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इटावा: पेट दर्द होने पर कराया सीटी स्कैन, निकली पट्टी, हॉस्पिटल में ऑपरेशन से हुआ था प्रसव
Sat, 28 Nov 2020 10:31 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इटावा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इटावा
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sat, 28 Nov 2020 10:31 PM IST
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कलक्ट्रेट में शिकायत करने पहुंचे पीड़ित दंपती
- फोटो : amar ujala
ऑपरेशन से बेटे का जन्म हुआ लेकिन डाक्टर ने पट्टी पेट में ही छोड़ दी थी। बाद में लगातार पेट दर्द के बाद अक्तूबर में जिला अस्पताल में सीटी स्कैन कराया तो पट्टी की बात पता चली। शनिवार को पत्नी रिंकी के साथ कलक्ट्रेट पहुंचे जसवंतनगर निवासी नरेश ने इस संबंध में जिलाधिकारी से शिकायत की।
यह भी बताया कि मामले की सीएमओ व पुलिस से शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। डीएम ने सीएमओ को कार्रवाई के निर्देश दिए है। नरेश ने प्रार्थनापत्र में बताया कि सात अप्रैल को रिंकी को सिविल लाइन स्थित हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। वहां ऑपरेशन के 35 हजार रुपये जमा किए थे।
आरोप लगाया कि मई में पत्नी के पेट में दर्द होने पर महिला डाक्टर को दिखाया। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन से बच्चा हुआ है, ठीक होने में समय लगेगा। दो माह बीतने के बाद भी दर्द कम नहीं हुआ। जब जिला अस्पताल में सीटी स्कैन कराया तो पट्टी पेट में छूटने की बात पता चली।
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नरेश का आरोप है कि वह पत्नी के साथ हॉस्पिटल गए तो डाक्टरों ने इलाज करने की बजाय रिपोर्ट फाड़ दी और पीटने के बाद धक्का देकर भगा दिया। साथ ही दोबारा आने पर जान से मारने की धमकी दी। यह भी बताया कि इस बीच इलाज में करीब चार लाख रुपये खर्च हो गए।
कार्रवाई के संबंध में सीएमओ व पुलिस से शिकायत भी की लेकिन नतीजा सिफर रहा। डीएम ने सीएमओ को कार्रवाई के निर्देश दिए है। उधर, सीएमओ एनएस तोमर का कहना है कि डीएम के निर्देश पर चार डाक्टरों की टीम गठित की गई है। दो दिन में जो आख्या मिलेगी उसी आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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यह भी बताया कि मामले की सीएमओ व पुलिस से शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। डीएम ने सीएमओ को कार्रवाई के निर्देश दिए है। नरेश ने प्रार्थनापत्र में बताया कि सात अप्रैल को रिंकी को सिविल लाइन स्थित हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। वहां ऑपरेशन के 35 हजार रुपये जमा किए थे।
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आरोप लगाया कि मई में पत्नी के पेट में दर्द होने पर महिला डाक्टर को दिखाया। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन से बच्चा हुआ है, ठीक होने में समय लगेगा। दो माह बीतने के बाद भी दर्द कम नहीं हुआ। जब जिला अस्पताल में सीटी स्कैन कराया तो पट्टी पेट में छूटने की बात पता चली।
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नरेश का आरोप है कि वह पत्नी के साथ हॉस्पिटल गए तो डाक्टरों ने इलाज करने की बजाय रिपोर्ट फाड़ दी और पीटने के बाद धक्का देकर भगा दिया। साथ ही दोबारा आने पर जान से मारने की धमकी दी। यह भी बताया कि इस बीच इलाज में करीब चार लाख रुपये खर्च हो गए।
कार्रवाई के संबंध में सीएमओ व पुलिस से शिकायत भी की लेकिन नतीजा सिफर रहा। डीएम ने सीएमओ को कार्रवाई के निर्देश दिए है। उधर, सीएमओ एनएस तोमर का कहना है कि डीएम के निर्देश पर चार डाक्टरों की टीम गठित की गई है। दो दिन में जो आख्या मिलेगी उसी आधार पर कार्रवाई की जाएगी।