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लोकसभा चुनाव में नेता जी की संपत्ति पर लगी आयकर विभाग की नजर, एक गलती कर सकती है इतना नुकसान
Fri, 29 Mar 2019 01:38 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 29 Mar 2019 01:38 PM IST
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लोकसभा चुनाव 2019
- फोटो : Amar Ujala
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लोकसभा चुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल करते समय संपत्ति घोषित करने के मामले में प्रत्याशियों की होशियारी इस बार नहीं चलेगी। नामांकन पत्र में घोषित संपत्ति जांच में ज्यादा मिली तो आयकर विभाग उसे बेनामी मानते हुए कार्रवाई करेगा।
भले ही वह संपत्ति बेनामी के दायरे में न आ रही हो, लेकिन आयकर विभाग इस तर्क के साथ कार्रवाई करेगा कि उसे सार्वजनिक नहीं किया गया। आयकर विभाग इस बार लोकसभा चुनाव में किसी रियायत के मूड में नहीं है। कालाधन रोकने के लिए कई स्तर की तैयारियों के बाद अब नई व्यवस्था यह लागू की है कि नामांकन पत्र की एक कॉपी आयकर विभाग में भी जमा होगी।
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भले ही वह संपत्ति बेनामी के दायरे में न आ रही हो, लेकिन आयकर विभाग इस तर्क के साथ कार्रवाई करेगा कि उसे सार्वजनिक नहीं किया गया। आयकर विभाग इस बार लोकसभा चुनाव में किसी रियायत के मूड में नहीं है। कालाधन रोकने के लिए कई स्तर की तैयारियों के बाद अब नई व्यवस्था यह लागू की है कि नामांकन पत्र की एक कॉपी आयकर विभाग में भी जमा होगी।
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चुनाव आयोग को भेजने के साथ ही आयकर विभाग को भेजेंगे जानकारी
विभागीय अधिकारी प्रत्याशी की ओर से घोषित हर तरह की संपत्ति का भौतिक सत्यापन करेंगे। सत्यापन में संपत्ति का विवरण गलत मिला अथवा संपत्ति अथवा आय के स्रोत ज्यादा मिले तो उसे बेनामी के दायरे में लाया जाएगा। अभी तक नामांकन पत्र की कॉपी आयकर विभाग नहीं जाती थी।
इस बार प्रत्याशी का नामांकन पत्र दाखिल होने के बाद निर्वाचन अधिकारी एक कॉपी चुनाव आयोग को भेजने के साथ ही आयकर विभाग को भेजेंगे। इस तरह से प्रत्याशियों की संपत्ति का विवरण आयकर विभाग में हमेशा के लिए दर्ज हो जाएगा। बता दें कि कानपुर लोकसभा सीट के लिए दो अप्रैल से नामांकन पत्र दाखिल होंगे। 28 मार्च तक यहां से सिर्फ कांग्रेस से श्रीप्रकाश जायसवाल और भाजपा से सत्यदेव पचौरी का टिकट घोषित हो सका है।
इस बार प्रत्याशी का नामांकन पत्र दाखिल होने के बाद निर्वाचन अधिकारी एक कॉपी चुनाव आयोग को भेजने के साथ ही आयकर विभाग को भेजेंगे। इस तरह से प्रत्याशियों की संपत्ति का विवरण आयकर विभाग में हमेशा के लिए दर्ज हो जाएगा। बता दें कि कानपुर लोकसभा सीट के लिए दो अप्रैल से नामांकन पत्र दाखिल होंगे। 28 मार्च तक यहां से सिर्फ कांग्रेस से श्रीप्रकाश जायसवाल और भाजपा से सत्यदेव पचौरी का टिकट घोषित हो सका है।