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Kanpur News: प्राचार्यों के खिलाफ जांच के लिए मांगे गए दस्तावेजों के मामले में हाईकोर्ट का स्टे
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कानपुर। प्राचार्यों के खिलाफ जांच के लिए मांगे गए दस्तावेजों के मामले में हाईकोर्ट ने नाराजगी जताते हुए स्टे दे दिया है। कोर्ट ने शिक्षा निदेशालय से जांच के आधार की भी बात कही है।
कहा कि जब सभी दस्तावेज निदेशालय के पास हैं तो बार बार जांच का आदेश क्यों किया जा रहा है। शिक्षा निदेशालय के पास शिकायत आई थी कि कुछ प्राचार्यों ने दस्तावेजों में गड़बड़ी करके नियुक्ति पाई है। इसके बाद छत्रपति शाहूजी महाराज विवि से संबद्ध कानपुर नगर, कानपुर देहात, कन्नौज, फर्रुखाबाद, इटावा और औरैया में स्थित 39 अनुदानित महाविद्यालयों में कार्यरत प्राचार्यों से उनके दस्तावेजों की सत्यापन रिपोर्ट मांगी थी।
उत्तर प्रदेश प्राचार्य परिषद के अध्यक्ष प्रो. अनिल कुमार मिश्रा ने बताया कि प्राचार्यों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। शिक्षा निदेशालय की ओर से जांच के चलते सभी दस्तावेज तलब किए गए हैं। उन्होंने बताया कि इसको लेकर कोर्ट ने शिक्षा निदेशालय के अधिकारियों से जवाब-तलब किया है। जब प्राचार्यों के सभी दस्तावेज निदेशालय में हैं तो बार-बार जांच के नाम पर क्यों मांगे जा रहे हैं। प्रो. मिश्रा ने कहा कि निदेशालय ने सभी दस्तावेज पूर्व में ही शपथपत्र के साथ लिया है। ब्यूरो
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कहा कि जब सभी दस्तावेज निदेशालय के पास हैं तो बार बार जांच का आदेश क्यों किया जा रहा है। शिक्षा निदेशालय के पास शिकायत आई थी कि कुछ प्राचार्यों ने दस्तावेजों में गड़बड़ी करके नियुक्ति पाई है। इसके बाद छत्रपति शाहूजी महाराज विवि से संबद्ध कानपुर नगर, कानपुर देहात, कन्नौज, फर्रुखाबाद, इटावा और औरैया में स्थित 39 अनुदानित महाविद्यालयों में कार्यरत प्राचार्यों से उनके दस्तावेजों की सत्यापन रिपोर्ट मांगी थी।
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उत्तर प्रदेश प्राचार्य परिषद के अध्यक्ष प्रो. अनिल कुमार मिश्रा ने बताया कि प्राचार्यों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। शिक्षा निदेशालय की ओर से जांच के चलते सभी दस्तावेज तलब किए गए हैं। उन्होंने बताया कि इसको लेकर कोर्ट ने शिक्षा निदेशालय के अधिकारियों से जवाब-तलब किया है। जब प्राचार्यों के सभी दस्तावेज निदेशालय में हैं तो बार-बार जांच के नाम पर क्यों मांगे जा रहे हैं। प्रो. मिश्रा ने कहा कि निदेशालय ने सभी दस्तावेज पूर्व में ही शपथपत्र के साथ लिया है। ब्यूरो
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