Kanpur: रंगदारी मामले में इरफान-रिजवान को मिली जमानत, अन्य मुकदमों के कारण नहीं हो सकेगी जेल से रिहाई
Kanpur News: इरफान का नौ मुकदमों का पुराना आपराधिक इतिहास था और इस मुकदमे के बाद नौ और मुकदमे दर्ज हुए हैं। वहीं, रिजवान के खिलाफ पहले दो मुकदमे दर्ज थे इसके बाद पांच और मुकदमे दर्ज हुए हैं।
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रंगदारी मामले में आरोपी पूर्व सपा विधायक इरफान सोलंकी और उनके भाई रिजवान सोलंकी को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। न्यायमूर्ति राजबीर सिंह ने दोनों को दो-दो जमानतें व निजी मुचलके दाखिल करने पर रिहा करने के आदेश कर दिए हैं। हालांकि, आगजनी मामले में सजा सुनाए जाने व अन्य मुकदमों के कारण दोनों की जेल से रिहाई अभी नहीं हो सकेगी।
अनवरगंज फूलवाली गली निवासी सामाजिक कार्यकर्ता अकील अहमद ने 6 दिसंबर 2022 को जाजमऊ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप लगाया था कि तत्कालीन विधायक इरफान सोलंकी के बुलाने पर पांच नवंबर की रात को वह रिजवान के घर पर पहुंचा तो सभी ने दस लाख रुपये रंगदारी। हर जमीन के हिसाब से 10 से 15 प्रतिशत विधायकी का टैक्स मांगा, अवैध असलहे दिखाकर डराया और जान से मारने की धमकी दी।
मुख्य गवाहों की गवाही भी हो चुकी है
अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित ने बताया कि मुकदमे में इरफान सोलंकी, रिजवान सोलंकी और तत्कालीन पार्षद मुर्सलीन खां उर्फ भोलू के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट भेजी गई थी। एमपीएमएलए लोअर कोर्ट में मुकदमे की सुनवाई चल रही है। मुर्सलीन खां को पहले ही जमानत मिल चुकी थी। इरफान और रिजवान की ओर से जमानत याचिका हाईकोर्ट में दाखिल की गई थी। तर्क रखा गया कि विवेचना पूरी हो गई है, चार्जशीट दाखिल हो चुकी है, कोर्ट में ज्यादातर मुख्य गवाहों की गवाही भी हो चुकी है।
इरफान व रिजवान की जमानत याचिका स्वीकार
इरफान का नौ मुकदमों का पुराना आपराधिक इतिहास था और इस मुकदमे के बाद नौ और मुकदमे दर्ज हुए हैं। वहीं, रिजवान के खिलाफ पहले दो मुकदमे दर्ज थे इसके बाद पांच और मुकदमे दर्ज हुए हैं। जमानत याचिका का विरोध करते हुए अभियोजन की ओर से तर्क रखा गया कि इरफान, रिजवान के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की गई है। आगजनी के एक मुकदमे में दोनों को 3 जून 2024 को सेशन कोर्ट ने दोषसिद्ध कर सजा भी सुनाई है। सजा को स्थगित करने की मांग भी खारिज की जा चुकी है। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने इरफान व रिजवान की जमानत याचिका स्वीकार कर ली है।