Kanpur PFI Case: पीएफआई के दो सदस्यों से पूछताछ, ATS के आठ घंटे तक ताबड़तोड़ सवाल, जल्द हो सकता है बड़ा खुलासा
Kanpur Crime: पीएफआई प्रकरण में एटीएस ने दो सदस्यों से आठ घंटे तक पूछताछ की। हालांकि देश विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के सुबूत न मिलने पर दोनों को छोड़ दिया गया। जाजमऊ और बजरिया से दोनों को उठाया था। वहीं, अन्य सदस्यों की तलाश में शहर में डेरा डाला है।
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कानपुर के जाजमऊ और बजरिया से रविवार को उठाए गए प्रतिबंधित संगठन पीएफआई (पापुलर फ्रंट ऑफ इंडिया) के दोनों सदस्यों को आठ घंटे की पूछताछ के बाद एटीएस ने छोड़ दिया है। एटीएस मुख्यालय लखनऊ हुई पूछताछ के दौरान देश विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के सुबूत नहीं मिले हैं।
हालांकि तीन संदिग्धों के बारे में जानकारी मिली है। इसके चलते एटीएस की टीम ने इनकी तलाश में शहर में डेरा डाल दिया है। एटीएस ने पूरे प्रदेश में अभियान चलाने के साथ ही पीएफआई के 70 सदस्यों को पूछताछ के लिए उठाया था। इसी कड़ी में बजरिया और जाजमऊ से भी दो संदिग्धों को उठाया था।
सूत्रों के मुताबिक दोनों को लखनऊ स्थित एटीएस के मुख्यालय ले जाया गया था। वहां पर दो अफसरों ने एक प्रोफार्मा बनाकर उनसे पूछताछ की। इसमें नाम-पता, मोबाइल नंबर, कामकाज के बारे में जानकारी भरी गई। इसके बाद उनसे पीएफआई के राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर के पदाधिकारियों के बारे में पूछा।
तीन और लोगों की जानकारी जुटा रही एजेंसी
जब पूछताछ में कोई जानकारी हाथ नहीं लगी, तो दोनों को जाने दिया गया। दोनों संदिग्धों से पूछताछ के बाद एटीएस को तीन और लोगों के बारे में जानकारी मिली है जो वर्तमान में पीएफआई की गतिविधियों में सक्रिय हैं। तीनों व्यापारी बताए जा रहे हैं।
शहर में फिर मजबूत हो रहीं पीएफआई की जड़ें
पीएफआई से जुड़े दो लोगों को हिरासत में लेकर गहन पूछताछ उसके बाद तीन और लोगों की जानकारी मिलना, फिर एटीएस के पास पीएफआई की सभाओं की तारीख की जानकारी कहीं न कहीं ये सिद्ध करती है कि कानपुर में एक बार फिर पीएफआई की जड़े मजबूत हो रही हैं।
जल्द ही कानपुर से होगा बड़ा खुलासा
जिन तीनों संदिग्ध कारोबारियों की बात की जा रही है, वे घनी आबादी वाले इलाकों में रहने वाले हैं। इनके नाम का खुलासा तो एजेंसी ने नहीं किया है। इनके मोबाइल नंबरों की लोकेशन वहीं मिली है,जहां पीएफआई की सभा हो रही थी। लिहाजा टीम को लगाकर इनकी गतिविधियां चेक कराई जा रही हैं। टीम के मुताबिक जल्द ही कानपुर से बड़ा खुलासा होगा।
एक दिन के अभियान में दो संदिग्धों को सशर्त छोड़ा गया है। उनसे कहा गया है कि जब भी उनकी जरूरत पड़ेगी सहयोग लिया जाएगा। -नवीन अरोड़ा, एडीजी एटीएस