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Bangladeshi Citizen Case: खुफिया एजेंसियां हुईं सक्रिय, अफसरों ने की परिवार से पूछताछ, रॉ को भेजी गई रिपोर्ट

Tue, 13 Dec 2022 06:54 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Tue, 13 Dec 2022 06:54 AM IST
सार

डॉ. रिजवान मोहम्मद और उनके परिवार को पुलिस ने जेल भेज दिया है। जेल भेजते वक्त एलआईयू की टीम सक्रिय रही। उन सभी से एनआईए, आईबी और एटीएस के अधिकारियों ने पूछताछ की है। बता दें कि इन लोगों ने सपा विधायक इरफान सोलंकी और एक पार्षद द्वारा दिए प्रमाण पत्र के आधार पर आधार कार्ड बनवाया था।

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Irfan Solanki Case, Bangladeshi Citizen Case, Intelligence agencies activated, report sent to RAW
bangladeshi citizen case - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कानपुर में चमनगंज पुलिस द्वारा पकड़े गए बांग्लादेशी नागरिक डॉ. रिजवान और उसके परिवार को सोमवार पुलिस ने कोर्ट में पेश किया। जहां से सभी को जेल भेज दिया गया। इधर, खुफिया एजेंसियां भी सक्रिय हो गईं। एजेंसी के अफसरों ने रिजवान मोहम्मद और उसके परिवार से पूछताछ की है।

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इसके साथ ही आरोपियों के सोशल मीडिया और घर से मिले दस्तावेजों की भी जांच की गई। जेल जाने से पहले निगरानी के लिए एलआईयू को भी लगाया गया था। एडीसीपी पूर्वी मनीष सोनकर के नेतृत्व में मूलगंज पुलिस ने रविवार को कुरला बांग्लादेश निवासियों को गिरफ्तार किया है।
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रिजवान मोहम्मद, उसकी पत्नी हिना, ससुर खालिद माजिद, बेटी रुकसार और एक नाबालिग बेटे (17) को गिरफ्तार किया था। यह लोग फर्जी तरीके से वर्ष 2016 से भारत में रह रहे थे। इनके पास से फर्जी जन्म प्रमाण पत्र, पांच फर्जी आधार कार्ड और सात फर्जी पासपोर्ट मिले थे।

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पुलिस ने इनके पास से 14.56 लाख रुपये, 1001 यूएस डॉलर, जेवरात, सोने के बिस्किट के टुकड़े और कुल 13 पासपोर्ट बरामद किए थे। आरोपी परिवार को सपा विधायक इरफान सोलंकी और पार्षद मन्नू रहमान ने यहां का मूल निवासी होने का प्रमाण पत्र दिया था।

पुलिस ने आरोपी से पूछताछ के बाद परिवार के चार सदस्यों को जेल भेज दिया। वहीं रिजवान के नाबालिग बेटे को बच्चा जेल भेजा गया है। जेल भेजने से पहले लखनऊ से आए एटीएस, एनआईए व आईबी के अफसरों ने आरोपियों से पूछताछ की।

साथ ही उनके पास से मिले दस्तावेजों को देखा।  पुलिस सूत्रों के मुताबिक एनआईए के अफसर ही इस मामले में रिपोर्ट तैयार कर केंद्र में शासन को भेजेंगे। वहीं रिपोर्ट रॉ को भी भेज दी जाएगी।

व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम चैट कराए जाएंगे रिकवर
सुरक्षा एजेंसियों ने रिजवान मोहम्मद के मोबाइल और सोशल मीडिया एकाउंट की भी जांच की है। उसमें व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम चैट से कई मैसेज डिलीट मिले हैं, जिन्हें रिकवर कराया जाएगा। वहीं कुछ विदेशियों से बातचीत के मैसेज एजेंसी के अधिकारियों को मिल गए हैं।

विधायक सोलंकी के प्रमाणपत्र पर बने थे भारतीय
 बता दें कि डॉ. रिजवान मोहम्मद और उसके परिवार ने सपा विधायक इरफान सोलंकी और एक पार्षद द्वारा दिए प्रमाण पत्र के आधार पर आधार कार्ड बनवाया था। ऐसे में विधायक इरफान की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। जांच के बाद इस मामले में भी पुलिस उन्हें आरोपी बना सकती है।

सोमवार को मूलरूप से बांग्लादेश के कुरला निवासी डॉ. रिजवान मोहम्मद, उसकी पत्नी हिना, ससुर खालिद, बेटी रुखसार, एक नाबालिग बेटे (17) को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। परिवार का एक युवक मोहम्मद अदीब लापता है। यह लोग वर्ष 2016 से यहां छिपकर रह रहे थे। जासूसी मामले में भी इनकी जांच की शुरू की गई है।

13 पासपोर्ट, पांच आधार कार्ड बरामद
गिरफ्तार किए गए लोगों के पास से 14 लाख, 56 हजार 400 रुपये की भारतीय मुद्रा, 25 लाख के जेवरात, 13 पासपोर्ट, पांच फर्जी आधार कार्ड इसके अलावा विदेशी मुद्रा भी बरामद हुई है।

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