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परीक्षा से ठीक पहले फांसी पर झूल गई छात्रा, क्यों कहा मम्मी-पापा को मुझसे बड़ी उम्मीदें हैं
Tue, 12 Feb 2019 07:09 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Tue, 12 Feb 2019 07:09 PM IST
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मेरी परीक्षा की तैयारी ठीक नहीं हुई है। नंबर कम आएंगे। मम्मी-पापा को मुझसे बड़ी उम्मीदें हैं। वह मेरी पढ़ाई पर काफी खर्च कर रहे हैं, लेकिन मैं परीक्षा देना नहीं चाहती। इसलिए जान दे रही हूं। यह लिखकर इंटर की एक छात्रा फांसी पर झूल गई। जिसके बाद पूरे घर में कोहराम मच गया।
कल्याणपुर में सुसाइड नोट में परीक्षा की तैयारी ठीक न होने की बात लिख इंटर की छात्रा गायत्री दिवाकर (17) ने सोमवार देर रात फांसी लगाकर जान दे दी। मंगलवार सुबह परिवार वालों को जानकारी हुई तो कोहराम मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस फोरेंसिक जांच के बाद सुसाइड नोट को कब्जे में लेकर शव पोस्टमार्टम को भेजा।
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कल्याणपुर में सुसाइड नोट में परीक्षा की तैयारी ठीक न होने की बात लिख इंटर की छात्रा गायत्री दिवाकर (17) ने सोमवार देर रात फांसी लगाकर जान दे दी। मंगलवार सुबह परिवार वालों को जानकारी हुई तो कोहराम मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस फोरेंसिक जांच के बाद सुसाइड नोट को कब्जे में लेकर शव पोस्टमार्टम को भेजा।
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दुपट्टे के सहारे पंखे के कुंडे से बहन को लटकता पाया
शिव नगर निवासी फल विक्रेता रामऔतार दिवाकर की इकलौती बेटी गायत्री मंधना के एक कॉलेज में 12वीं की छात्रा थी। मंगलवार दोपहर 2 बजे से उसकी हिंदी प्रथम प्रश्नपत्र की परीक्षा थी। रामऔतार ने बताया कि सोमवार रात 12 बजे पत्नी सुनीता ने बेटी को सोने के लिए कहा तो उसने एक घंटे और पढ़ने की बात कही।
परिवार के सभी लोग सोने चले गए। मंगलवार सुबह छोटा भाई ज्ञानेंद्र मां के कहने पर जगाने कमरे में पहुंचा, जहां दुपट्टे के सहारे पंखे के कुंडे से बहन को लटकता पाया। थाना प्रभारी सतीश कुमार सिंह का कहना है किताब के अंदर से सुसाइड नोट मिला है। छात्रा ने परीक्षा में फेल होने के डर से यह कदम उठाया।
पिता रामऔतार के मुताबिक गायत्री पढ़ने में होशियार थी। उसने हाईस्कूल में 72 फीसद अंक हासिल किए थे। बेटी को पढ़ाकर अफसर बनाने चाहते थे, लेकिन सपना चकनाचूर हो गया। इतना कहकर वह बिलखकर रो पड़े। पोस्टमार्टम हाउस साथ आए परिजनों ने उन्हें संभाला।
परिवार के सभी लोग सोने चले गए। मंगलवार सुबह छोटा भाई ज्ञानेंद्र मां के कहने पर जगाने कमरे में पहुंचा, जहां दुपट्टे के सहारे पंखे के कुंडे से बहन को लटकता पाया। थाना प्रभारी सतीश कुमार सिंह का कहना है किताब के अंदर से सुसाइड नोट मिला है। छात्रा ने परीक्षा में फेल होने के डर से यह कदम उठाया।
पिता रामऔतार के मुताबिक गायत्री पढ़ने में होशियार थी। उसने हाईस्कूल में 72 फीसद अंक हासिल किए थे। बेटी को पढ़ाकर अफसर बनाने चाहते थे, लेकिन सपना चकनाचूर हो गया। इतना कहकर वह बिलखकर रो पड़े। पोस्टमार्टम हाउस साथ आए परिजनों ने उन्हें संभाला।