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संस्कार की कमी से आतंकवादी बनते हैं युवा : राजनाथ सिंह
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Updated Wed, 12 Sep 2018 04:55 PM IST
सार
- सीएसजेएमयू के दीक्षांत समारोह में गृहमंत्री ने गिनाया इंफोसिस और अलकायदा में काम करने वालों के बीच की समानता
- बोले, देश की शक्ति को पहचानें युवा, हम विश्वगुरु बनने की दिशा में अग्रसर हैं
-- मोदी सरकार की उपलब्धि गिनाई, महंगाई के सवालों पर बचते रहे
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गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने युवाअों के लिए कही ये बात
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कानपुर स्थित छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) के 33वें दीक्षांत समारोह में केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि संस्कार की कमी के चलते युवा आतंकवादी बनते हैं। उन्होंने अमेरिकन लेखक टॉम फ्रीज मैक की लिखित किताब ‘इंफोसिस बनाम अलकायदा’ को उदाहरण के तौर पर पेश किया। बोले, दोनों संगठनों में काम करने वालों के बीच कई समानताएं हैं लेकिन फिर भी इंफोसिस में काम करने वाले युवा समाज के लिए कल्याणकारी हैं और अलकायदा के आतंकी विनाशकारी।
ऐसा इसलिए क्योंकि इंफोसिस में काम करने वालों को शिक्षा के साथ अच्छे संस्कार मिले हैं जबकि अलकायदा में काम करने वालों में संस्कार की कमी है। गृहमंत्री ने अपने बीस मिनट के भाषण में युवाओं को अलग-अलग कई उदाहरण दिए। मोदी सरकार की भी उपलब्धियां गिनाई। कहा कि 2014 से पहले अर्थव्यवस्था के मामले में भारत 9वें स्थान पर था। आज 8.2 जीडीपी के साथ हम दुनिया में 6वें स्थान पर पहुंच चुके हैं और पांचवें स्थान के लिए अग्रसर हैं। गृहमंत्री ने कहा कि पीएम मोदी की अगुवाई में देश महान विश्वगुरु बनने की दिशा में तेजी से बढ़ चुका है। हमारा देश धनवान भी होगा, ज्ञानवान भी होगा और बलवान भी होगा।
बगैर सेना के हमने चीन को नियंत्रण किया
गृहमंत्री ने चीन पर भी निशाना साधा। कहा कि यहां कुछ लोग कहते हैं कि वो (चीन) हमसे ज्यादा आगे बढ़ चुका है लेकिन ऐसा नहीं है। भारत की शक्ति का एहसास इस बात से लगाया जा सकता है कि आज एशिया के हर देश में हमारी मौजूदगी हो चुकी है। एक चाइनीज प्रोफेसर की पुस्तक का उदाहरण भी दिया। बताया कि प्रोफेसर ने भी इस बात को स्वीकार किया कि भारत ने बगैर सेना भेजे 200 साल तक हमें नियंत्रित किया क्योंकि भारत की संस्कृति और सभ्यता दूसरों से काफी मजबूत है।
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ऐसा इसलिए क्योंकि इंफोसिस में काम करने वालों को शिक्षा के साथ अच्छे संस्कार मिले हैं जबकि अलकायदा में काम करने वालों में संस्कार की कमी है। गृहमंत्री ने अपने बीस मिनट के भाषण में युवाओं को अलग-अलग कई उदाहरण दिए। मोदी सरकार की भी उपलब्धियां गिनाई। कहा कि 2014 से पहले अर्थव्यवस्था के मामले में भारत 9वें स्थान पर था। आज 8.2 जीडीपी के साथ हम दुनिया में 6वें स्थान पर पहुंच चुके हैं और पांचवें स्थान के लिए अग्रसर हैं। गृहमंत्री ने कहा कि पीएम मोदी की अगुवाई में देश महान विश्वगुरु बनने की दिशा में तेजी से बढ़ चुका है। हमारा देश धनवान भी होगा, ज्ञानवान भी होगा और बलवान भी होगा।
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बगैर सेना के हमने चीन को नियंत्रण किया
गृहमंत्री ने चीन पर भी निशाना साधा। कहा कि यहां कुछ लोग कहते हैं कि वो (चीन) हमसे ज्यादा आगे बढ़ चुका है लेकिन ऐसा नहीं है। भारत की शक्ति का एहसास इस बात से लगाया जा सकता है कि आज एशिया के हर देश में हमारी मौजूदगी हो चुकी है। एक चाइनीज प्रोफेसर की पुस्तक का उदाहरण भी दिया। बताया कि प्रोफेसर ने भी इस बात को स्वीकार किया कि भारत ने बगैर सेना भेजे 200 साल तक हमें नियंत्रित किया क्योंकि भारत की संस्कृति और सभ्यता दूसरों से काफी मजबूत है।
