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यहां महापौर के नामांकन में दिखी 'पार्टियों की अंतर्कलह'
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Tue, 07 Nov 2017 12:21 PM IST
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यूपी के कानपुर में महापौर प्रत्याशियों के नामांकन के आखिरी दिन पार्टियों में अंतर्कलह साफ नजर आई। सबसे ज्यादा मनमुटाव की स्थिति समाजवादी पार्टी में दिखी। प्रत्याशी के नामांकन के समय एक भी जनप्रतिनिधि नजर नहीं आया। पार्टी के बड़े नेता भी गायब रहे। कांग्रेस और बसपा में भी इसी तरह की स्थिति रही। भाजपा में वार्ड प्रत्याशियों को लेकर भले विरोध रहा हो लेकिन महापौर के नाम पर सभी एक नजर आए।
सपा प्रत्याशी माया गुप्ता जिस समय अपने पति के साथ नगर निगम परिसर पहुंची, उनके साथ पार्टी के बड़े नेताआें में सिर्फ शहर अध्यक्ष फजल महमूद ही नजर आए। न तो विधायक अमिताभ बाजपेई पहुंचे और न ही इरफान सोलंकी। प्रत्याशियों के चयन को लेकर जिस समय पैनल बन रहा था, उस समय पार्टी के कई पूर्व मंत्रियों और वरिष्ठ पदाधिकारियों ने भूमिका निभाई थी। लेकिन नामांकन के दौरान वे भी नदारद रहे।
इसी तरह कांग्रेस पार्टी के कई बड़े नेता नहीं नजर आए। पूर्व केंद्रीय मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल और पूर्व विधायक अजय कपूर भी वहां नहीं दिखे। इतना जरूर था कि शहर और नगर ग्रामीण इकाई के अध्यक्ष के साथ एक मात्र विधायक सुहैल अंसारी अपने प्रत्याशी के साथ डटे रहे। बसपा में भी स्थिति यही रही। पार्टी की प्रत्याशी अर्चना निषाद के साथ उनकी पार्टी के अध्यक्ष भी नहीं पहुंच पाए। साथ ही पार्टी के बड़े नेता पूर्व मंत्री अनंत कुमार मिश्र भी नहीं थे। भाजपा प्रत्याशी के नामांकन में दोनों कैबिनेट मंत्री सतीश महाना और सत्यदेव पचौरी के साथ विधायक महेश त्रिवेदी, नीलिमा कटियार भी मौजूद रहीं। क्षेत्रीय अध्यक्ष मानवेंद्र सिंह, जिलाध्यक्ष सुरेंद्र मैथानी, अनीता गुप्ता और पूर्व क्षेत्रीय अध्यक्ष बालचंद्र मिश्र, पूर्व विधायक सलिल विश्नोई भी पहुंचे। महापौर प्रत्याशी के नामांकन में उत्साह के बावजूद वार्डों में टिकट बंटवारे को लेकर लोगों में कानाफूसी होती रही।
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सपा प्रत्याशी माया गुप्ता जिस समय अपने पति के साथ नगर निगम परिसर पहुंची, उनके साथ पार्टी के बड़े नेताआें में सिर्फ शहर अध्यक्ष फजल महमूद ही नजर आए। न तो विधायक अमिताभ बाजपेई पहुंचे और न ही इरफान सोलंकी। प्रत्याशियों के चयन को लेकर जिस समय पैनल बन रहा था, उस समय पार्टी के कई पूर्व मंत्रियों और वरिष्ठ पदाधिकारियों ने भूमिका निभाई थी। लेकिन नामांकन के दौरान वे भी नदारद रहे।
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इसी तरह कांग्रेस पार्टी के कई बड़े नेता नहीं नजर आए। पूर्व केंद्रीय मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल और पूर्व विधायक अजय कपूर भी वहां नहीं दिखे। इतना जरूर था कि शहर और नगर ग्रामीण इकाई के अध्यक्ष के साथ एक मात्र विधायक सुहैल अंसारी अपने प्रत्याशी के साथ डटे रहे। बसपा में भी स्थिति यही रही। पार्टी की प्रत्याशी अर्चना निषाद के साथ उनकी पार्टी के अध्यक्ष भी नहीं पहुंच पाए। साथ ही पार्टी के बड़े नेता पूर्व मंत्री अनंत कुमार मिश्र भी नहीं थे। भाजपा प्रत्याशी के नामांकन में दोनों कैबिनेट मंत्री सतीश महाना और सत्यदेव पचौरी के साथ विधायक महेश त्रिवेदी, नीलिमा कटियार भी मौजूद रहीं। क्षेत्रीय अध्यक्ष मानवेंद्र सिंह, जिलाध्यक्ष सुरेंद्र मैथानी, अनीता गुप्ता और पूर्व क्षेत्रीय अध्यक्ष बालचंद्र मिश्र, पूर्व विधायक सलिल विश्नोई भी पहुंचे। महापौर प्रत्याशी के नामांकन में उत्साह के बावजूद वार्डों में टिकट बंटवारे को लेकर लोगों में कानाफूसी होती रही।
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