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पीडब्ल्यूडी ठेकेदार के घर छापा, अहम कागजात जब्त, मचा हड़कंप
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sat, 24 Feb 2018 08:39 AM IST
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जांच के दौरान घर के बाहर मौजूद पुलिस बल
- फोटो : अमर उजाला
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उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले के एक और पीडब्ल्यूडी (लोक निर्माण विभाग) ठेकेदार के घर आयकर विभाग की छापेमारी से हड़कंप मच गया। नोटबंदी के बाद से अब तक बैंक खातों में हुए लाखों के टर्न ओवर की रिपोर्ट के बाद लखनऊ व उन्नाव आयकर अधिकारियों की संयुक्त टीम ने जांच शुरू की। सूत्रों की मानें तो बैंक खातों की सघन पड़ताल में घालमेल सामने आने पर टीम ने कई अहम कागजात जब्त किए हैं। बैंक खातों के लेनदेन की बारीक जांच की गई।
बीघापुर के शीपतपुर गांव निवासी पीडब्ल्यूडी ठेकेदार अशोक तिवारी मौजूदा समय में शहर के मोहल्ला मोतीनगर में निजी मकान में परिवार के साथ रहते हैं। शुक्रवार सुबह करीब 11:30 बजे लखनऊ आयकर विभाग की तीन सदस्यीय टीम व जिला आयकर अधिकारी विवेक वरुण ने पुलिस बल की सुरक्षा में ठेकेदार के घर छापा मारा। अधिकारियों ने ठेकेदार की फर्म से संबंधित कागजात तलब किए। दो अधिकारी नोटबंदी के दौरान ठेकेदार के विभिन्न बैंक खातों का बैंक से मिले रिकार्डों से मिलान करने लगे।
सूत्रों की मानें तो जांच के दौरान ठेकेदार टीम को सटीक जानकारी नहीं दे सके। इसके बाद अधिकारियों ने नोटबंदी से अब तक लाखों की रकम का स्रोत पूछा। इस सवाल पर ठेकेेदार स्पष्ट जवाब नहीं दे पाए। देर शाम तक जारी जांच में बैंक खातों में जमा बड़ी रकम अधिकारियों के निशाने पर रही। आयकर विभाग की कार्रवाई से मोहल्ले में सन्नाटा पसरा रहा। चहारदीवारी के भीतर व बीच-बीच में घरों से बाहर निकल रहे लोग कार्रवाई को लेकर जानकारी लेते रहे। पीडब्ल्यूडी ठेकेदार पप्पू अवस्थी के बाद अशोक तिवारी के घर आयकर की छापेमारी से ठेकेदारों में हड़कंप है। जिला आयकर अधिकारी विवेक वरुण ने बताया कि अभी जांच चल रही है। जांच पूरी होने के बाद ही कोई जानकारी दी जा सकेगी।
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बीघापुर के शीपतपुर गांव निवासी पीडब्ल्यूडी ठेकेदार अशोक तिवारी मौजूदा समय में शहर के मोहल्ला मोतीनगर में निजी मकान में परिवार के साथ रहते हैं। शुक्रवार सुबह करीब 11:30 बजे लखनऊ आयकर विभाग की तीन सदस्यीय टीम व जिला आयकर अधिकारी विवेक वरुण ने पुलिस बल की सुरक्षा में ठेकेदार के घर छापा मारा। अधिकारियों ने ठेकेदार की फर्म से संबंधित कागजात तलब किए। दो अधिकारी नोटबंदी के दौरान ठेकेदार के विभिन्न बैंक खातों का बैंक से मिले रिकार्डों से मिलान करने लगे।
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सूत्रों की मानें तो जांच के दौरान ठेकेदार टीम को सटीक जानकारी नहीं दे सके। इसके बाद अधिकारियों ने नोटबंदी से अब तक लाखों की रकम का स्रोत पूछा। इस सवाल पर ठेकेेदार स्पष्ट जवाब नहीं दे पाए। देर शाम तक जारी जांच में बैंक खातों में जमा बड़ी रकम अधिकारियों के निशाने पर रही। आयकर विभाग की कार्रवाई से मोहल्ले में सन्नाटा पसरा रहा। चहारदीवारी के भीतर व बीच-बीच में घरों से बाहर निकल रहे लोग कार्रवाई को लेकर जानकारी लेते रहे। पीडब्ल्यूडी ठेकेदार पप्पू अवस्थी के बाद अशोक तिवारी के घर आयकर की छापेमारी से ठेकेदारों में हड़कंप है। जिला आयकर अधिकारी विवेक वरुण ने बताया कि अभी जांच चल रही है। जांच पूरी होने के बाद ही कोई जानकारी दी जा सकेगी।
