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JEE: मानस की मेधा का बजा डंका, अब इंजीनियर बन करना चाहते हैं ये खास काम
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Mon, 12 Jun 2017 08:44 AM IST
सार
-जेईई एडवांस में आल इंडिया स्तर पर 55वां रैंक
-हाईकोर्ट के अधिवक्ता पुत्र ने मेधा का परचम लहराया
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जेईई एडवांस परीक्षा में 55वां एआईआर हासिल करने वाला बांदा का छात्र मानस शुक्ला को लड्डू खिलातीं मां व अन्य परिजन
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
यूपीएससी और सीबीएसई तथा यूपी बोर्ड परीक्षा में सफलता के शानदार झंडे गाड़ने के बाद अब जेईई एडवांस परीक्षा में भी बांदा के होनहारों ने अपनी मेधा का डंका बजा दिया। रविवार को घोषित परीक्षा परिणाम में यहां के प्रतिभाशाली मानस शुक्ला ने आल इंडिय रैंक (एआईआर) में 55वां रैंक हासिल किया है। पिता इलाहाबाद हाईकोर्ट में अधिवक्ता हैं। पूरा दिन मानस के घर बधाइयों का तांता लगा रहा। मानस की मंशा इंजीनियर बनकर इंजीनियर बनकर गरीब बच्चों को पढ़ा-लिखा बनाने की है।
यहां शहर के आवास-विकास कालोनी में बी-ब्लाक के 81 नंबर आवास में रविवार को सुबह से ही जश्न का माहौल था। तमाम लोग बधाई देने आ रहे थे। मानस और उसके माता-पिता, भाई-बहन, पड़ोसी सभी का जमघट था। मानस के पिता राकेश कुमार शुक्ला इलाहाबाद हाईकोर्ट में अधिवक्ता हैं। मानस इनका इकलौता बेटा है। दो बेटियां हैं। एक मानस से बड़ी और दूसरी छोटी। बड़ी बेटी नीट की तैयारी कर रही है। वर्ष 2015 में बांदा के सेंटमेरीज सीनियर सेकेंड्री स्कूल में 10वीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद मानस पढ़ाई करने कोटा (राजस्थान) चला गया है। 12वीं की परीक्षा 85 फीसदी अंकों से वहीं उत्तीर्ण की। मानस ने बताया कि इंटर के बाद वह आईआईटी की तैयारी में जुट गया।
ऐसे किया लक्ष्य हासिल
रोजाना लगभग 10 घंटे पढ़ाई की। उसकी मेहनत रविवार को सामने आ गई। जेईई एडवांस परीक्षा में उसे आल इंडिया रैंक में 55वां सम्मानपूर्ण रैंक मिला है। खुशी में रविवार की रात घर में देवी जागरण हुआ। मानस ने बताया कि शुरू से ही इंजीनियर बनने की तमन्ना रखता है। वह खुद कुछ बनने के बाद गरीब बच्चों को पढ़ाकर कुछ बनाएगा। उनका खर्च खुद उठाएगा। प्रशासनिक अफसर बनने में उसकी दिलचस्पी नहीं है। क्योंकि इनसे संबंधित डिग्रियां ज्ञान की नहीं बल्कि रटने की विद्या होती है। मानस की बड़ी बहन मानसी भी कोटा में नीट की तैयारी कर रही है। वह डाक्टर बनने की इच्छुक है। छोटी बहन मीनाक्षी यहां सेंटमेरीज में 10वीं की छात्रा है।
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यहां शहर के आवास-विकास कालोनी में बी-ब्लाक के 81 नंबर आवास में रविवार को सुबह से ही जश्न का माहौल था। तमाम लोग बधाई देने आ रहे थे। मानस और उसके माता-पिता, भाई-बहन, पड़ोसी सभी का जमघट था। मानस के पिता राकेश कुमार शुक्ला इलाहाबाद हाईकोर्ट में अधिवक्ता हैं। मानस इनका इकलौता बेटा है। दो बेटियां हैं। एक मानस से बड़ी और दूसरी छोटी। बड़ी बेटी नीट की तैयारी कर रही है। वर्ष 2015 में बांदा के सेंटमेरीज सीनियर सेकेंड्री स्कूल में 10वीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद मानस पढ़ाई करने कोटा (राजस्थान) चला गया है। 12वीं की परीक्षा 85 फीसदी अंकों से वहीं उत्तीर्ण की। मानस ने बताया कि इंटर के बाद वह आईआईटी की तैयारी में जुट गया।
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ऐसे किया लक्ष्य हासिल
रोजाना लगभग 10 घंटे पढ़ाई की। उसकी मेहनत रविवार को सामने आ गई। जेईई एडवांस परीक्षा में उसे आल इंडिया रैंक में 55वां सम्मानपूर्ण रैंक मिला है। खुशी में रविवार की रात घर में देवी जागरण हुआ। मानस ने बताया कि शुरू से ही इंजीनियर बनने की तमन्ना रखता है। वह खुद कुछ बनने के बाद गरीब बच्चों को पढ़ाकर कुछ बनाएगा। उनका खर्च खुद उठाएगा। प्रशासनिक अफसर बनने में उसकी दिलचस्पी नहीं है। क्योंकि इनसे संबंधित डिग्रियां ज्ञान की नहीं बल्कि रटने की विद्या होती है। मानस की बड़ी बहन मानसी भी कोटा में नीट की तैयारी कर रही है। वह डाक्टर बनने की इच्छुक है। छोटी बहन मीनाक्षी यहां सेंटमेरीज में 10वीं की छात्रा है।
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