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कोरोना टूट पड़ा टीकाकरण ठंडा पड़ा: करीब 55 लाख की आबादी वाले जिले में महज 4.59 फीसदी को लगा टीका
Sat, 01 May 2021 02:02 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sat, 01 May 2021 02:02 AM IST
सार
पहले चरण में फ्रंट लाइन और हेल्थ वर्कर का तो जैसे-तैसे वैक्सीनेशन हो गया, पर आम जनता की बारी आई तो सारे बंदोबस्त और दावों की एक-एक कर पोल खुलने लगी।
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कोरोना टीकाकरण
- फोटो : PTI
विस्तार
जानलेवा कोरोना से जंग के एकमात्र मजबूत हथियार टीकाकरण के शुरुआती दो चरणों पर दूसरी लहर तूफान की तरह हावी हुई है। पहले चरण में फ्रंट लाइन और हेल्थ वर्कर का तो जैसे-तैसे वैक्सीनेशन हो गया, पर आम जनता की बारी आई तो सारे बंदोबस्त और दावों की एक-एक कर पोल खुलने लगी। शुरुआत में लोग हिचके। कोरोना का हमला तेज हुआ और लोग आगे आए तो व्यवस्था पीछे हटने लगी।
वैक्सीन की कमी और केंद्रों के निर्धारण में कुप्रबंधन का नतीजा यह रहा कि अब तक फ्रंट लाइन वर्करों समेत कुल दो लाख 52 हजार 682 लोगों को ही वैक्सीन लग सकी है। यह आंकड़ा लक्ष्य के मुकाबले 51 से 52 फीसदी के बीच बैठता है। इस तरह लगभग 55 लाख की आबादी वाले जिले में महज 4.59 फीसदी लोगों का ही टीकाकरण हो पाया है। 45 साल से अधिक आयु के लोगों के टीकाकरण और कोरोना दूसरी लहर का कहर आगे-पीछे ही चला।
टीकाकरण शुरू होते ही कोरोना से मौतों और संक्रमित मरीजों के मिलने का सिलसिला तेज हुआ तो लोगों को लगा कि जल्द से जल्द टीका लगवाने में ही भलाई है। नतीजा भीड़ बढ़ना शुरू हुई। कुछ केंद्रों पर आवंटित डोज से चार से पांच गुना अधिक लोगों के पहुंचने से अव्यवस्था फैलने लगी तो कुछ पर आधे भी नहीं पहुंचे।
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कुप्रबंधन की इससे बड़ी नजीर और क्या होगी कि अपने आसपास के केंद्रों को छोड़कर बड़े अस्पतालों में लक्ष्य से कई गुना अधिक लोग उमड़े। इससे हंगामा-प्रदर्शन भी हुए। यही वजह रही कि स्वास्थ्य विभाग अपेक्षित लक्ष्य से काफी पीछे रह गया। हालांकि, अपर निदेशक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डॉ. जीके मिश्रा का कहना है कि टीकाकरण के लिए जिलों से जितनी डिमांड भेजी जा रही है, उन्हें उपलब्ध करा रहे हैं।
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वैक्सीन की कमी और केंद्रों के निर्धारण में कुप्रबंधन का नतीजा यह रहा कि अब तक फ्रंट लाइन वर्करों समेत कुल दो लाख 52 हजार 682 लोगों को ही वैक्सीन लग सकी है। यह आंकड़ा लक्ष्य के मुकाबले 51 से 52 फीसदी के बीच बैठता है। इस तरह लगभग 55 लाख की आबादी वाले जिले में महज 4.59 फीसदी लोगों का ही टीकाकरण हो पाया है। 45 साल से अधिक आयु के लोगों के टीकाकरण और कोरोना दूसरी लहर का कहर आगे-पीछे ही चला।
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टीकाकरण शुरू होते ही कोरोना से मौतों और संक्रमित मरीजों के मिलने का सिलसिला तेज हुआ तो लोगों को लगा कि जल्द से जल्द टीका लगवाने में ही भलाई है। नतीजा भीड़ बढ़ना शुरू हुई। कुछ केंद्रों पर आवंटित डोज से चार से पांच गुना अधिक लोगों के पहुंचने से अव्यवस्था फैलने लगी तो कुछ पर आधे भी नहीं पहुंचे।