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क्या बोले ठेकेदार
पूछताछ करते अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
पीडब्ल्यूडी ठेकेदार अशोक तिवारी ने बताया कि बैंक खातों में जमा हुई नगदी व लेनदेन की जानकारी करने आयकर अधिकारियों की टीम आवास पर आई है। टीम के मांगने पर कागजात उपलब्ध करा दिए गए हैं।
घर की एक महिला सदस्य से घंटों पूछताछ
आयकर विभाग की संयुक्त टीम में शामिल एक अधिकारी ने ठेकेदार के घर पर मौजूद एक महिला से घंटों पूछताछ की। इस दौरान कुछ कागजों पर महिला से हस्ताक्षर भी कराए गए। लोगों में चर्चा थी कि इस महिला के नाम से फर्म पंजीकृत हैं। इसके अलावा महिला के बैंक खातों से मोटी रकम का लेनदेन किया गया है।
कई दिनों से बैंक खातों की हो रही थी मानीटरिंग
आयकर टीम में शामिल एक अधिकारी ने बातचीत में कहा कि ठेकेदार के बैंक खातों में जमा हुई नगदी व लेन-देन की मानीटरिंग कई दिनों से चल रही थी। बड़ी रकम के लेनदेन में खामियां सामने आने पर कार्रवाई की गई है। जांच में किस तरह का घालमेल पकड़ा गया, इस सवाल पर अधिकारी चुप्पी साध गए। बोले, इस बारे में जानकारी मुख्यालय के अधिकारी देंगे।
13 माह में आयकर विभाग की आठवीं कार्रवाई
एक साल से अधिक के समय में लखनऊ, कानपुर व स्थानीय आयकर विभाग की टीमें जिले के सात व्यापारियों, ठेकेदार के घरों व प्रतिष्ठानों के अलावा दही चौकी के औद्योगिक क्षेत्र स्थित स्लाटर हाउस पर कार्रवाई कर चुकी है। अब तक की कार्रवाई में करोड़ों की टैक्स चोरी पकड़ी जा चुकी है। पहली कार्रवाई 5 जनवरी 2017 को अचलगंज कस्बे में सराफा व बर्तन कारोबारी के यहां की गई थी। 10 मार्च को शहर के हिरन नगर मोहल्ले में सरिया व्यापारी के घर व प्रतिष्ठानों पर छापेमारी हुई। 11 अक्टूबर को सफीपुर के खाद व्यापारी कार्रवाई की जद में आए। 11 जनवरी को औद्योगिक क्षेत्र स्थित रुस्तम फूड्स प्राइवेट लि. व स्टैंडर्ड फ्रोजेन फूड्स एक्सपोर्ट प्राइवेट लि. में 72 घंटे छापेमारी चली थी।
घर की एक महिला सदस्य से घंटों पूछताछ
आयकर विभाग की संयुक्त टीम में शामिल एक अधिकारी ने ठेकेदार के घर पर मौजूद एक महिला से घंटों पूछताछ की। इस दौरान कुछ कागजों पर महिला से हस्ताक्षर भी कराए गए। लोगों में चर्चा थी कि इस महिला के नाम से फर्म पंजीकृत हैं। इसके अलावा महिला के बैंक खातों से मोटी रकम का लेनदेन किया गया है।
कई दिनों से बैंक खातों की हो रही थी मानीटरिंग
आयकर टीम में शामिल एक अधिकारी ने बातचीत में कहा कि ठेकेदार के बैंक खातों में जमा हुई नगदी व लेन-देन की मानीटरिंग कई दिनों से चल रही थी। बड़ी रकम के लेनदेन में खामियां सामने आने पर कार्रवाई की गई है। जांच में किस तरह का घालमेल पकड़ा गया, इस सवाल पर अधिकारी चुप्पी साध गए। बोले, इस बारे में जानकारी मुख्यालय के अधिकारी देंगे।
13 माह में आयकर विभाग की आठवीं कार्रवाई
एक साल से अधिक के समय में लखनऊ, कानपुर व स्थानीय आयकर विभाग की टीमें जिले के सात व्यापारियों, ठेकेदार के घरों व प्रतिष्ठानों के अलावा दही चौकी के औद्योगिक क्षेत्र स्थित स्लाटर हाउस पर कार्रवाई कर चुकी है। अब तक की कार्रवाई में करोड़ों की टैक्स चोरी पकड़ी जा चुकी है। पहली कार्रवाई 5 जनवरी 2017 को अचलगंज कस्बे में सराफा व बर्तन कारोबारी के यहां की गई थी। 10 मार्च को शहर के हिरन नगर मोहल्ले में सरिया व्यापारी के घर व प्रतिष्ठानों पर छापेमारी हुई। 11 अक्टूबर को सफीपुर के खाद व्यापारी कार्रवाई की जद में आए। 11 जनवरी को औद्योगिक क्षेत्र स्थित रुस्तम फूड्स प्राइवेट लि. व स्टैंडर्ड फ्रोजेन फूड्स एक्सपोर्ट प्राइवेट लि. में 72 घंटे छापेमारी चली थी।