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Kanpur News: सरकारी दफ्तरों के अधिकारियों को एआई एक्सपर्ट बनाएगा आईआईटी
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प्रशिक्षण कार्यक्रम में मौजूद अधिकारी।
- फोटो : आईआईटी
कानपुर। आईआईटी कानपुर अब सरकारी दफ्तरों के अधिकारियों को एआई का विशेषज्ञ बनाएगा। इसके लिए इकोनॉमिक साइंस विभाग और वाधवानी सेंटर फॉर एआई पॉलिसी एंड आउटरीच के सहयोग से पांच दिन के प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की गई है।
ट्रेनिंग, इकोनॉमिक्स, पब्लिक पॉलिसी विषय पर आधारित कार्यक्रम को नेशनल सेंटर फॉर गुड गवर्नेंस की ओर से प्रायोजित किया गया है। पांच दिनों तक चलने वाले इस कार्यक्रम के जरिये भारत के अलग-अलग मंत्रालयों में काम कर रहे वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों को डिजिटल गवर्नेंस के बारे में जानकारी हासिल करने का मौका मिलेगा।
आईआईटी कानपुर के निदेशक प्रो. मणींद्र अग्रवाल ने कहा कि सार्वजनिक नीति से जुड़े अधिकारियों के लिए यह कार्यक्रम तैयार किया गया है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम डेटा-आधारित गवर्नेंस की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है और वाधवानी सेंटर फॉर एआई पॉलिसी एंड आउटरीच के तत्वावधान में आयोजित पहला कार्यक्रम है।
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नेशनल सेंटर फॉर गुड गवर्नेंस के निदेशक सुरेंद्र बागड़े ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम अधिकारियों को डेटा-केंद्रित गवर्नेंस के बारे में जानकारी देंगे। वाधवानी सेंटर फॉर एआई पॉलिसी एंड आउटरीच के डीन प्रो. नितिन सक्सेना ने बताया कि हमारा लक्ष्य एआई को सरल ढंग से समझाने के साथ अधिकारियों को गवर्नेंस में उभरती तकनीकों का मूल्यांकन और इसे इस्तेमाल करने के लिए आवश्यक टूल्स की जानकारी देना है।
इकोनॉमिक साइंस विभाग की एचओडी प्रोफेसर सोहिनी साहू ने कहा कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम इकोनॉमिक्स, तकनीक और पब्लिक पॉलिसी को एक साथ लाता है। आर्थिक विज्ञान विभाग और वाधवानी सेंटर फॉर एआई पॉलिसी एंड आउटरीच से जुड़े प्रोफेसर विमल कुमार ने कहा कि जैसे-जैसे समाज तेजी से तकनीकी परिवर्तन से गुजर रहा है, वैसे-वैसे इस प्रकार के कार्यक्रम गवर्नेंस और उभरती तकनीकों के बीच समझ की खाई को पाटने में सहायक होते हैं।
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ट्रेनिंग, इकोनॉमिक्स, पब्लिक पॉलिसी विषय पर आधारित कार्यक्रम को नेशनल सेंटर फॉर गुड गवर्नेंस की ओर से प्रायोजित किया गया है। पांच दिनों तक चलने वाले इस कार्यक्रम के जरिये भारत के अलग-अलग मंत्रालयों में काम कर रहे वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों को डिजिटल गवर्नेंस के बारे में जानकारी हासिल करने का मौका मिलेगा।
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आईआईटी कानपुर के निदेशक प्रो. मणींद्र अग्रवाल ने कहा कि सार्वजनिक नीति से जुड़े अधिकारियों के लिए यह कार्यक्रम तैयार किया गया है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम डेटा-आधारित गवर्नेंस की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है और वाधवानी सेंटर फॉर एआई पॉलिसी एंड आउटरीच के तत्वावधान में आयोजित पहला कार्यक्रम है।
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नेशनल सेंटर फॉर गुड गवर्नेंस के निदेशक सुरेंद्र बागड़े ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम अधिकारियों को डेटा-केंद्रित गवर्नेंस के बारे में जानकारी देंगे। वाधवानी सेंटर फॉर एआई पॉलिसी एंड आउटरीच के डीन प्रो. नितिन सक्सेना ने बताया कि हमारा लक्ष्य एआई को सरल ढंग से समझाने के साथ अधिकारियों को गवर्नेंस में उभरती तकनीकों का मूल्यांकन और इसे इस्तेमाल करने के लिए आवश्यक टूल्स की जानकारी देना है।
इकोनॉमिक साइंस विभाग की एचओडी प्रोफेसर सोहिनी साहू ने कहा कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम इकोनॉमिक्स, तकनीक और पब्लिक पॉलिसी को एक साथ लाता है। आर्थिक विज्ञान विभाग और वाधवानी सेंटर फॉर एआई पॉलिसी एंड आउटरीच से जुड़े प्रोफेसर विमल कुमार ने कहा कि जैसे-जैसे समाज तेजी से तकनीकी परिवर्तन से गुजर रहा है, वैसे-वैसे इस प्रकार के कार्यक्रम गवर्नेंस और उभरती तकनीकों के बीच समझ की खाई को पाटने में सहायक होते हैं।