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दिनचर्या अनियमित है तो खुश रहें, तनाव न बढ़ाएं, जिंदगी को आसान बनाने के ये हैं टिप्स

Wed, 17 Apr 2019 03:01 PM IST
शिखा पांडेय यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Wed, 17 Apr 2019 03:01 PM IST
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If your routine is irregular then be happy, do not take stress
डायबिटीज से बचने के दिए टिप्स - फोटो : अमर उजाला
अगर दिनचर्या अनियमित है, सोने और खाने का समय निश्चित नहीं तो ऐसे में डायबिटीज से बचने के लिए एक काम आपके हाथ में हैं, वह यह कि स्ट्रेस कतई न करें, खुश रहें। स्ट्रेस लेने से शरीर में कार्टिसोल हारमोन का रिसाव होता है, जिससे भूख लगती है पेट पर वसा का जमाव होता है। इससे डायबिटीज बढ़ती है।
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यह बात इंडियन मेडिकल एसोसिएशन कॉलेज आफ जनरल प्रैक्टिसनर्श के रिफ्रेशर कोर्स में दिल्ली के हारमोंस रोग विशेषज्ञ डॉ. रत्नेश कंवर ने बताई। इस मौके पर डॉ. कंवर ने हाइपर थायरोडिज्म पर प्रजेंटेशन दिया।

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रिफ्रेशर कोर्स के दौरान बातचीत में डॉ. कंवर ने बताया कि मानसिक तनाव को रोकना व्यक्ति के हाथ में होता है। वह चाहे तो किसी काम को खुशी-खुशी कर ले या फिर कोई बहाना करके स्ट्रेस भी कर सकता है।

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यह डायबिटीज के मुख्य कारणों में है। उन्होंने बताया कि कार्टिसोल स्टेरॉयड होता है। यह शरीर के हाथ-पैर की वसा पेट पर लाकर जमा देता है। डॉ. कंवर ने बताया कि अधिक थायरॉयड से व्यक्ति को घबराहट, उलझन, बेचैनी और दिल की धड़कन तेज होती है। रोगी इसे दिल की बीमारी समझ लेता है।

इसके अलावा मानसिक दिक्कतें भी हो जाती हैं। थायरॉयड घटने से रोगी का वजन बढ़ने लगता है। महिलाओं में यह बीमारी चार गुना अधिक होती है। अगर गर्भावस्था के दौरान मां को हाइपर थायरोडिज्म है तो बच्चे में पैदाइशी बीमारियां हो सकती हैं। प्रत्येक नवजात की तीन महीने के अंदर थायरॉयड की जांच करा लेनी चाहिए।

लाइलाज रोगों का स्टेम सेल से इलाज
रिफ्रेशर कोर्स में लाइफ सेल हैदराबाद के डॉ. दीपक ने बताया कि स्टेम सेल से लाइलाज बीमारियों का उपचार हो रहा है। स्टेम सेल से ब्लड कैंसर, एप्लास्टिक एनीमिया, लिम्फोमा, थैलेसीमिया मेजर, मल्टीपल माइलोमा का उपचार किया जा सकता है। इसके अलावा मस्तिष्क कैंसर, हार्ट फेल्योर, पार्किंसन और एएलस सरीखे घातक रोगों में भी स्टेम सेल का प्रयोग हो रहा है।
 

स्मार्ट फोन इलाज भी है और मर्ज भी
आईएमए सीजीपी रिफ्रेशर के दौरान स्मार्ट फोन वरदान या अभिशाप विषय पर वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस मौके पर आईआईटी कानपुर की एमटेक की छात्रा नंदिनी कुमारी रोमा ने स्मार्ट फोन के पक्ष में और मंजीर मजूमदार ने इसके विपक्ष में तर्क दिए। रोमा ने स्मार्ट फोन से दुनिया की सारी जानकारी इकट्ठे करने का सरल माध्यम बताया तो वहीं मंजीर ने बताया कि इससे लोग अनिद्रा के शिकार हो रहे हैं। इसके  अधिक उपयोग से लोग मनोरोगों की गिरफ्त में आ रहे हैं। दोनों वक्ताओं ने अलग-अलग अपने तर्क दिए।

टिप्स
- फोन पर लंबी बातें न करें, अधिक समय वीडियो न देखें। 
- फोन पर बात कम करें, टेक्स्ट मैसेज अधिक करें। 
- बच्चों को फोन का इस्तेमाल न करने दें। 
- फोन को पाउच या बैग में रखें, कमीज, पेंट की जेब में न डालें। 
- चलते वाहन पर फोन का प्रयोग न करें, इस समय रेडिएशन अधिक होता है। 
- कमजोर सिग्नल होने पर भी फोन का रेडिएशन अधिक होता है। 
- फोन को अपने से तीन फुट की दूरी पर रखें। 
- चार्जिंग के समय फोन का प्रयोग न करें।
- सोने के समय फोन का अधिक इस्तेमाल न करें। 
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