इरफान सोलंकी प्रकरण: इजराइल और शरीफ सपा विधायक के हैं गुर्गे, गैंगस्टर मामले में पुलिस की चार्जशीट तैयार
जिसका मैनेजमेंट शौकत अली करता था। जाजमऊ में नजीर फातिमा के घर आगजनी के मामले में विधायक इरफान सोलंकी और उनके भाई रिजवान की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने सपा नेत्री के पिता शौकत अली, हिस्ट्रीशीटर इजराइल आटे वाला और हिस्ट्रीशीटर मोहम्मद शरीफ को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। पुलिस ने पांचों पर गैंगस्टर एक्ट का मुकदमा दर्ज किया था।
पुलिस का कहना है कि पांचों गिरोह बनाकर जमीन कब्जाने और लोगों से वसूली का खेल चला रहे थे। चार्जशीट में पुलिस ने बताया कि है विधायक अपने सहयोगी हिस्ट्रीशीटर इजराइल आटे वाला और मोहम्मद शरीफ के जरिये विवादित प्लाटों पर कब्जा करते थे। इसके बाद उस जमीन पर अवैध रूप से इमारत खड़ी करते थे।
इसमें रुपये विधायक और उनके भाई रिजवान लगाते थे। जिसका प्रबंधन सपा नेत्री के पिता शौकत अली करते थे। विधायक ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए शहर और आसपास के जिलों में करोड़ों की संपत्ति तैयार की है। जिसका ब्योरा तैयार किया जा रहा है। गैंगस्टर मामले की जांच इंस्पेक्टर फीलखाना कर रहे हैं। ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर आनंद प्रकाश ने बताया कि चार्जशीट तैयार कर ली गई है, आरोपियों की संपत्तियों का ब्योरा एकत्र किया जा रहा है।
ड्राइवर अम्मार इलाही को हाईकोर्ट से मिली जमानत
फर्जी आधार कार्ड के जरिये सपा विधायक इरफान सोलंकी के हवाई यात्रा करने के मामले में ग्वालटोली थाने में दर्ज धोखाधड़ी के मुकदमे में आरोपी सपा नेत्री नूरी शौकत के ड्राइवर अम्मार इलाही उर्फ अली को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। अम्मार 30 नवंबर 2022 से जेल में बंद है। दो जमानतों और निजी बंधपत्र दाखिल करने पर हाईकोर्ट ने अम्मार को रिहा करने के आदेश दे दिए हैं।
जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान तर्क रखा गया कि अम्मार ड्राइवर है। मालिक के कहने पर वह गाड़ी में किसी को भी बैठाकर लाता और ले जाता है। यह उसकी नौकरी का हिस्सा है। अम्मार का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। अम्मार जमानत मिलने पर शर्तों का पालन करेगा। विवेचना और न्यायिक कार्यवाही में पूरा सहयोग करेगा। वहीं सरकार की ओर से अम्मार के अपराध को गंभीर बताकर जमानत का विरोध किया गया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायमूर्ति अजय भनोट ने अम्मार की जमानत मंजूर कर ली।