UP: कानपुर परिक्षेत्र के 800 रईसों को आयकर नोटिस, 18 स्रोतों से जुटाया काला-चिट्ठा, अब देना होगा आय का हिसाब
Kanpur News: आयकर विभाग ने कानपुर रीजन (पश्चिमी उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड) में भारी कमाई के बाद भी टैक्स न भरने वाले 800 लोगों को नोटिस जारी किए हैं। इनमें कानपुर के 200 करोड़पति शामिल हैं, जिन्हें अब अपनी आय के स्रोतों का ई-वैरिफिकेशन के जरिए विवरण देना होगा।
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आयकर विभाग ने करोड़ों की कमाई के बावजूद आय कम बताने या नहीं बताने वाले लोगों की पहचान की है। विभाग ने कानपुर रीजन (पश्चिमी उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड) के 800 लोगों को नोटिस भेजा है। इनमें शहर के 200 करोड़पति भी हैं। इन सभी को आय का स्रोत बताने का मौका दिया गया है। जिन लोगों को नोटिस जारी किया है, उनमें पांच लाख से लेकर 50 करोड़ की कमाई वाले रईस हैं।
वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए सूचनाएं एकत्र करने के बाद आयकर निदेशालय आसूचना एवं आपराधिक अन्वेषण की ओर से आयकर की धारा 133 (6) के तहत नोटिस जारी किए गए हैं। ये नोटिस अप्रैल महीने से लेकर अब तक जारी किए गए हैं। इस तरह के मामले में संबंधित व्यक्ति ई-वैरिफिकेशन के जरिये ऑनलाइन जवाब दाखिल करेगा। सूत्रों ने बताया कि जिनको नोटिस भेजे हैं।
धारा 148 के तहत मामले की स्क्रूटनी होगी
उनमें 90 प्रतिशत लोग आय अधिक होने के बाद भी कम आयकर रिटर्न दिखा रहे हैं। कई तो रिटर्न भी फाइल नहीं कर रहे हैं। विभाग के उच्च पदस्थ सूत्रों ने बताया कि अब उन्हें संशोधित रिटर्न और टैक्स देने के लिए कहा गया है। संबंधित व्यक्ति की ओर से नोटिस का जवाब नहीं भेजा जाता है, तो आगे की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही आयकर अफसर रिपोर्ट तैयार करेंगे और धारा 148 के तहत मामले की स्क्रूटनी की जाएगी।
दस्तावेज भी करने होंगे अपलोड
बताया गया कि जिन लोगों को नोटिस भेजा गया है, यदि वे आयकर से जुड़े दस्तावेज या लेनदेन बता सकेंगे तो उन पर कार्रवाई नहीं की जाएगी। इसके लिए उन्हें विभाग के पोर्टल पर जाकर एआईएस वार्षिक सूचना विवरण भरना होगा और इस संबंध में दस्तावेज भी अपलोड करने होंगे।
इन स्त्रोतों से जुटाई गई जानकारी
आयकर विभाग ने स्टेटमेंट ऑफ फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन (एसएफटी) के 18 स्रोतों के जरिये इन लोगों के बारे जानकारी जुटाई है। बैंकों, डाकघर से ब्याज की आय, नकदी जमा या निकासी, रजिस्ट्री कार्यालय से भूमि व भवन का क्रय विक्रय, म्यूचुअल फंड में जमा राशि, लाभांश, विदेशों से भेजी गई रकम, निर्यात, महंगी गाड़ी खरीदने वालों का डाटा, क्रेडिट कार्ड के जरिये लेनदेन करने वाले मामले सामने आने के बाद कार्रवाई की गई है।
10 लाख से अधिक कीमत वाली कार पर नजर
10 लाख से अधिक की कार खरीदने वाले, 30 लाख से अधिक कीमत वाली संपत्ति खरीदने वालों पर विभाग की नजर है। सरकार की सख्ती के बाद भी इन सब में बड़े पैमाने पर नकदी का इस्तेमाल किया जा रहा है।