Irfan Solanki Case: इरफान-रिजवान की जमानत अर्जी पर सुनवाई अब 13 दिसंबर को
कानपुर में जाजमऊ आगजनी मामले में आरोपी सपा विधायक इरफान सोलंकी और उनके भाई रिजवान की जमानत अर्जी पर सुनवाई अब 13 दिसंबर को होगी। विवादित जमीन के मालिकाना कब्जे को लेकर उठे सवाल पर जिला जज संदीप जैन ने दीवानी न्यायालय में चल रहे मुकदमे की फाइल तलब कर ली है।
जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान एडीजीसी रवींद्र अवस्थी ने इरफान और रिजवान का आपराधिक इतिहास कोर्ट में रखते हुए कहा कि वादिनी नजीर फातिमा का विवादित भूमि को लेकर केडीए से मुकदमा चल रहा है। नजीर का वर्ष 1986 से प्लाट पर कब्जा है। केडीए ने विनियमितीकरण योजना के तहत कब्जेदारों को ही भूमि का स्वामी बनाने की बात कही थी लेकिन वादिनी को इसका लाभ नहीं मिला। जिसके आधार पर केडीए के खिलाफ दीवानी न्यायालय में मुकदमा भी विचाराधीन है। अदालत में दाखिल दीवानी वाद मुकदमे का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
उन्होंने जमानत की सुनवाई के दौरान दीवानी मुकदमे की फाइल को भी कोर्ट में तलब करने की मांग की। वहीं इरफान के अधिवक्ता नरेश चंद्र त्रिपाठी व कमलेश पाठक ने तर्क रखा कि मुकदमे में केडीए पक्षकार है। केडीए भी सरकारी विभाग है। जमीन की स्थिति का पता लगाने के लिए केडीए अधिकारी को कोर्ट में तलब कर लिया जाए। मार्च 2022 में उक्त जमीन की रजिस्ट्री हो चुकी है। इस आधार पर रिजवान जमीन के मालिक हैं। हम आग क्यों लगवाएंगे। एडीजीसी रवींद्र अवस्थी ने बताया कि दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने दीवानी न्यायालय की फाइल तलब करने के साथ ही अगली सुनवाई के लिए 13 दिसंबर की तारीख नियत कर दी है।