IIT Rape Case: मोहसिन का मोबाइल फोन था खाली, फॉरेंसिक लैब भेजा गया, एसआईटी को है ये आशंका…अफसर ने कही ये बात
Kanpur News: दोनों मामलों की विवेचना मुख्य विवेचक एडीसीपी ट्रैफिक अर्चना सिंह और एसआईटी कर रही है। यौन शोषण के मामले में एसआईटी पहले ही कोर्ट में पीड़ित छात्रा का बयान दर्ज करा चुकी है। विवेचक भी बयान दर्ज कर चुकी हैं।
विस्तार
कानपुर में यौन उत्पीड़न का शिकार आईआईटी की पीएचडी छात्रा ने मानहानि और धमकी के मामले में शनिवार को अपने बयान दर्ज कराए। एसआईटी ने डेढ़ घंटे तक आईआईटी की लैब में पीड़ित छात्रा से बातचीत कर बयान दर्ज किए। सूत्रों की मानें तो पीड़ित छात्रा ने एफआईआर में लिखी बातों को दोहराया है। पीड़ित छात्रा के बयान दर्ज करने के बाद एसआईटी और विवेचक ने मामले की जांच तेज कर दी है।
आईआईटी की पीएचडी छात्रा ने कल्याणपुर थाने में तत्कालीन कलक्टरगंज एसीपी मोहसिन खान के खिलाफ शादी का झांसा देकर यौन शोषण करने व अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई थी। दूसरी एफआईआर मानहानि और धमकी देने व समेत अन्य धाराओं में मोहसिन और उसके अधिवक्ता के खिलाफ कल्याणपुर थाने में ही दर्ज कराई थी।
विवेचक के प्रत्येक सवाल का जवाब दिया
शनिवार को विवेचक और उनकी टीम ने आईआईटी पहुंचकर पीड़ित छात्रा के दूसरे केस में बयान दर्ज किए। सूत्रों के मुताबिक डेढ़ घंटे तक पीड़ित छात्रा के बयान एसआईटी के विवेचक ने लिए। इस दौरान पीड़ित ने बयान में एफआईआर की बातों को दोहराया है। पुलिस सूत्र बताते हैं कि पीड़ित छात्रा ने बड़े विश्वास के साथ विवेचक के प्रत्येक सवाल का जवाब दिया।
मोहसिन का मोबाइल फॉरेंसिक लैब भेजा गया
एसीपी कलक्टरगंज रहे मोहसिन खान ने डाटा डिलीट करने के बाद एसआईटी को मोबाइल सौंपा है। इसकी वजह से अब एसआईटी की टेक्निकल विंग ने डाटा रिकवर करने के लिए मोबाइल फॉरेंसिक साइंस लैब लखनऊ भेजा है। साथ ही मोहसिन का मोबाइल का डाटा रिकवर करने के लिए भी प्रयास किया जा रहा है। ताकि मोहसिन के मोबाइल से अहम साक्ष्य मिल सकें।
वॉट्सएप चैट और फोटो समेत डाटा डिलीट
डाटा रिकवर होने के बाद हर बिन्दु और कड़ी को मिलाया जा सकेगा। चार्जशीट तैयार करने के लिए सभी अहम साक्ष्य को जुटाया जा सके। एसआईटी डाटा रिकवर होने पर दोनों के बीच बातचीत और मुलाकात की कड़ियों को जोड़ेगी। सूत्रों के मुताबिक मोबाइल से एसीपी और छात्रा की वॉट्सएप चैट और फोटो समेत डाटा डिलीट किया गया है। उसे रिकवर करने की कोशिश की जा रही है।
पूरा मोबाइल फोन था खाली
एसीपी रहे मोहसिन का मोबाइल फोन को खंगाला, तो उसका पूरा डाटा डिलीट था। जबकि छात्रा के मोबाइल फोन में लगभग पूरी जानकारियां थीं। छात्रा का मोबाइल और लैपटॉप रिपोर्ट दर्ज होने के दूसरे दिन ही जांच के लिए पुलिस ने अपने कब्जे में लिया था। उस समय छात्रा ने कहा था कि पीड़ित छात्रा का तो मोबाइल, लैपटॉप जांच को लिया है, लेकिन आरोपी को पुलिस इतनी सहूलियत दे रही कि महीनों बाद भी उसका मोबाइल जांच के लिए कब्जे में नहीं लिया है।
दूसरा मोबाइल देने की आशंका
एसआईटी में शामिल एक अफसर ने बताया कि पूर्व एसीपी का मोबाइल तो देखकर लग रहा है कि वह उनका निजी मोबाइल नहीं है। जिस मोबाइल से छात्रा से बातचीत, वॉट्सएप चैटिंग करते थे। अगर जांच में एसीपी ने दूसरा मोबाइल दिया होगा तो एक बात तो साफ है कि मोहसिन के खिलाफ मोबाइल से संबंधित एक भी इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य नहीं मिल सकेगा।