कोरोना नेजल वैक्सीन का ट्रायल: आईसीएमआर से मिली अनुमति, कानपुर सहित 18 केंद्रो में होगा
कानपुर के प्रखर अस्पताल में नेजल कोरोना वैक्सीन का तीसरा ट्रायल हो रहा है, जिसमें 180 वालंटियर शामिल किए जा रहे हैं। यहां पहले भी दो ट्रायल हो चुके हैं, जिनके परिणाम उत्साहजनक रहे हैं।
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कानपुर में कोरोना से बचाव के लिए नेजल वैक्सीन का तीसरा ट्रायल गुरुवार से आर्यनगर स्थित प्रखर अस्पताल में शुरू होगा। इसमें नाक के जरिए स्वदेशी कोवाक्सिन दी जाएगी। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च, आईसीएमआर ने ट्रायल के लिए हरी झंडी दे दी है। वहीं, वैज्ञानिकों का मानना है कि नेजल वैक्सीन नाक और फेफड़ों में मजबूत प्रतिरक्षा तंत्र का निर्माण करेगी। इससे वायरस संक्रमण के खिलाफ सुरक्षा में मदद मिलेगी।
बता दें कि नेजल वैक्सीन के पहले दो ट्रायल भी प्रखर अस्पताल में हुए थे। ट्रायल के चीफ इन्वेस्टिगेटर डॉ. जेएस कुशवाहा ने बताया कि वैक्सीन की चार-चार बूंदें नाक के दोनों तरफ डाली जाएंगी। दूसरी डोज 28 दिन के बाद दी जाएगी। इस मौके पर वालंटियर का सैंपल लिया जाएगा। इससे पता चलेगा कि उसमें कितनी एंटीबॉडीज बनी हैं। नेजल वैक्सीन के ट्रायल में उन्हीं लोगों को शामिल किया जाएगा, जिन्होंने कोई वैक्सीन नहीं लगवाई है।
डॉ. कुशवाहा ने बताया कि देश के 18 सेंटरों पर इसका ट्रायल किया जाएगा। शहर के सेंटर पर 180 वालंटियर शामिल किए जा रहे हैं। यह ट्रायल तीन महीने में करना है। वैक्सीन की डोज के बाद 28, 42, 90 और 180 दिन पर सैंपल लिए जाएंगे। सैंपल में एंटीबॉडीज का टेस्ट होगा। इसके पहले हुए ट्रायल में जो लोग शामिल हुए, उनके सैंपल में अच्छी मात्रा में एंटीबॉडीज मिली थीं।