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यूपीः कानपुर के बड़े कपड़ा कारोबारियों की 4 फर्मों पर आयकर सर्वे, संदिग्ध दस्तावेजों की जांच तेज 

Wed, 31 Oct 2018 12:03 AM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Updated Wed, 31 Oct 2018 12:03 AM IST
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Income Tax Survey on four Firms of Big Textile Companies of Kanpur
डेमो पिक
कानपुर में आयकर विभाग की टीम ने मंगलवार को जनरलगंज के थोक कपड़ा कारोबारियों की चार फर्मों पर सर्वे करके लाखों रुपये की टैक्स चोरी पकड़ी है। अफसरों को यहां बड़े पैमाने पर संदिग्ध दस्तावेज मिले हैं। इससे अफसरों ने माना कि लाभ कम दिखाने के लिए दो नंबर पर कारोबार किया जा रहा था। 
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पांडुनगर निवासी नरेंद्र पाल और सुभाष पाल जनरलगंज में तरलोक नाथ एंड कंपनी व सुभाष चंदर एंड कंपनी के नाम से साड़ियों का थोक कारोबार करते हैं। दोनों कारोबारी सगे भाई हैं और जनरलगंज में एक ही चार मंजिला बिल्डिंग में मिलकर कारोबार करते हैं। इनका सालाना टर्नओवर सौ करोड़ रुपये के आसपास है। इनका एक गोदाम जनरलगंज में और एक काहूकोठी में है। इसी तरह अशोक खत्री और प्रदीप खत्री भी जनरलगंज में ही कमलेश साड़ी और महेश साड़ी नाम से थोक कारोबार करते हैं। इसमें इनके परिवार के अन्य सदस्य भी जुडे़ हैं। जनरलगंज में चार मंजिला टॉवर होने के साथ ही इनका काहूकोठी में एक शोरूम और एक गोदाम है। इनका भी सालाना टर्नओवर करीब सौ करोड़ रुपये सालाना है। 
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आयकर विभाग की डाटा माइनिंग में पता चला कि दोनों कारोबारी समूह ने गत वित्तीय वर्ष में लाभ की स्थिति कम दर्शायी। इस कारण रिटर्न भी कम जमा किया। गोपनीय तरीके से हुई पड़ताल में पता चला कि आय कम दिखाने का यह खेल सिर्फ कागजों में किया गया। हकीकत में कारोबार की स्थिति में बहुत अधिक फर्क नहीं पड़ा। इसी आधार पर मंगलवार को प्रधान आयकर आयुक्त दुर्गाचरण दास और संयुक्त आयकर आयुक्त गरिमा चौधरी के निर्देश पर सहायक आयकर आयुक्त शैलेंद्र पांडेय, अरविंद शुक्ला, गौरव गर्ग, अमरेंद्र शिवनाथ, आयकर अधिकारी नरेश कुमार, विष्णु पांडेय, केके बाजपेई, प्रदीप बतनानी, शरद प्रकाश अग्रवाल समेत दो दर्जन से अधिक अफसरों ने दोनों कारोबारी समूह की चार फर्मों के पांच प्रतिष्ठानों पर एक साथ सर्वे शुरू किया। अफसरों को यहां बड़ी संख्या में संदिग्ध दस्तावेज मिले। इन्हें जब्त कर लिया गया। इसके बाद कंप्यूटर जनित बिलों का रिकार्ड और हिसाब किताब का आंकड़ा भी जब्त कर लिया गया। अफसरों को यहां करोड़ों रुपये टैक्स चोरी की आशंका है। समाचार लिखे जाने तक जांच जारी थी। 
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नोटबंदी में जमा किए थे 10 करोड़

Income Tax Survey on four Firms of Big Textile Companies of Kanpur
डेमो पिक
आयकर विभाग के सूत्र बताते हैं कि तरलोक नाथ एंड कंपनी के मालिकों ने नोटबंदी के दौरान करीब 10 करोड़ रुपये कंपनी के विभिन्न खातों में जमा कराए थे। इन्हें नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया था, लेकिन आयकर विभाग इनके जवाब से संतुष्ट नहीं था। कमलेश साड़ी के मालिकों ने भी नोटबंदी के दौरान अप्रत्याशित रकम जमा कराई थी। इन कारोबारियों ने इस वित्तीय वर्ष का लाभ कम दिखाया और टैक्स कम दिया। रिटर्न में कमी का कारण जीएसटी की वजह से कारोबार प्रभावित होना बताया। इन्हीं कारणों से आयकर विभाग की टीम ने इन फर्मों पर सर्वे किया। तरलोक नाथ एंड कंपनी में वर्ष 1997 में आयकर विभाग का छापा भी पड़ चुका है। उस समय इन्होंने कई करोड़ रुपये सरेंडर किए गए थे। 
 

बेहिसाब स्टॉक, गिनने में लगेंगे कई दिन 

Income Tax Survey on four Firms of Big Textile Companies of Kanpur
डेमो पिक
तरलोक नाथ एंड कंपनी और सुभाष चंदर एंड कंपनी, कमलेश साड़ी और महेश साड़ी कहने को तो दो समूह हैं लेकिन काम कई स्तर पर बंटा है। दोनों समूहों का पूरा परिवार इसी काम में लगा हुआ है। खास बात ये है कि दोनों ही कारोबारी समूह चार मंजिला बिल्डिंग में अपना कारोबार संचालित कर रहे हैं। इनके प्रतिष्ठनों में साड़ियों का बेहिसाब स्टॉक है। आयकर विभाग के सूत्र बताते हैं कि दोनों समूह के स्टॉक की गिनती में कई दिन लगेंगे। ये कारोबारी सूरत से साड़ियां मंगाकर प्रदेश के अन्य शहरों के फुटकर कारोबारियों को थोक में माल बेचते हैं।  
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