अंधियारे में ‘उज्ज्वला’ की उम्मीदें: गैस कनेक्शन देने के लिए 1100 लोगों को बुलाया, 11 को ही दिए
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी उज्ज्वला योजना के तहत गरीब लोगों को मुफ्त गैस कनेक्शन दिए जा रहे हैं। इसी क्रम में भाजयुमो की छावनी मंडल इकाई की ओर से 1100 लोगों को गैस कनेक्शन देने के लिए आमंत्रित किया गया था।
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पहले तो अपना नाम सुर्खियों में लाने के लिए 1100 लोगों को बुलाया, बाद में महज 11 लोगों को ही गैस कनेक्शन देकर चलता कर दिया। लोगों से एजेंसी आने को कहा गया, लेकिन कौन सी एजेंसी आना है, यह भी नहीं बताया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी उज्ज्वला योजना के तहत गरीब लोगों को मुफ्त गैस कनेक्शन दिए जा रहे हैं। इसी क्रम में भाजयुमो की छावनी मंडल इकाई की ओर से 1100 लोगों को गैस कनेक्शन देने के लिए आमंत्रित किया गया था।
हालांकि विज्ञप्ति जारी कर 2500 लोगों के आने की सूचना दी गई थी, लेकिन, मंच पर सिर्फ 11 गैस चूल्हे, एक सिलिंडर व एक रेगुलेटर था। एक गैस एजेंसी की गाड़ी में 50 चूल्हे, 50 सिलिंडर थे। मतलब साफ था कि बुलाए गए सभी लोगों की गैस कनेक्शन नहीं देने थे। इस पर लोगों ने विरोध जताया और कहा कि जब कनेक्शन देने ही नहीं थे तो बुलाया क्यों।
गैस कनेक्शन की उम्मीद में कामकाज छोड़कर सुबह 10-11 बजे से लोग कुर्सियों पर बैठे गए थे। कई लोग अंत तक खड़े रहे। मंच पर माइक पकड़े लोग जिंदाबाद के नारे लगवाते रहे लेकिन उनकी मजबूरी नहीं समझी। करीब छह घंटे तक चले कार्यक्रम में लोग टस से मस नहीं हुए लेकिन अंत में उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा।
टूटने से बचा मंच
मंच पर पड़ी महाराजा कुर्सी पर पूर्व विधायक रघुनंदन सिंह भदौरिया बैठे थे। उनके बगल में कैंट बोर्ड के उपाध्यक्ष लखनलाल ओमर, राकेश तिवारी आदि थे। वहीं, मंच पर चढ़ने के लिए होड़ मची थी। भीड़ के कारण मंच का एक हिस्सा डगमगा रहा था। इस बीच कनेक्शन वितरण के लिए मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री सतीश महाना अपने बेटे करन महाना के साथ पहुंचे।
उन्होंने भी अपने कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाईं। इस दौरान एक युवक ने कुछ पूछने की कोशिश की तो उसे यह कहकर शांत करा दिया कि जब वो यहां से विधायक थे, तब तुम पैदा भी नहीं हुए होगे। इसके बाद उन्होंने अराजकता पर नाराजगी जताई। 11 लोगों को चूल्हा दिया और चले गए।
रिहाना परवीन, रेलबाजार
दिव्यांग हूं, जैसे तैसे यहां आई थी। कुर्सी मिल गई तो गनीमत रही। भीड़ बहुत हो गई। बताया गया था कि गैस कनेक्शन मिलेगा। बाद में घर जाने को कह दिया। कोई कह रहा भीड़ जुटाने के लिए बुलाया गया था।
रूबी कुमारी, रेलबाजार, दिव्यांग
एक नेता ने कनेक्शन के लिए 300 रुपये लिए थे। दो बार बुलाया गया लेकिन कनेक्शन नहीं मिला। कनेक्शन कब मिलेगा, कोई कुछ नहीं बता रहा। कह रहे हैं अपने घर जाओ, आंख का ऑपरेशन कराओ।
मुन्नी देवी, 90 वर्षीय, कैंट निवासी
गैस एजेंसी वाले के पास वर्तमान में जितने भी सिलिंडर थे, वे वितरित कर दिए गए हैं। बचें लोगों के कागज जमा करा लिए गए हैं। जल्द ही उन्हें भी कनेक्शन दिए जाएंगे।
राकेश तिवारी, कैबिनेट मंत्री सतीश महाना के प्रतिनिधि