चित्रकूट रेल हादसे में दिखी प्रशासन की लापरवाई घंटाें तड़पते रहे मरीज
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गाेवा के मडगांव से पटना जा रही वास्को डि गामा एक्सप्रेस शुक्रवार तड़के चित्रकूट के मानिकपुर के प्लेटफार्म नंबर दो से गुजरते ही बेपटरी हाे गई। जबतक काेई कुछ समझ पाता एक एक कर के ट्रेन की 13 बाेगी पटरी से उतर चुकी थीं। हादसे के घंटाे बाद तक घायल तड़पते रहे। तीन लाेगाें ने इलाज के अाभाव में दम ताेड़ दिया।
मुंबई-हावड़ा रेलमार्ग के मानिकपुर जंक्शन पर वास्को डि गामा एक्सप्रेस जाे पटना जा रही थी बेपटरी हो गई। तेज अावाज के साथ एक दो नहीं बल्कि एक दर्जन से अधिक बोगियां पटरी से उतर गईं। शुक्रवार तड़के लगभग सवा चार बजे इस हादसे में दो बोगियां पलट गई जिसमें सवार तीन यात्रियों की मौत हो गई।
सैकड़ाे यात्री घायल हाे गए। दुर्घटना होते ही हर अाेर चीख पुकार मच गई। किसी का सिर फटा ताे किसी का हाथ टूट गया। दो घंटे तक कोई प्रशासिनक व रेलवे का अधिकारी घटना स्थल पर नहीं पहुंचा। जीआरपी व आरपीएफ की टीम ने वेंडर व स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को बोगियां काटकर बाहर निकाला।
घायलाें काे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। तीनों मृतक बिहार राज्य के हैं। ज्यादातर घायल भी इसी राज्य के हैं। सूचना पर पहुंचे रेलवे के चेयरमैन ने तकनीकी खराबी से दुर्घटना की आशंका जताकर उच्चस्तरीय जांच कमेटी गठित की है। घटना की जानकारी होते ही जीआरपी व आरपीएफ की टीम मौके पर सबसे पहले पहुंची।
गोवा की ओर से पटना जा रही 12741 सुपरफास्ट वास्को डि गामा पटना एक्सप्रेस जैसे ही मानिकपुर जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर दो से गुजरी तो अनियंत्रित हो गई और ट्रेन की कपलिंग टूट गई और ट्रेन दो हिस्से में बंट गई। एस- 5 बोगी पूरी तरह ध्वस्त हो गई। बाकी बोगियां प्लेटफार्म की दीवार रगड़ती हुई आधी स्टेशन की ओर लटक गईं।