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जरूरी खबर: डायरिया से रोगियों का गिर रहा है ब्लड प्रेशर, ये लक्षण दिखाई दें तो सतर्क हो जाएं
Sun, 04 Sep 2022 07:26 AM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sun, 04 Sep 2022 07:26 AM IST
सार
डायरिया के रोगियों की तबियत तेजी से बिगड़ने की वजह के संबंध में डॉ. एमपी सिंह ने बताया कि रोगियों को इस बार दस्त अधिक बार आ रहे हैं। पानी और नमक की कमी अधिक हो जाती है। इसी तरह उर्सला की ओपीडी में भी रोगी आ रहे हैं। डायरिया के बाद उन्हें तेजी से कमजोरी आती है और बेहोशी आ जाती है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
डायरिया इस बार नए तरह का लक्षण दे रहा है। उल्टी-दस्त से शरीर में नमक और पानी की कमी इतनी तेज होती है कि रोगी का ब्लड प्रेशर गिर जाता है। 120/80 के स्थान पर डायरिया रोगी का ब्लड प्रेशर 85/45 तक हो जाता है। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के डॉ. एमपी सिंह ने बताया कि रोगी बेहोशी की हालत (शॉक) में आता है।
उसका बीपी और पल्स नहीं मिलती। रोगी तुरंत इमरजेंसी में भर्ती करके इलाज देना पड़ रहा है। इस बार इस तरह के रोगी अधिक आ रहे हैं। शनिवार को दो डायरिया रोगी ओपीडी में बेहोश हो गया। उन्हें जल्दी से इमरजेंसी में दिखाया गया। बाद स्थिति सुधर गई।
इसके अलावा बालरोग अस्पताल में वायरल संक्रमण के कारण निमोनिया रोगी बढ़ रहे हैं। हैलट के वार्ड में इस समय 1060 रोगी भर्ती हैं। जच्चा-बच्चा अस्पताल में रोगी बढ़ने के कारण एक वार्ड और खोल दिया गया। डायरिया के रोगियों की तबियत तेजी से बिगड़ने की वजह के संबंध में डॉ. एमपी सिंह ने बताया कि रोगियों को इस बार दस्त अधिक बार आ रहे हैं।
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उसका बीपी और पल्स नहीं मिलती। रोगी तुरंत इमरजेंसी में भर्ती करके इलाज देना पड़ रहा है। इस बार इस तरह के रोगी अधिक आ रहे हैं। शनिवार को दो डायरिया रोगी ओपीडी में बेहोश हो गया। उन्हें जल्दी से इमरजेंसी में दिखाया गया। बाद स्थिति सुधर गई।
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इसके अलावा बालरोग अस्पताल में वायरल संक्रमण के कारण निमोनिया रोगी बढ़ रहे हैं। हैलट के वार्ड में इस समय 1060 रोगी भर्ती हैं। जच्चा-बच्चा अस्पताल में रोगी बढ़ने के कारण एक वार्ड और खोल दिया गया। डायरिया के रोगियों की तबियत तेजी से बिगड़ने की वजह के संबंध में डॉ. एमपी सिंह ने बताया कि रोगियों को इस बार दस्त अधिक बार आ रहे हैं।
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पानी और नमक की कमी अधिक हो जाती है। इसी तरह उर्सला की ओपीडी में भी रोगी आ रहे हैं। डायरिया के बाद उन्हें तेजी से कमजोरी आती है और बेहोशी आ जाती है। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि जच्चा-बच्चा अस्पताल में डबलिंग की नौबत आ रही थी।
इससे वार्ड नंबर नौ खोल दिया गया है। इसके साथ ही हैलट इमरजेंसी में और व्यवस्था बनाई जा रही है। रोगियों की संख्या को देखते ही इमरजेंसी में जगह कम पड़ रही है। बालरोग के पीडियाट्रिक आईसीयू के बेड की संख्या लगभग दोगुना कर दी जाएगी। अभी 22 बेड हैं, यहां 42 बेड कर दिए जाएंगे।
इससे वार्ड नंबर नौ खोल दिया गया है। इसके साथ ही हैलट इमरजेंसी में और व्यवस्था बनाई जा रही है। रोगियों की संख्या को देखते ही इमरजेंसी में जगह कम पड़ रही है। बालरोग के पीडियाट्रिक आईसीयू के बेड की संख्या लगभग दोगुना कर दी जाएगी। अभी 22 बेड हैं, यहां 42 बेड कर दिए जाएंगे।
एडवाइजरी
- पहला दस्त आने के साथ ही ओआरएस घोल पिएं।
- खानपान बेहद सादा और पौष्टिक रखें।
- उल्टी-दस्त अगर नहीं रुक रहा तो तुरंत अस्पताल जाएं।
- खाली पेट न रहें, अगर सुस्ती लगे तो खाने में नमक बढ़ा लें।
- पानी उबाल कर पिएं या आरओ का पानी इस्तेमाल करें।
- पहला दस्त आने के साथ ही ओआरएस घोल पिएं।
- खानपान बेहद सादा और पौष्टिक रखें।
- उल्टी-दस्त अगर नहीं रुक रहा तो तुरंत अस्पताल जाएं।
- खाली पेट न रहें, अगर सुस्ती लगे तो खाने में नमक बढ़ा लें।
- पानी उबाल कर पिएं या आरओ का पानी इस्तेमाल करें।