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भारत की संस्कृति अच्छी, खाना है लाजवाब
ब्यूरो/अमर उजाला, कानपुर देहात
Updated Tue, 17 Feb 2015 01:08 AM IST
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विदेशों में भारत की बढ़ रही साख व यहां की पुरानी संस्कृति विदेशियों को
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अपनी ओर खींच रही है। विदेशी यहां आकर हिंदी भी सीखना चाहते हैं। उनको यहां
का खाना भी अच्छा लगता है।
कुछ इसी तरह की हैं अमेरिकी मूल की एमी डेगल, जो चीन के चाइना रेडियो इंटरनेशनल बीजिंग में डीजे के पद पर काम करती हैं। एमी तीन दिनों से कानपुर देहात के शिवली क्षेत्र में खुले रेडियो वक्त की आवाज में हैं।
वह पिछले वर्ष भी यहां आई थीं और रेडियो के कार्य, संचालन के बारे में प्रशिक्षण भी दिया था। एमी ने बातचीत में बताया कि उन्हें भारत और भारतीयों से प्यार हैं और यहां की संस्कृति अच्छी लगती है।
भारतीय खाना भी उन्हें बहुत अच्छा लगता है। 32 वर्षीय एमी डेगल हिंदी भाषा की ललक इतनी है कि तीन दिनों में कई हिंदी के शब्द बोलने लगी हैं। एमी ने मैकेनिकल इंजीनियरिंग से ग्रेजुऐशन किया है। उन्होंने सोमवार को बैरी के एक स्कूल का दौरा कर बच्चों की पढ़ाई भी देखी।
एमी बिल्कुल भारतीय तरीके से आने जाने वालों से नमस्ते कहना नहीं भूलती हैं। सोमवार को मुलाकात में उन्होंने कहा कि हिंदी सीखाना चाहती हैं। यहां के लोग बहुत अच्छे हैं। उनसे मिलकर अपनापन लगता है। हिंदी के कुछ शब्द तो उसे याद भी हो गए हैं।
अमेरिका की रहने वाली एमी ने यहां आकर सबसे पहले मेहंदी लगवाई। पूछने पर हिंदी बताती है कि मेहंदी है। साथ ही चूड़ियां भी हाथ में पहन रखी है। काफी हद तक एक भारतीय दिखने का प्रयास किया। यहां तक पहनावा भी बदला दिखा।
कुछ इसी तरह की हैं अमेरिकी मूल की एमी डेगल, जो चीन के चाइना रेडियो इंटरनेशनल बीजिंग में डीजे के पद पर काम करती हैं। एमी तीन दिनों से कानपुर देहात के शिवली क्षेत्र में खुले रेडियो वक्त की आवाज में हैं।
वह पिछले वर्ष भी यहां आई थीं और रेडियो के कार्य, संचालन के बारे में प्रशिक्षण भी दिया था। एमी ने बातचीत में बताया कि उन्हें भारत और भारतीयों से प्यार हैं और यहां की संस्कृति अच्छी लगती है।
भारतीय खाना भी उन्हें बहुत अच्छा लगता है। 32 वर्षीय एमी डेगल हिंदी भाषा की ललक इतनी है कि तीन दिनों में कई हिंदी के शब्द बोलने लगी हैं। एमी ने मैकेनिकल इंजीनियरिंग से ग्रेजुऐशन किया है। उन्होंने सोमवार को बैरी के एक स्कूल का दौरा कर बच्चों की पढ़ाई भी देखी।
एमी बिल्कुल भारतीय तरीके से आने जाने वालों से नमस्ते कहना नहीं भूलती हैं। सोमवार को मुलाकात में उन्होंने कहा कि हिंदी सीखाना चाहती हैं। यहां के लोग बहुत अच्छे हैं। उनसे मिलकर अपनापन लगता है। हिंदी के कुछ शब्द तो उसे याद भी हो गए हैं।
अमेरिका की रहने वाली एमी ने यहां आकर सबसे पहले मेहंदी लगवाई। पूछने पर हिंदी बताती है कि मेहंदी है। साथ ही चूड़ियां भी हाथ में पहन रखी है। काफी हद तक एक भारतीय दिखने का प्रयास किया। यहां तक पहनावा भी बदला दिखा।