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सीएसजेएमयू में आब्जेक्टिव हुए ग्रेजुएशन के 14 पेपर
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर
Updated Sat, 29 Nov 2014 03:46 AM IST
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छत्रपति शाहूजी महाराज यूनिवर्सिटी ने बीए, बीएससी, बीकॉम फर्स्ट ईयर और बीए सेकेंड ईयर के 14 पेपर आब्जेक्टिव कर दिए हैं। इनकी परीक्षा चालू शैक्षिक सत्र (2014-15) से होगी।
हर पेपर चार-चार सेट में बनवाया जाएगा, ताकि नकल पर नकेल कसी जा सके। इससे पहले (2013-14) बीए फर्स्ट ईयर के छह सब्जेक्ट ( समाज शास्त्र, अर्थ शास्त्र, भूगोल, शिक्षा शास्त्र, राजनीति विज्ञान और इतिहास) के एक-एक पेपर आब्जेक्टिव किए गए थे।
अब बीए, बीएससी और बीकॉम फर्स्ट ईयर, सेकेंड ईयर के 20 सब्जेक्ट के एक-एक पेपर आब्जेक्टिव हो गए हैं।
यूनिवर्सिटी परीक्षा समिति की महत्वपूर्ण मीटिंग शुक्रवार को एकेडमिक भवन सभागार में हुई।
इसकी अध्यक्षता कुलपति प्रो. जेवी वैशंपायन ने की। कुलपति ने कहा कि 1200 डिग्री कॉलेज हैं, जिनका दायरा प्रदेश के 15 जिलों में फैला है।
रेग्युलर एग्जाम में 12 लाख और प्राइवेट एग्जाम में 1.50 लाख स्टूडेंट्स शामिल होते हैं। एग्जाम के बाद एग्जाम और प्रैक्टिकल की एक करोड़ कॉपियां जंचवाने और समय से रिजल्ट जारी करने का दबाव होता है।
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ऐसे में आब्जेक्टिव पैटर्न का पेपर लाभदायक साबित होगा। इनका मूल्यांकन कंप्यूटराइज्ड और ओएमआर बेस्ड होगा, जिससे रिजल्ट जारी करने में देरी नहीं होगी।
चर्चा के बाद ही बीएड फर्स्ट ईयर के दो सब्जेक्ट, बीए सेकेंड ईयर के छह सब्जेक्ट, बीएससी फर्स्ट ईयर के पांच सब्जेक्ट और बीकॉम फर्स्ट ईयर के एक सब्जेक्ट (कुल 14 सब्जेक्ट) के एक-एक पेपर को आब्जेक्टिव कर िददिए गए।
कानपुर यूनिवर्सिटी प्रदेश की पहली यूनिवर्सिटी है, जहां कि 20 सब्जेक्ट के एक-एक पेपर की परीक्षा आब्जेक्टिव कराई जाएगी। मीटिंग में रजिस्ट्रार सैय्यद वकार हुसैन, प्रो. मृदुला भदौरिया, कूटा अध्यक्ष डॉ. आरके सिंह, महामंत्री डॉ. देवेंद्र अवस्थी और परीक्षा नियंत्रक राज बहादुर यादव भी मौजूद रहे।
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हर पेपर चार-चार सेट में बनवाया जाएगा, ताकि नकल पर नकेल कसी जा सके। इससे पहले (2013-14) बीए फर्स्ट ईयर के छह सब्जेक्ट ( समाज शास्त्र, अर्थ शास्त्र, भूगोल, शिक्षा शास्त्र, राजनीति विज्ञान और इतिहास) के एक-एक पेपर आब्जेक्टिव किए गए थे।
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अब बीए, बीएससी और बीकॉम फर्स्ट ईयर, सेकेंड ईयर के 20 सब्जेक्ट के एक-एक पेपर आब्जेक्टिव हो गए हैं।
यूनिवर्सिटी परीक्षा समिति की महत्वपूर्ण मीटिंग शुक्रवार को एकेडमिक भवन सभागार में हुई।
इसकी अध्यक्षता कुलपति प्रो. जेवी वैशंपायन ने की। कुलपति ने कहा कि 1200 डिग्री कॉलेज हैं, जिनका दायरा प्रदेश के 15 जिलों में फैला है।
रेग्युलर एग्जाम में 12 लाख और प्राइवेट एग्जाम में 1.50 लाख स्टूडेंट्स शामिल होते हैं। एग्जाम के बाद एग्जाम और प्रैक्टिकल की एक करोड़ कॉपियां जंचवाने और समय से रिजल्ट जारी करने का दबाव होता है।
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ऐसे में आब्जेक्टिव पैटर्न का पेपर लाभदायक साबित होगा। इनका मूल्यांकन कंप्यूटराइज्ड और ओएमआर बेस्ड होगा, जिससे रिजल्ट जारी करने में देरी नहीं होगी।
चर्चा के बाद ही बीएड फर्स्ट ईयर के दो सब्जेक्ट, बीए सेकेंड ईयर के छह सब्जेक्ट, बीएससी फर्स्ट ईयर के पांच सब्जेक्ट और बीकॉम फर्स्ट ईयर के एक सब्जेक्ट (कुल 14 सब्जेक्ट) के एक-एक पेपर को आब्जेक्टिव कर िददिए गए।
कानपुर यूनिवर्सिटी प्रदेश की पहली यूनिवर्सिटी है, जहां कि 20 सब्जेक्ट के एक-एक पेपर की परीक्षा आब्जेक्टिव कराई जाएगी। मीटिंग में रजिस्ट्रार सैय्यद वकार हुसैन, प्रो. मृदुला भदौरिया, कूटा अध्यक्ष डॉ. आरके सिंह, महामंत्री डॉ. देवेंद्र अवस्थी और परीक्षा नियंत्रक राज बहादुर यादव भी मौजूद रहे।