{"_id":"8e2500f0f7dd48eba62f132588772b0c","slug":"investigation-committee-gave-a-clean-chit-to-junior-doctors-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जूनियर डॉक्टर तो ‘मासूम’, किसी को नहीं मारा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जूनियर डॉक्टर तो ‘मासूम’, किसी को नहीं मारा
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर
Updated Thu, 08 Jan 2015 03:35 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
‘हैलट इमरजेंसी में सोमवार को उन्नाव के एक डिग्री कॉलेज के लेक्चरर और उनकी मां की पिटाई जूनियर डॉक्टरों ने नहीं की थी। उल्टा तीमारदारों ने ही खुद को मारकर घायल कर लिया था। जूनियर डॉक्टरों की कोई गलती नहीं थी।
किसी ने कैंची नहीं मारी। उल्टा तीमारदारों ने ही जूनियर डॉक्टरों से बदसलूकी की थी।’ यह कहना है मामले की जांच के लिए बनाई गई जांच कमेटी का।
जांच कमेटी के अध्यक्ष जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. संजय वर्मा ने कहा कि अंतरिम रिपोर्ट प्रिंसिपल को भेजी जा रही है। तीमारदारों ने जूनियर डॉक्टरों से बदसलूकी की और उल्टे खुद को घायल कर आरोप लगा दिया।
अब वादी पक्ष के बयान लेने के बाद फाइनल रिपोर्ट तैयार की जाएगी। उधर, प्रिंसिपल प्रो. नवनीत कुमार ने कहा कि जांच रिपोर्ट अभी देखी नहीं है। रिपोर्ट देखने के बाद ही कुछ बता सकता हूं।
विज्ञापन
बता दें कि राजेंद्र नगर उरई निवासी रामशंकर श्रीवास्तव (80) को सोमवार सुबह करीब सात बजे परिजन बेहोशी की हालत में हैलट इमरजेंसी ले कर पहुंचे थे। उन्हें मेडिसन विभाग के डॉ. गौरव गुप्ता के अंडर में भर्ती किया गया।
जूनियर डॉक्टर ने राम शंकर को ग्लूकोज की बोतल लगा दी। इसके बाद ब्लड की जांच कराने के लिए लिख दिया। इसी बीच रामशंकर के नाती उन्नाव के गांधी नगर निवासी और डीएसएन कॉलेज, उन्नाव के लेक्चरर आदेश श्रीवास्तव अपनी मां मधुर श्रीवास्तव के साथ हैलट पहुंच गए।
दो बजे के बाद ब्लड रिपोर्ट आने पर इलाज के बाबत आदेश ने जूनियर डॉक्टरों से बात की तो उन्होंने थोड़ी देर में इलाज को कहा। थोड़ी देर बाद कोई नहीं आया तो आदेश फिर जूनियर डॉक्टर के पास गए तो उन्होंने उनकी पिटाई शुरू कर दी।
आदेश की मां मधुर की भी पिटाई हुई। आदेश का आरोप था कि जेआर वन डॉ. चिराग, डॉ. नईम, वार्ड ब्वाय और गार्ड ने पिटाई की, धारदार हथियार से हमला किया और अपहरण कर ले जाने लगे।
सूचना पर पहुंचे प्रिंसिपल प्रो. नवनीत कुमार ने डॉ. चिराग को तत्काल सस्पेंड कर मेडिसिन के विभागाध्यक्ष डॉ. संजय वर्मा, सीएमएस डॉ. सीएस सिंह, डॉ. आरएल महीप और डॉ. आरके मौर्या की जांच कमेटी गठित कर तीन दिन में रिपोर्ट देने को कहा था।
इधर, आदेश की तहरीर पर स्वरूप नगर पुलिस ने जेआर डॉ. चिराग और कई अन्य के खिलाफ धारा 323, 504, 506, 540, 511 के तहत मुकदमा दर्ज किया।
विज्ञापन
किसी ने कैंची नहीं मारी। उल्टा तीमारदारों ने ही जूनियर डॉक्टरों से बदसलूकी की थी।’ यह कहना है मामले की जांच के लिए बनाई गई जांच कमेटी का।
जांच कमेटी के अध्यक्ष जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. संजय वर्मा ने कहा कि अंतरिम रिपोर्ट प्रिंसिपल को भेजी जा रही है। तीमारदारों ने जूनियर डॉक्टरों से बदसलूकी की और उल्टे खुद को घायल कर आरोप लगा दिया।
विज्ञापन
अब वादी पक्ष के बयान लेने के बाद फाइनल रिपोर्ट तैयार की जाएगी। उधर, प्रिंसिपल प्रो. नवनीत कुमार ने कहा कि जांच रिपोर्ट अभी देखी नहीं है। रिपोर्ट देखने के बाद ही कुछ बता सकता हूं।
विज्ञापन
बता दें कि राजेंद्र नगर उरई निवासी रामशंकर श्रीवास्तव (80) को सोमवार सुबह करीब सात बजे परिजन बेहोशी की हालत में हैलट इमरजेंसी ले कर पहुंचे थे। उन्हें मेडिसन विभाग के डॉ. गौरव गुप्ता के अंडर में भर्ती किया गया।
जूनियर डॉक्टर ने राम शंकर को ग्लूकोज की बोतल लगा दी। इसके बाद ब्लड की जांच कराने के लिए लिख दिया। इसी बीच रामशंकर के नाती उन्नाव के गांधी नगर निवासी और डीएसएन कॉलेज, उन्नाव के लेक्चरर आदेश श्रीवास्तव अपनी मां मधुर श्रीवास्तव के साथ हैलट पहुंच गए।
दो बजे के बाद ब्लड रिपोर्ट आने पर इलाज के बाबत आदेश ने जूनियर डॉक्टरों से बात की तो उन्होंने थोड़ी देर में इलाज को कहा। थोड़ी देर बाद कोई नहीं आया तो आदेश फिर जूनियर डॉक्टर के पास गए तो उन्होंने उनकी पिटाई शुरू कर दी।
आदेश की मां मधुर की भी पिटाई हुई। आदेश का आरोप था कि जेआर वन डॉ. चिराग, डॉ. नईम, वार्ड ब्वाय और गार्ड ने पिटाई की, धारदार हथियार से हमला किया और अपहरण कर ले जाने लगे।
सूचना पर पहुंचे प्रिंसिपल प्रो. नवनीत कुमार ने डॉ. चिराग को तत्काल सस्पेंड कर मेडिसिन के विभागाध्यक्ष डॉ. संजय वर्मा, सीएमएस डॉ. सीएस सिंह, डॉ. आरएल महीप और डॉ. आरके मौर्या की जांच कमेटी गठित कर तीन दिन में रिपोर्ट देने को कहा था।
इधर, आदेश की तहरीर पर स्वरूप नगर पुलिस ने जेआर डॉ. चिराग और कई अन्य के खिलाफ धारा 323, 504, 506, 540, 511 के तहत मुकदमा दर्ज किया।