आईपीएस सुरेंद्र कुमार दास के सुसाइड मामले में उनके घर और ससुराल वालों को क्लीन चिट मिल गई है। तीन महीने तक चली जांच में एसपी ने पाया कि सुरेंद्र कुमार दास शादी के बाद परिवार और ससुराल वालों के बीच सामंजस्य नहीं बैठा पा रहे थे। इसी के चलते वह डिप्रेशन में रहते थे। खुदकुशी के पीछे यही वजह रही।
इस मामले परिवार और ससुराल के बीच आईपीएस की गृहस्थी के सामान के बंटवारे को लेकर खींचतान सामने आई थी। इसके बाद दोनों परिवारों ने आपसी सहमति के साथ सामान बांट लिया था। एसपी के मुताबिक जांच में खुदकुशी के लिए कोई जिम्मेदार नहीं पाया गया।
पारिवारिक विवाद में आईपीएस डिप्रेशन में रहते थे। उन्होंने एकाएक खुदकुशी का फैसला नहीं लिया था। जहर खाने के कई दिन पहले से वह सोशल मीडिया में मौत का आसान तरीका खोजने की तलाश करते रहे। इसके बाद उन्होंने यह कदम उठाया था।
एसपी पश्चिम ने सुरेंद्र कुमार दास के मोबाइल फोन रिकार्ड, सुसाइड नोट, व्हाट्सएप मैसेज, डॉयरी को देखा। आईपीएस के सरकारी आवास में तैनात रहे कर्मचारियों, पुलिसकर्मियों से बातचीत कर उनके बयान दर्ज किए।
आईपीएस के भाई नरेंद्र दास, मां व परिवार के अन्य लोगों के साथ ही उनकी पत्नी डॉ. रवीना सिंह, ससुर डॉ. रावेंद्र सिंह और सास के अलग-अलग बयान दर्ज किए।