{"_id":"5b936800867a557f220f89e3","slug":"iit-kanpur-started-measuring-particulate-matter-2-5-in-these-cities","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"घर बैठे पता कर सकेंगे \"किस शहर में है कितना प्रदूषण\", आईआईटी कानपुर ने तैयार किया ये उपकरण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
घर बैठे पता कर सकेंगे "किस शहर में है कितना प्रदूषण", आईआईटी कानपुर ने तैयार किया ये उपकरण
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sat, 08 Sep 2018 04:08 PM IST
सार
- आईआईटी पूरे देश में लगाएगा प्रदूषण मापने के लिए सस्ते सेंसर
- एक महीने बाद कहीं से भी बैठ कर ऑनलाइन चेक कर सकेंगे आंकड़े
विज्ञापन
डेमो पिक
विस्तार
आईआईटी कानपुर ने देश के 11 शहरों में प्रदूषण (पीएम 2.5) का स्तर मापना शुरू कर दिया है। अप्रैल 2018 को इस प्रोजेक्ट को मंजूरी मिली थी। डिपार्टमेंट ऑफ साइंसेज (डीएसटी) की मदद से आईआईटी ने कानपुर, भोपाल, वाराणसी, पटना, रांची, चंडीगढ़, रायपुर, अहमदाबाद, जयपुर , दिल्ली और देहरादून में पीएम (पर्टिकुलेट मैटर) 2.5 मापने के लिए फील्ड कैलिब्रेशन ऑफ एटॉमस मशीन लगाई है।
यह मशीन कानपुर में आईआईटी में लगी है। इस प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी प्रो. सच्चिदानंद त्रिपाठी की है। सभी शहरों के प्रदूषण का डाटा आईआईटी कानपुर के मास्टर कंप्यूटर में एकत्र होगा। जल्द ही एक वेबसाइट भी लॉन्च होगी जिसमें प्रदूषण की मात्रा देखी जा सकेगी।
विज्ञापन
यह मशीन कानपुर में आईआईटी में लगी है। इस प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी प्रो. सच्चिदानंद त्रिपाठी की है। सभी शहरों के प्रदूषण का डाटा आईआईटी कानपुर के मास्टर कंप्यूटर में एकत्र होगा। जल्द ही एक वेबसाइट भी लॉन्च होगी जिसमें प्रदूषण की मात्रा देखी जा सकेगी।
विज्ञापन
Trending Videos
डेमो पिक
अभी आईआईटी पीएम 2.5 को रिकॉर्ड कर रही है। अगले माह वातावरण में सल्फर डाईऑक्सइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड, कॉर्बन मोनोऑक्साइड की मात्रा भी जांचेगी। इस संबंध में 30 अगस्त को ही आईआईटी के वैज्ञानिकों के साथ पर्यावरण मंत्रालय, फॉरेस्ट डिपार्टमेंट, क्लाइमेट चेंज, सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड की बैठक हुई थी। इसमें तय हुआ था कि 11 शहरों के अलावा अन्य शहरों में भी सस्ते सेंसर लगाए जाएंगे।
विज्ञापन
नेहरू नगर में पीएम 2.5 है सामान्य से ज्यादा
डेमो पिक
पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड की ओर से शहर में चार जगह प्रदूषण मापने के लिए सेंसर लगे हैं। यह सेंसर एक्यूआई (एयर क्वालिटी इंडेक्स) चेक करते हैं। नेहरू नगर में लगे सेंसर के अनुसार शुक्रवार को पीएम 2.5 का स्तर 72 था।
सामान्य स्थिति 50 (पीएम 2.5) होती है। इसे खतरा नहीं माना जाएगा, लेकिन स्थिति चिंताजनक है। पीएम 10 के मुकाबले पीएम 2.5 ज्यादा खतरनाक होता है। यह आकार में भी काफी छोटे होते हैं। ससे अस्थमा, हार्ट संबंधी बीमारी हो सकती है।
सामान्य स्थिति 50 (पीएम 2.5) होती है। इसे खतरा नहीं माना जाएगा, लेकिन स्थिति चिंताजनक है। पीएम 10 के मुकाबले पीएम 2.5 ज्यादा खतरनाक होता है। यह आकार में भी काफी छोटे होते हैं। ससे अस्थमा, हार्ट संबंधी बीमारी हो सकती है।