{"_id":"5c40b275bdec224c7f23b96c","slug":"income-tax-department-raid-at-7-doctors-27-place","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"प्रदेश भर में 7 डॉक्टरों के 27 ठिकानों पर आयकर के छापे, 'कमाई से कालाधन तक' हुए ये खुलासे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रदेश भर में 7 डॉक्टरों के 27 ठिकानों पर आयकर के छापे, 'कमाई से कालाधन तक' हुए ये खुलासे
Fri, 18 Jan 2019 07:23 AM IST
प्रशांत कुमार
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Fri, 18 Jan 2019 07:23 AM IST
विज्ञापन
सभी ठिकानों पर जांच जारी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आयकर विभाग की लखनऊ और कानपुर यूनिट ने गुरुवार को प्रदेश के नामचीन सात डॉक्टरों के 27 ठिकानों पर एक साथ छापामारी की। दोनों यूनिटों के संयुक्त ऑपरेशन में कमाई छिपाने, कालाधन बनाने और टैक्स चोरी के सबूत हाथ लगे हैं। हजारों दस्तावेज जब्त किए गए हैं। सभी ठिकानों से करीब पांच करोड़ की नकदी, कीमती जेवर और अघोषित संपत्तियों के दस्तावेज मिले हैं। सभी ठिकानों पर जांच जारी है।
आयकर विभाग की जांच की जद में आए डॉक्टरों में पहला नाम कानपुर के डॉ. महेश चंद्र शर्मा का है। पूर्व चिकित्सा शिक्षा महानिदेशक (डीजीएमई) रहे डॉ. शर्मा के कानपुर और लखनऊ में सात ठिकानों पर जांच चल रही है।
लखनऊ में हरदोई रोड स्थित डॉ. चरक हॉस्पिटल समूह के पांच ठिकानों पर छापा मारा गया। 300 बेड के इस अत्याधुनिक अस्पताल का संचालन डॉ. रतन कुमार सिंह और उनके बेटे अश्वनी सिंह करते हैं। इसी अस्पताल में युवा स्किन सेंटर और तुलसीदास मार्ग, रायबरेली रोड और अलीगंज स्थित तीन डायग्नोस्टिक सेंटरों को भी जांच में शामिल किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
आयकर विभाग की जांच की जद में आए डॉक्टरों में पहला नाम कानपुर के डॉ. महेश चंद्र शर्मा का है। पूर्व चिकित्सा शिक्षा महानिदेशक (डीजीएमई) रहे डॉ. शर्मा के कानपुर और लखनऊ में सात ठिकानों पर जांच चल रही है।
विज्ञापन
लखनऊ में हरदोई रोड स्थित डॉ. चरक हॉस्पिटल समूह के पांच ठिकानों पर छापा मारा गया। 300 बेड के इस अत्याधुनिक अस्पताल का संचालन डॉ. रतन कुमार सिंह और उनके बेटे अश्वनी सिंह करते हैं। इसी अस्पताल में युवा स्किन सेंटर और तुलसीदास मार्ग, रायबरेली रोड और अलीगंज स्थित तीन डायग्नोस्टिक सेंटरों को भी जांच में शामिल किया गया है।
विज्ञापन
जांच इतने व्यापक पैमाने पर है कि अभी तक बरामदगी का आंकड़ा संकलित नहीं हो सका है
मेरठ में जाने माने न्यूरो फिजीशियन डॉ. भूपेंद्र चौधरी के डिफेंस कॉलोनी स्थित घर और सिविल लाइंस स्थित प्रकाश न्यूरोलॉजी सेंटर में जांच चल रही है। मुरादाबाद में डॉ. प्रेम कुमार खन्ना के जेपीएमसी हॉस्पिटल एवं पैथोलॉजी और शास्त्री नगर स्थित घर पर छापा मारा गया है। जेपीएमसी हॉस्पिटल को डॉ. प्रेम कुमार खन्ना और उनकी पत्नी डॉ. रीता खन्ना मिलकर चलाते हैं। हापुड़ के पिलखुआ में डॉ. गगन शरण शर्मा के चार ठिकानों पर जांच चल रही है।
