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आईआईटी के प्रो. मणींद्र का दावा: एक महीने रहेगा कोरोना का कहर, मार्च तक खत्म हो जाएगी तीसरी लहर
Thu, 13 Jan 2022 07:11 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Thu, 13 Jan 2022 07:11 PM IST
सार
प्रो. अग्रवाल ने बताया कि यूके को लेकर किया गया आकलन लगभग सही साबित हुआ। उन्होंने दावा किया था कि वहां पांच जनवरी तक कोरोना पीक पर होगा और इसके बाद संक्रमण में कमी आएगी।
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प्रोफेसर मणींद्र अग्रवाल
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर मणींद्र अग्रवाल ने गणितीय मॉडल के आधार पर बताया है कि कोरोना अभी एक महीने और कहर बरपाएगा। जनवरी के आखिरी सप्ताह में कोरोना पीक पर होगा। 15 फरवरी से संक्रमितों की संख्या घटने लगेगी।
इसके बाद मार्च तक तीसरी लहर खत्म हो जाएगी। प्रोफेसर ने अपने अध्ययन में दावा किया है कि कोरोना जब देश में पीक पर होगा, तब रोजाना सात से आठ लाख मरीज आएंगे। संक्रमण जितनी तेजी से बढ़ेगा, उतनी तेजी से उतार भी आएगा।
प्रो. अग्रवाल ने कहा कि आंकड़ों के आधार पर अभी तक जो अध्ययन सामने आया है, उसके अनुसार 15 फरवरी तक कोरोना के केस देशभर में 20 से 25 हजार रह जाएंगे। दिल्ली में कोरोना जल्द पीक पर पहुंचने वाला है। इसके बाद संक्रमण कमे होने लगेगा।
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प्रो. अग्रवाल ने बताया कि दोनों डोज लगने के बाद विकसित प्रतिरोधक क्षमता को ओमिक्रॉन बाईपास कर रहा है। हालांकि ओमिक्रॉन स्वयं में इतना घातक नहीं है। इसलिए संक्रमण तो बढ़ेगा, लेकिन अस्पताल जाने वालों की संख्या कम रहेगी।
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इसके बाद मार्च तक तीसरी लहर खत्म हो जाएगी। प्रोफेसर ने अपने अध्ययन में दावा किया है कि कोरोना जब देश में पीक पर होगा, तब रोजाना सात से आठ लाख मरीज आएंगे। संक्रमण जितनी तेजी से बढ़ेगा, उतनी तेजी से उतार भी आएगा।
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प्रो. अग्रवाल ने कहा कि आंकड़ों के आधार पर अभी तक जो अध्ययन सामने आया है, उसके अनुसार 15 फरवरी तक कोरोना के केस देशभर में 20 से 25 हजार रह जाएंगे। दिल्ली में कोरोना जल्द पीक पर पहुंचने वाला है। इसके बाद संक्रमण कमे होने लगेगा।
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प्रो. अग्रवाल ने बताया कि दोनों डोज लगने के बाद विकसित प्रतिरोधक क्षमता को ओमिक्रॉन बाईपास कर रहा है। हालांकि ओमिक्रॉन स्वयं में इतना घातक नहीं है। इसलिए संक्रमण तो बढ़ेगा, लेकिन अस्पताल जाने वालों की संख्या कम रहेगी।
यूके, यूएस पर किया गया दावा सही साबित हुआ
प्रो. अग्रवाल ने बताया कि यूके को लेकर किया गया आकलन लगभग सही साबित हुआ। उन्होंने दावा किया था कि वहां पांच जनवरी तक कोरोना पीक पर होगा और इसके बाद संक्रमण में कमी आएगी। वर्तमान में यूके की स्थिति ऐसी ही है। यूएसए में 15 से 20 जनवरी तक पीक बताया था, वहां की स्थिति भी उनके मॉडल के अनुसार ही बढ़ रही है। प्रो. मणींद्र ने कहा कि तीसरी लहर में अस्पताल में भर्ती होने जैसी स्थिति नहीं है।
प्रो. अग्रवाल ने बताया कि यूके को लेकर किया गया आकलन लगभग सही साबित हुआ। उन्होंने दावा किया था कि वहां पांच जनवरी तक कोरोना पीक पर होगा और इसके बाद संक्रमण में कमी आएगी। वर्तमान में यूके की स्थिति ऐसी ही है। यूएसए में 15 से 20 जनवरी तक पीक बताया था, वहां की स्थिति भी उनके मॉडल के अनुसार ही बढ़ रही है। प्रो. मणींद्र ने कहा कि तीसरी लहर में अस्पताल में भर्ती होने जैसी स्थिति नहीं है।