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गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने युवाअों के लिए कही ये बात
- फोटो : अमर उजाला
वर्ल्ड ट्रेड सेंटर गिराने वाले भी थे ज्ञानी
गृहमंत्री ने 11 सितंबर 2001 को वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हुए हमले को भी याद किया। कहा कि, उस प्लेन को चलाने वाले पायलट भी काफी शिक्षित थे। उनका पैकेज अच्छा था। लेकिन केवल ज्ञान होने से मनुष्य श्रेष्ठ नहीं हो सकता। जैसे उन पायलट को कभी श्रेष्ठ नहीं कहा जा सकता। छात्रों से कहा कि केवल अच्छे कॅरियर और अच्छे पैकेज के चक्कर में न पड़ें। खुद के मूल्यों को श्रेष्ठ बनाइए। मन के भाव को भी अच्छा बनाइए। तभी आप समाज के लिए कल्याणकारी हो सकेंगे।
इंटरनेट शिक्षा दे सकता है लेकिन संस्कार नहीं
गृहमंत्री ने कहा कि आज तकनीक के इस दौर में इंटरनेट पर आप दो से तीन माह में हर तरह की शिक्षा हासिल कर सकते हैं लेकिन कभी भी संस्कार नहीं मिलेगा। शिक्षक ही वह शख्स है जो आपको शिक्षा के साथ संस्कार भी देता है। गृहमंत्री ने दीक्षांत समारोह का महत्व भी समझाया। बोले, शिक्षा हासिल करने के बाद डिग्री लेने की इस प्रक्रिया को शिक्षांत समारोह नहीं बोला जाता क्योंकि शिक्षा को अनवरत जीवन में आप हासिल करेंगे लेकिन यह आपके गुरुओं द्वारा दी गई शिक्षा की अंतिम कड़ी होती है। यह गुरु द्वारा दी जाने वाली दीक्षा होती है। इसलिए इसे दीक्षांत समारोह कहा जाता है।
स्टीव जॉब्स ने मार्क जुकरबर्ग से बोला, मन शांत करने नैनीताल जाओ
राजनाथ सिंह ने बताया कि भारत हर चीज में दुनिया के सभी देशों से कहीं ज्यादा आगे है। इसका लोहा दुनिया का हर बड़ा शख्स मानता है। एप्पल के सीईओ रहे स्टीव जॉब्स और फेसबुक के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग के बीच का संवाद उदाहरण के तौर पर पेश किया। बताया कि स्टीव ने जुकरबर्ग को सलाह दी थी कि अगर कभी आपका मन अशांत हो तो भारत के नैनीताल स्थित नीम करोली बाबा के आश्रम जाइए।
गृहमंत्री ने 11 सितंबर 2001 को वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हुए हमले को भी याद किया। कहा कि, उस प्लेन को चलाने वाले पायलट भी काफी शिक्षित थे। उनका पैकेज अच्छा था। लेकिन केवल ज्ञान होने से मनुष्य श्रेष्ठ नहीं हो सकता। जैसे उन पायलट को कभी श्रेष्ठ नहीं कहा जा सकता। छात्रों से कहा कि केवल अच्छे कॅरियर और अच्छे पैकेज के चक्कर में न पड़ें। खुद के मूल्यों को श्रेष्ठ बनाइए। मन के भाव को भी अच्छा बनाइए। तभी आप समाज के लिए कल्याणकारी हो सकेंगे।
इंटरनेट शिक्षा दे सकता है लेकिन संस्कार नहीं
गृहमंत्री ने कहा कि आज तकनीक के इस दौर में इंटरनेट पर आप दो से तीन माह में हर तरह की शिक्षा हासिल कर सकते हैं लेकिन कभी भी संस्कार नहीं मिलेगा। शिक्षक ही वह शख्स है जो आपको शिक्षा के साथ संस्कार भी देता है। गृहमंत्री ने दीक्षांत समारोह का महत्व भी समझाया। बोले, शिक्षा हासिल करने के बाद डिग्री लेने की इस प्रक्रिया को शिक्षांत समारोह नहीं बोला जाता क्योंकि शिक्षा को अनवरत जीवन में आप हासिल करेंगे लेकिन यह आपके गुरुओं द्वारा दी गई शिक्षा की अंतिम कड़ी होती है। यह गुरु द्वारा दी जाने वाली दीक्षा होती है। इसलिए इसे दीक्षांत समारोह कहा जाता है।
स्टीव जॉब्स ने मार्क जुकरबर्ग से बोला, मन शांत करने नैनीताल जाओ