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कुप्रबंधन की इससे बड़ी नजीर और क्या होगी कि अपने आसपास के केंद्रों को छोड़कर बड़े अस्पतालों में लक्ष्य से कई गुना अधिक लोग उमड़े। इससे हंगामा-प्रदर्शन भी हुए। यही वजह रही कि स्वास्थ्य विभाग अपेक्षित लक्ष्य से काफी पीछे रह गया। हालांकि, अपर निदेशक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डॉ. जीके मिश्रा का कहना है कि टीकाकरण के लिए जिलों से जितनी डिमांड भेजी जा रही है, उन्हें उपलब्ध करा रहे हैं।
फीका रहा टीका महोत्सव
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के आह्वान पर 11 अप्रैल से शुरू हुए चार दिवसीय टीकाकरण महोत्सव भी फीका रहा। इस दौरान भी वैक्सीन की कमी आड़े आई। महोत्सव तीन दिन में ही समेटना पड़ा। स्वास्थ्य विभाग ने लंबेचौड़े लक्ष्य का दिखावा किया, पर 52 फीसदी लोगों का ही टीकाकरण हो पाया। तीन दिनों में 143 केंद्रों पर 76 हजार के लक्ष्य के मुकाबले सिर्फ 39730 लोग टीका लगवा पाए। चौथे दिन महज 32 केंद्रों पर नौ हजार 550 के लक्ष्य के मुकाबले लगभग पांच हजार लोगों को ही टीका लगा।
लोग आते हैं, पर मायूस लौट जाते हैं
किदवईनगर साइड नंबर वन के रहने वाले राकेश कुमार शुक्ला (63) ने बताया कि उन्हें वैक्सीन की पहली डोज लेने के लिए शुक्रवार को गुजैनी पीएचसी बुलाया गया था। वहां पहुंचे तो स्वास्थ्यकर्मियों ने बताया कि वैक्सीन खत्म हो गई है शनिवार को आएं। यहां तैनात स्टाफ ने बताया कि पहले जहां 270 से 260 वैक्सीन मिल रही थीं।
अब 110 से 130 ही मिल रही हैं। इसलिए दिक्कत है। इसी तरह गोविंदनगर स्थित जागेश्वर वैक्सीनेशन सेंटर में भी रोज करीब 200 से 250 लोग वैक्सीनेशन के लिए पहुंच रहे हैं। 100 से अधिक लोगों को निराश लौटना पड़ रहा है। कल्याणपुर सीएचसी पर भी वैक्सीन की कमी के चलते लोगों को आगे की तारीख दी जा रही है।
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के आह्वान पर 11 अप्रैल से शुरू हुए चार दिवसीय टीकाकरण महोत्सव भी फीका रहा। इस दौरान भी वैक्सीन की कमी आड़े आई। महोत्सव तीन दिन में ही समेटना पड़ा। स्वास्थ्य विभाग ने लंबेचौड़े लक्ष्य का दिखावा किया, पर 52 फीसदी लोगों का ही टीकाकरण हो पाया। तीन दिनों में 143 केंद्रों पर 76 हजार के लक्ष्य के मुकाबले सिर्फ 39730 लोग टीका लगवा पाए। चौथे दिन महज 32 केंद्रों पर नौ हजार 550 के लक्ष्य के मुकाबले लगभग पांच हजार लोगों को ही टीका लगा।
लोग आते हैं, पर मायूस लौट जाते हैं
किदवईनगर साइड नंबर वन के रहने वाले राकेश कुमार शुक्ला (63) ने बताया कि उन्हें वैक्सीन की पहली डोज लेने के लिए शुक्रवार को गुजैनी पीएचसी बुलाया गया था। वहां पहुंचे तो स्वास्थ्यकर्मियों ने बताया कि वैक्सीन खत्म हो गई है शनिवार को आएं। यहां तैनात स्टाफ ने बताया कि पहले जहां 270 से 260 वैक्सीन मिल रही थीं।
अब 110 से 130 ही मिल रही हैं। इसलिए दिक्कत है। इसी तरह गोविंदनगर स्थित जागेश्वर वैक्सीनेशन सेंटर में भी रोज करीब 200 से 250 लोग वैक्सीनेशन के लिए पहुंच रहे हैं। 100 से अधिक लोगों को निराश लौटना पड़ रहा है। कल्याणपुर सीएचसी पर भी वैक्सीन की कमी के चलते लोगों को आगे की तारीख दी जा रही है।