इसमें जीएस मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, जीएस आयुर्वेदिक हॉस्पिटल, रूपाली पेट्रोल पंप और एक सीमेंट एजेंसी शामिल है। इनके कविनगर, गाजियाबाद स्थित घर को भी जांच में शामिल किया गया है। इसी तरह नोएडा में न्यूरो फिजीशियन संजीव मोतियानी और इनके सहयोगी डॉ. गुलाब गुप्ता (फिजीशियन) के चार ठिकानों पर जांच चल रही है।
दोनों डॉक्टर अलग अलग क्लीनिक चलाते हैं लेकिन सेक्टर-50 में नियो हॉस्पिटल मिलकर बनाया है। दोनों के क्लीनिक और घरों को जांच में शामिल किया गया है। जांच इतने व्यापक पैमाने पर है कि अभी तक बरामदगी का आंकड़ा संकलित नहीं हो सका है। अनुमान के मुताबिक पांच करोड़ रुपये से ज्यादा की नकदी, करोड़ों के जेवरात और बड़े पैमाने पर अघोषित संपत्तियों का पता चला है।
इसमें जीएस मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, जीएस आयुर्वेदिक हॉस्पिटल, रूपाली पेट्रोल पंप और एक सीमेंट एजेंसी शामिल है। इनके कविनगर, गाजियाबाद स्थित घर को भी जांच में शामिल किया गया है। इसी तरह नोएडा में न्यूरो फिजीशियन संजीव मोतियानी और इनके सहयोगी डॉ. गुलाब गुप्ता (फिजीशियन) के चार ठिकानों पर जांच चल रही है।
दोनों डॉक्टर अलग अलग क्लीनिक चलाते हैं लेकिन सेक्टर-50 में नियो हॉस्पिटल मिलकर बनाया है। दोनों के क्लीनिक और घरों को जांच में शामिल किया गया है। जांच इतने व्यापक पैमाने पर है कि अभी तक बरामदगी का आंकड़ा संकलित नहीं हो सका है। अनुमान के मुताबिक पांच करोड़ रुपये से ज्यादा की नकदी, करोड़ों के जेवरात और बड़े पैमाने पर अघोषित संपत्तियों का पता चला है।
अधिकारी बोले...यह छापा आयकर विभाग का भय पैदा करने के लिए नहीं है
डॉक्टरों पर जांच के संयुक्त ऑपरेशन में आयकर विभाग के 500 से ज्यादा अफसर शामिल हैं। लखनऊ को कंट्रोल रूम बनाया गया है। प्रधान निदेशक अमरेंद्र कुमार के निर्देश पर सुबह आठ बजे 40 से ज्यादा टीमों ने अलग अलग स्थानों पर छापा मारा। सुरक्षा व्यवस्था के भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। इस अभियान में पुलिस और पीएसी की भी कई कंपनियां शामिल रहीं। लखनऊ में बैठे अफसर सभी ठिकानों की पल पल की जानकारी लेते रहे। आयकर विभाग के सूत्र बताते हैं डॉक्टरों पर पहली बार इतने बड़े पैमाने पर एक साथ जांच हो रही है।
अधिकारी बोले...
यह छापा आयकर विभाग का भय पैदा करने के लिए नहीं है, बल्कि यह संदेश देने के लिए मारा गया है कि भारी भरकम कमाई करने के बाद सरकार को टैक्स के रूप में हिस्सा जरूर दें। इसी टैक्स से देश के विकास का खाका तैयार होता है। अगर व्यक्ति टैक्स की चोरी करेगा तो यह देश के भविष्य के लिए ठीक नहीं है। --अमरेंद्र कुमार, प्रधान निदेशक जांच
अधिकारी बोले...
यह छापा आयकर विभाग का भय पैदा करने के लिए नहीं है, बल्कि यह संदेश देने के लिए मारा गया है कि भारी भरकम कमाई करने के बाद सरकार को टैक्स के रूप में हिस्सा जरूर दें। इसी टैक्स से देश के विकास का खाका तैयार होता है। अगर व्यक्ति टैक्स की चोरी करेगा तो यह देश के भविष्य के लिए ठीक नहीं है। --अमरेंद्र कुमार, प्रधान निदेशक जांच