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Kanpur News: दहेज हत्या में पति समेत सास-ससुर को आजीवन कारावास
Thu, 02 Jul 2026 01:35 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Thu, 02 Jul 2026 01:35 AM IST
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कानपुर देहात। घाटमपुर थाना क्षेत्र के जगन्नाथपुर में वर्ष 2015 विवाहिता की मौत के मामले में दर्ज मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम की अदालत में चल रही थी। बुधवार को अदालत ने तीन अभियुक्तों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही अर्थदंड भी लगाया है।
झींझक कस्बे के द्वारिकागंज निवासी रामश्री ने न्यायालय में दिए प्रार्थना पत्र में बताया था कि उसने अपनी पुत्री रेनू देवी की शादी 22 फरवरी 2014 में अकबरपुर थाना क्षेत्र के बाढ़ापुर निवासी सतीश कुमार के साथ की थी। शादी में क्षमता के अनुसार खर्च किया। आरोप था कि इसके बाद भी ससुरालीजन दहेज में एक लाख रुपये की मांग कर बेटी को प्रताड़ित करने लगे। 21 अप्रैल 2015 को ससुरालियों ने बेटी पर मिट्टी का तेल डालकर जलाने का प्रयास किया। जिसकी शिकायत तहसील दिवस में की गई थी। शिकायत की जांच प्रभारी एच्छिक ब्यूरो द्वारा की जा रही थी। उसी दौरान ससुरालीजन ने समझौता कर लिया और बेटी को घर ले गए। इसके बाद योजना बनाकर सतीश कुमार बेटी को अपने साथ घाटमपुर के जगन्नाथपुर ले गया और वहां किराए पर रहने लगा।
इस बीच 24 सितंबर 2015 को बेटी रेनू के साथ मारपीट कर हत्या कर दी और शव फंदे से लटका दिया। पड़ोसी से जानकारी मिली तो वह बेटी की ससुराल पहुंची वहां ताला बंद मिला। सतीश को फोन मिलाया तो बंद जाता रहा। जब वह बेटों के साथ जगन्नाथपुर पहुंची तो बेटी के शरीर पर चोट के निशान मिले। न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने पति सतीश कुमार, सास सीता देवी व ससुर जसवंत कुमार के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। साथ ही अदालत में आरोप पत्र पेश किए थे। इस मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायालय प्रथम रजत सिन्हा की अदालत में चल रही थी। बुधवार को अदालत ने बचाव व अभियोजन की दलील सुनने के बाद अभियुक्त सतीश कुमार, सीता देवी व जसवंत कुमार को दोष सिद्ध करते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही 10 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया गया है।
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झींझक कस्बे के द्वारिकागंज निवासी रामश्री ने न्यायालय में दिए प्रार्थना पत्र में बताया था कि उसने अपनी पुत्री रेनू देवी की शादी 22 फरवरी 2014 में अकबरपुर थाना क्षेत्र के बाढ़ापुर निवासी सतीश कुमार के साथ की थी। शादी में क्षमता के अनुसार खर्च किया। आरोप था कि इसके बाद भी ससुरालीजन दहेज में एक लाख रुपये की मांग कर बेटी को प्रताड़ित करने लगे। 21 अप्रैल 2015 को ससुरालियों ने बेटी पर मिट्टी का तेल डालकर जलाने का प्रयास किया। जिसकी शिकायत तहसील दिवस में की गई थी। शिकायत की जांच प्रभारी एच्छिक ब्यूरो द्वारा की जा रही थी। उसी दौरान ससुरालीजन ने समझौता कर लिया और बेटी को घर ले गए। इसके बाद योजना बनाकर सतीश कुमार बेटी को अपने साथ घाटमपुर के जगन्नाथपुर ले गया और वहां किराए पर रहने लगा।
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इस बीच 24 सितंबर 2015 को बेटी रेनू के साथ मारपीट कर हत्या कर दी और शव फंदे से लटका दिया। पड़ोसी से जानकारी मिली तो वह बेटी की ससुराल पहुंची वहां ताला बंद मिला। सतीश को फोन मिलाया तो बंद जाता रहा। जब वह बेटों के साथ जगन्नाथपुर पहुंची तो बेटी के शरीर पर चोट के निशान मिले। न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने पति सतीश कुमार, सास सीता देवी व ससुर जसवंत कुमार के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। साथ ही अदालत में आरोप पत्र पेश किए थे। इस मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायालय प्रथम रजत सिन्हा की अदालत में चल रही थी। बुधवार को अदालत ने बचाव व अभियोजन की दलील सुनने के बाद अभियुक्त सतीश कुमार, सीता देवी व जसवंत कुमार को दोष सिद्ध करते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही 10 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया गया है।
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