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अद्भुत: 5 वर्षीय शाल्व बिना देखे सुना सकते शिव तांडव स्तोत्रम्, इंडिया बुक ऑफ रिकाडर्स में नाम दर्ज
Thu, 30 Jul 2026 08:54 PM IST
Shikha Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: Shikha Pandey
Updated Thu, 30 Jul 2026 08:54 PM IST
सार
Kanpur News: पांच वर्षीय शाल्व शुक्ला का नाम इंडिया बुक ऑफ रिकाडर्स में दर्ज किया गया है।
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शाल्व शुक्ला
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जिस उम्र में बच्चे अपना कोर्स भी ठीक से नहीं पढ़ पाते उस उम्र में शाल्व शुक्ला ने संस्कृत के तीन पाठों को मुंह जबानी याद कर अपना नाम इंडिया बुक ऑफ रिकाडर्स में दर्ज कराया है। सीनियर केजी के छात्र शाल्व को शिव तांडव स्तोत्रम्, शिव रुद्राष्टकम और हनुमान चालिसा कंठस्थ है। उन्होंने तीनों पाठों को बिना किसी त्रुटि के धारा प्रवाह सुनाकर राष्ट्र स्तर पर नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
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गोविंद नगर के ऋषभ शुक्ला, पत्नी चित्रा दीक्षित और बेटे शाल्व के साथ इस समय पुणे में रह रहे हैं। ऋषभ कहते हैं कि घर का माहौल भक्तिमय है। उनके घर पर अक्सर इन सभी पाठों का जाप होता है। रुद्राभिषेक के दौरान भी शाल्व पूरी तरह से समर्पित रहता है। उन्होंने बेटे को कभी पाठ याद नहीं कराया। उसने सुन सुनकर ही इसे कंठस्थ किया। साढ़े तीन साल की उम्र में उसने हनुमान चालिसा कंठस्थ कर ली थी। फिर शिव तांडव स्तोत्रम्, शिव रुद्राष्टकम का पाठ कंठस्थ किया। ऋषभ कहते हैं कि रिकार्डस के बारे में तो बाद में जानकारी हुई। करीब चार साल की उम्र से ही शाल्व को यह सब कंठस्थ है।
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