने के केस में आरोपियों के खिलाफ फोरेंसिक, वैज्ञानिक व तकनीकी सुबूत उपलब्ध हैं।
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इसी महीने चार्जशीट दाखिल की जाएगी। बता दें जाजमऊ डिफेंस कालोनी निवासी नजीर फातिमा ने आठ नवंबर को सपा विधायक इरफान सोलंकी, उनके भाई रिजवान व 55 अज्ञात पर केस दर्ज कराया था। आरोप लगाया था कि प्लाट पर कब्जा करने के लिए इन सभी ने झोपड़ी में आग लगा दी। रंगदारी भी मांगी।

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पुलिस इस केस की जांच कर ही रही थी कि सामने आया कि इरफान ने अशरफ अली के नाम से आधार कार्ड बनवाया। इसके जरिये दिल्ली से मुंबई तक का हवाई सफर किया। इस प्रकरण में ग्वालटोली थाने में केस दर्ज किया गया। विधायक, रिजवान समेत छह आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं।

घटनास्थल के आसपास ही थी मौजूदगी
जेसीपी ने बताया कि जाजमऊ की घटना की जांच के दौरान सर्विलांस टीम ने तफ्तीश की। कई नंबरों की लोकेशन व कॉल डिटेल निकाली गई। इससे पता चला कि घटना के वक्त आरोपी इरफान व रिजवान की लोकेशन घटनास्थल के आसपास ही थी। कुछ अहम गवाह भी हैं। यही नहीं घटना के बाद महिला ने कई लोगों को कॉल की।

जालसाजी के केस में ये हैं पुख्ता सुबूत
ज्वाइंट सीपी ने बताया कि दिल्ली व मुंबई एयरपोर्ट से विधायक के सीसीटीवी फुटेज जुटाए गए हैं। एयरलाइंस के जरिये जो विवरण मिला है, उससे साफ हुआ कि अशरफ अली ने उस फ्लाइट से सफर किया था। वह अशरफ अली नहीं बल्कि इरफान सोलंकी थे।

ये साक्ष्य बहुत मजबूत हैं। वहीं जिन लोगों ने विधायक की मदद की, उनके खिलाफ पुख्ता साक्ष्य हैं। जैसे टिकट का भुगतान करना। टिकट नूरी शौकत की आईडी से किया गया है। मुंबई एयरपोर्ट पर विधायक को उनके सालों ने रिसीव किया। इसका भी फुटेज हैं।

सिम व मोबाइल बदला, बदलती गई लोकेशन
सर्विलांस टीम ने एक डाटा निकाला है। इससे सामने आया कि विधायक ने एक के बाद एक कई सिम व मोबाइल बदले। जब इन नंबरों की लोकेशन ली, तो वह बदलती गई। लखनऊ, कानपुर, दिल्ली, मुंबई और हैदराबाद लोकेशन मिली।

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