इन्वेस्टर्स समिट: कानपुर के उद्यमी भी निवेश को उत्साहित, 70 हजार करोड़ के एमओयू साइन
जिला स्तरीय इन्वेस्टर्स समिट में करीब 400 उद्यमियों ने भागीदारी की, जिन्होंने 70 हजार करोड़ के एमओयू साइन किए। वहीं, यूपीसीडा द्वारा 11819 करोड़ और एमएसएमई में 9229 करोड़ का निवेश किया जाएगा।
विस्तार
प्रदेश में देश, विदेश के साथ ही कानपुर के निवेशक भी निवेश के लिए खासे उत्साहित हैं। रविवार को कानपुर के मर्चेंट चेंबर सभागार में आयोजित जिला स्तरीय इन्वेस्टर्स समिट में 400 स्थानीय उद्यमी निवेशकों ने गर्मजोशी के साथ हिस्सा लिया। कार्यक्रम में 70 हजार करोड़ के एमओयू साइन किए गए।
यही नहीं 31 बड़े निवेशकों व उद्यमियों को प्रशस्ति पत्र, शाल व प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम में यूपीसीडा, एमएसएमई, हैंडलूम निर्यात व अन्य सेक्टरवार नई योजनाओं का प्रस्तुतिकरण किया गया। इस मौके पर बतौर मुख्य अतिथि औद्योगिक विकास निर्यात प्रोत्साहन मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ मौजूद थे।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन व मुख्यमंत्री के नेतृत्व में वर्ष 2017 से 2022 में उत्तर प्रदेश उत्तम प्रदेश बना है और अब सर्वोत्तम प्रदेश बनने की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि आज इन्वेस्टर्स समिट का पूरे प्रदेश के जिलों में ऐसा माहौल है कि लोग विकास का उत्सव मना रहे हैं।
प्रत्येक जिले में उत्साह है और लोगों के मन में ऐसी भावना जागृत हो गई है कि लोग किसी न किसी सेक्टर में निवेश करना चाहते हैं। इस मौके पर सांसद सत्यदेव पचौरी ने उद्यमियों से अपील करते हुए कहा कि जो भी एमओयू साइन हुए हैं, उनको जल्द से जल्द धरातल पर उतारें।
इससे ज्यादा से ज्यादा लोग उसका लाभ उठा सकेंगे। कार्यक्रम में निदेशक डॉलफिन ग्रुप, आनंद कंपनी ऑफ ग्रुप विश्वनाथ गुप्ता, चेयरमैन, एमडी एमकेयू मनोज गुप्ता, निदेशक लॉर्ड शिवा इंटरनेशनल के सुशील टकरू ने सरकार की योजनाओं की प्रशंसा की।
इससे ज्यादा से ज्यादा लोग उसका लाभ उठा सकेंगे। कार्यक्रम में निदेशक डॉलफिन ग्रुप, आनंद कंपनी ऑफ ग्रुप विश्वनाथ गुप्ता, चेयरमैन, एमडी एमकेयू मनोज गुप्ता, निदेशक लॉर्ड शिवा इंटरनेशनल के सुशील टकरू ने सरकार की योजनाओं की प्रशंसा की।
एक लाख करोड़ तक पहुंचेगा आंकड़ा
यूपीसीडा के सीईओ मयूर महेश्वरी ने बताया कि कार्यक्रम में निवेशकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जिसके चलते 70 हजार करोड़ के एमओयू साइन हुए हैं। इसके अंतर्गत यूपीसीडा द्वारा 11819 करोड़ व एमएसएमई द्वारा 9229 करोड़ का निवेश कराया गया। उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद है कि मुख्य इन्वेस्टर्स समिट में जाते-जाते एक लाख करोड़ तक यह आंकड़ा पहुंचेगा।
न्यू कानपुर सिटी बनाएंगे
प्रदेश के एमएसएमई मंत्री राकेश सचान ने कहा कि कानपुर उद्योग नगरी के नाम से मशहूर रहा है। इसीलिए यहां उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए लैंड बैंक की व्यवस्था की जा रही है। कानपुर में न्यू कानपुर सिटी बनाना है जिसके लिए जमीन की आवश्यकता होगी। इसका प्रबंध करने की कवायद शुरू हो चुकी है। उन्होंने कहा कि रोजगार को बढ़ावा देने के लिए सरकार हर सेक्टर में कार्य कर रही है और प्रोत्साहन दे रही है।
लघु-सूक्ष्म उद्योगों को बल मिले, तो निवेश बढ़ेगा
4979 करोड़ रुपये का निवेश करने वाले और कानपुर-लखनऊ के बीच 140 एकड़ में आईटी सिटी बनाने वाले शहर के बिल्डर और आनंद ग्रुप ऑफ कंपनीज के निदेशक विश्वनाथ गुप्ता ने बताया कि वह इस जमीन पर टाउनशिप बनाना चाहते थे, लेकिन कनेक्टिविटी न होने से यह योजना 12 सालों से लंबित थी।
यूूपी सरकार आईटी नीति लाई, तो इसे बनाना संभव हो रहा है। अगर सरकार शहर में लघु और सूक्ष्म उद्योगों को इसी तरह बैंक, प्रशासनिक और राननीतिक बल मिले तो कल्पना नहीं की जा सकती है कि कितना निवेश होगा। वजह है कि कानपुर के खून में व्यापार है।
डिफेंस कॉरिडोर में जमीन मिले तो हो निवेश
एमकेयू ग्रुप के चेयरमैन और फिक्की के प्रदेश अध्यक्ष मनोज गुप्ता ने कहा कि साढ़ में बन रहे डिफेंस कॉरिडोर में उद्यमियों को जमीन उपलब्ध कराई जानी चाहिए। यहां पर आर्डनेंस फैक्ट्रियां हैं और यह डिफेंस का हब है। कॉरिडोर में अधिकतर जमीन को अडानी ग्रुप ने खरीदा है। कुछ उनकी और दो-तीन उद्यमियों की जगह है। अगर जमीन मिले तो फैक्ट्रियां लगेंगी। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट यूपी और कानपुर के लिए बड़ी उम्मीद है।
टेक्सटाइल इंडस्ट्री के लिए फ्लैटेड फैक्टरी बनाने को जमीन मिले
लॉर्ड शिवा इंटरनेशनल ग्रुप के सुशील टकरू ने कहा कि टेक्सटाइल इंडस्ट्री के लिए फ्लैटेड फैक्टरी बेहतरीन योजना है। उन्होंने भी इसमें फैक्ट्री के लिए जगह के लिए आवेदन किया। ऑनलाइन सभी प्रक्रिया पूरी होती गई। नक्शा भी पास हो गया, लेकिन बड़ा काम करने के लिए छह मंजिला फैक्ट्री की जरूरत है, उसके लिए जमीन मिलनी चाहिए। छोटी यूनिट के लिए सरकारी फ्लैटेड फैक्टरी उपयुक्त है।