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छुरी से काटा था पत्नी का गला...बेटी ने दिलाई हत्यारे पिता को उम्रकैद
Sat, 19 Jan 2019 08:10 PM IST
प्रशांत कुमार
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Sat, 19 Jan 2019 08:10 PM IST
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यूपी के औरैया जिले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने कोतवाली क्षेत्र में छुरी से गला काटकर पत्नी की हत्या के दोषी को आजीवन कारावास और 60 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। मृतका की पुत्री ने मां की हत्या के साक्ष्य प्रस्तुत कर पिता को दंडित कराया।
अभियोजन के अनुसार, एनटीपीसी के सामने बहादुरपुर थाना दिबियापुर निवासी ज्योति पुत्री जगदीश सिंह ने सदर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई कि छह मार्च 2013 को उसके पिता जगदीश बाल्मीक ने मां सुमन (40) के साथ खाना बनाने को लेकर मारपीट की थी। अगले दिन वह बिना बताए घर से कहीं चले गए थे।
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अभियोजन के अनुसार, एनटीपीसी के सामने बहादुरपुर थाना दिबियापुर निवासी ज्योति पुत्री जगदीश सिंह ने सदर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई कि छह मार्च 2013 को उसके पिता जगदीश बाल्मीक ने मां सुमन (40) के साथ खाना बनाने को लेकर मारपीट की थी। अगले दिन वह बिना बताए घर से कहीं चले गए थे।
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घटना को डेविड लाल व उसकी पत्नी संजना ने भी देखा
सुबह पता चला कि उसके पिता औरैया में डेविड लाल के घर पर हैं। उनसे मिलने के लिए वह और उसकी मां आठ मार्च 2013 को सुबह मोहल्ला बनारसीदास औरैया आए थे। थोड़ी देर बाद मां-पिता में कहासुनी होने लगी और पिता ने छुरी से मां का गला काट दिया। इससे मौके पर उनकी मौत हो गई। घटना को डेविड लाल व उसकी पत्नी संजना ने भी देखा। ज्योति की रिपोर्ट पर सदर कोतवाली में जगदीश बाल्मीक के खिलाफ मामला पंजीकृत हुआ। विवेचना के बाद इस मामले की चार्जशीट कोर्ट में प्रस्तुत हुई। इस मामले में सुनवाई एडीजे लल्लू सिंह के कोर्ट में हुई।
अभियोजन पक्ष की ओर से अपर जिला शासकीय अधिवक्ता चंद्रभूषण तिवारी व सुधीर कुमार गौतम ने बर्बरता पूर्ण तरीके से पत्नी सुमन देवी की गला काटकर हत्या करने व दोषी की पुत्री ने पिता के विरुद्ध साक्ष्य प्रस्तुत कर कठोर दंड की अपेक्षा की। बचाव पक्ष ने निर्दोष बताया। दोनों पक्षकारों को सुनने के बाद एडीजे लल्लू सिंह ने जगदीश बाल्मीक को आजीवन कारावास व 60 हजार रुपये अर्थदंड की सजा दी।
अभियोजन पक्ष की ओर से अपर जिला शासकीय अधिवक्ता चंद्रभूषण तिवारी व सुधीर कुमार गौतम ने बर्बरता पूर्ण तरीके से पत्नी सुमन देवी की गला काटकर हत्या करने व दोषी की पुत्री ने पिता के विरुद्ध साक्ष्य प्रस्तुत कर कठोर दंड की अपेक्षा की। बचाव पक्ष ने निर्दोष बताया। दोनों पक्षकारों को सुनने के बाद एडीजे लल्लू सिंह ने जगदीश बाल्मीक को आजीवन कारावास व 60 हजार रुपये अर्थदंड की सजा दी।