राजनाथ सिंह ने बताया कि भारत हर चीज में दुनिया के सभी देशों से कहीं ज्यादा आगे है। इसका लोहा दुनिया का हर बड़ा शख्स मानता है। एप्पल के सीईओ रहे स्टीव जॉब्स और फेसबुक के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग के बीच का संवाद उदाहरण के तौर पर पेश किया। बताया कि स्टीव ने जुकरबर्ग को सलाह दी थी कि अगर कभी आपका मन अशांत हो तो भारत के नैनीताल स्थित नीम करोली बाबा के आश्रम जाइए।
सीएसजेएमयू दीक्षांत समारोह में शामिल हुए गृहमंत्री
- फोटो : अमर उजाला
भारत की शक्ति को पहचानें युवा
राजनाथ सिंह ने छात्रों से कहा कि विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में जो कुछ हमारे पास है वो दुनिया में किसी के पास नहीं है। सभ्यता, संस्कृति, विज्ञान और एकजुटता ही भारत की ताकत है। अनिश्चितता का सिद्धांत, पैथागोरस सहित कई गणित और विज्ञान के सूत्र और सिद्घांत भारत ने ही दिए हैं। इसका लोहा पूरी दुनिया मानती है। सिलिकॉन वैली में काम करने वाले होनहारों में भी सबसे ज्यादा संख्या भारतीयों की है। इसलिए युवाओं को भारत की शक्ति पहचाननी होगी। उससे प्रेरित होकर आपको भी अच्छा काम करना चाहिए।
स्वामी विवेकानंद ने दुनिया को बताया था हम कौन हैं
स्वामी विवेकानंद के शिकागो सम्मेलन में दिए गए भाषण को 125 वर्ष पूरे हो गए। इसका उल्लेख करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि साधारण कपड़े पहले स्वामी विवेकानंद जब शिकागो में बोलने पहुंचे तो लोग उनका मजाक बना रहे थे लेकिन उन्होंने अपने भाषण के जरिए दुनिया को बता दिया कि हम कौन हैं?
जल्द पकड़े जाएंगे मेहुल चौकसी और नीरव मोदी
श्याम नगर स्थित हरिहर धाम में अपने गुरु से मिलने पहुंचे गृहमंत्री ने पत्रकारों के सवाल का जवाब देते हुए बताया कि नीरव मोदी और मेहुल चौकसी पर सरकार की पैनी नजर है। हम अपने विदेश नीति के जरिए इन दोनों को भारत लाने की तैयारी में हैं। जल्द ही दोनों को पकड़ लिया जाएगा। वहीं सेना के बजट में कटौती को लेकर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए गृहमंत्री ने कहा कि बजट कटौती जैसी बात गलत है। लोग अफवाहें फैला रहे हैं। इस दौरान वह महंगाई, एससी-एसटी एक्ट से संबंधित सवालों के जवाब देने से बचते रहे।
राजनाथ सिंह ने छात्रों से कहा कि विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में जो कुछ हमारे पास है वो दुनिया में किसी के पास नहीं है। सभ्यता, संस्कृति, विज्ञान और एकजुटता ही भारत की ताकत है। अनिश्चितता का सिद्धांत, पैथागोरस सहित कई गणित और विज्ञान के सूत्र और सिद्घांत भारत ने ही दिए हैं। इसका लोहा पूरी दुनिया मानती है। सिलिकॉन वैली में काम करने वाले होनहारों में भी सबसे ज्यादा संख्या भारतीयों की है। इसलिए युवाओं को भारत की शक्ति पहचाननी होगी। उससे प्रेरित होकर आपको भी अच्छा काम करना चाहिए।
स्वामी विवेकानंद ने दुनिया को बताया था हम कौन हैं
स्वामी विवेकानंद के शिकागो सम्मेलन में दिए गए भाषण को 125 वर्ष पूरे हो गए। इसका उल्लेख करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि साधारण कपड़े पहले स्वामी विवेकानंद जब शिकागो में बोलने पहुंचे तो लोग उनका मजाक बना रहे थे लेकिन उन्होंने अपने भाषण के जरिए दुनिया को बता दिया कि हम कौन हैं?
जल्द पकड़े जाएंगे मेहुल चौकसी और नीरव मोदी
श्याम नगर स्थित हरिहर धाम में अपने गुरु से मिलने पहुंचे गृहमंत्री ने पत्रकारों के सवाल का जवाब देते हुए बताया कि नीरव मोदी और मेहुल चौकसी पर सरकार की पैनी नजर है। हम अपने विदेश नीति के जरिए इन दोनों को भारत लाने की तैयारी में हैं। जल्द ही दोनों को पकड़ लिया जाएगा। वहीं सेना के बजट में कटौती को लेकर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए गृहमंत्री ने कहा कि बजट कटौती जैसी बात गलत है। लोग अफवाहें फैला रहे हैं। इस दौरान वह महंगाई, एससी-एसटी एक्ट से संबंधित सवालों के जवाब देने से बचते रहे।