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बारिश का कहर: पुलिया किनारे बना रास्ता बहने से कटा 12 गांवों का संपर्क, सभी छोटी बड़ी नदियां उफानाईं
Fri, 23 Aug 2019 08:47 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, बांदा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, बांदा
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 23 Aug 2019 08:47 PM IST
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कडैली नदी में रपटा बहा
- फोटो : अमर उजाला
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बांदा के अतर्रा सीमावर्ती मध्य प्रदेश में बारिश के चलते यहां छोटी नदिया भी उफान पर है। बदौसा क्षेत्र में कडैली नदी में उफान के चलते दस साल पुराना रपटा बह गया। इससे लगभग एक दर्जन गांवों का आवागमन ठप हो गया।
जनपद में अधिकांश नदियों का जलग्रहण क्षेत्र मध्य प्रदेश की घाटियां है। तीन दिन से घाटियों में लगातार बारिश के चलते यह छोटी नदिया उफना गई है। पन्ना (मध्य प्रदेश) जिले से निकलने वाली कडैली नदी बदौसा व फतेहगंज क्षेत्र में अक्सर तबाही मचाती है।
यहां सिंचाई विभाग द्वारा वर्ष 2007-08 में रपटा बनाया गया था। इससे जरैला, कुरूहूृ, राजा डांडी, सुंदर का पुरवा, बघोलन, खैरगढ़, गोबरी गु़ड़रामपुर, बिलरिया मंठ, कोलौहा आदि गांवों के लोगों का आवागमन होता है।
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जनपद में अधिकांश नदियों का जलग्रहण क्षेत्र मध्य प्रदेश की घाटियां है। तीन दिन से घाटियों में लगातार बारिश के चलते यह छोटी नदिया उफना गई है। पन्ना (मध्य प्रदेश) जिले से निकलने वाली कडैली नदी बदौसा व फतेहगंज क्षेत्र में अक्सर तबाही मचाती है।
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यहां सिंचाई विभाग द्वारा वर्ष 2007-08 में रपटा बनाया गया था। इससे जरैला, कुरूहूृ, राजा डांडी, सुंदर का पुरवा, बघोलन, खैरगढ़, गोबरी गु़ड़रामपुर, बिलरिया मंठ, कोलौहा आदि गांवों के लोगों का आवागमन होता है।
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कडैली नदी में रपटा बहा
- फोटो : अमर उजाला
यह नदी बांदा व चित्रकूट सीमा पर बने रसिन बांध में गिरती है। गुरुवार को घाटियों में भारी वर्षा के बाद नदी में उफान आ गया। तेज बहाव से दोनो किनारों पर मिट्टी बहने के साथ पुल भी बह गया। आसपास के गांवों में बाढ़ जैसा नजारा है।
रपटा बहने से क्षेत्र के ग्रामीण दहशत में है। बच्चों के स्कूल जाने और खेती किसानी के लिए भी रास्ता बंद हो गया। जंगल में होने वाली सब्जियां इकट्ठी कर बेचने वाले गरीबों की रोजी का सहारा भी छिन गया है।
ग्रामीण सूरज भान सिंह, मुन्ना मिश्रा, राजा मान सिंह, रामबहोरी, श्रीराम, संतोष, भरोसी लाल, मइयादीन, सुखदेव आदि ने एसडीएम को ज्ञापन देकर तत्काल आवागमन की वैकल्पिक व्यवस्था की मांग की जाए।
एसडीएम जेपी यादव ने कहा कि इस पुल की देखरेख सिंचाई विभाग करता है। संबंधित अभियंताओं को आवागमन व्यवस्था दुरूस्त करने और राहत के लिए राजस्व टीम भेजने को कहा है।
रपटा बहने से क्षेत्र के ग्रामीण दहशत में है। बच्चों के स्कूल जाने और खेती किसानी के लिए भी रास्ता बंद हो गया। जंगल में होने वाली सब्जियां इकट्ठी कर बेचने वाले गरीबों की रोजी का सहारा भी छिन गया है।
ग्रामीण सूरज भान सिंह, मुन्ना मिश्रा, राजा मान सिंह, रामबहोरी, श्रीराम, संतोष, भरोसी लाल, मइयादीन, सुखदेव आदि ने एसडीएम को ज्ञापन देकर तत्काल आवागमन की वैकल्पिक व्यवस्था की मांग की जाए।
एसडीएम जेपी यादव ने कहा कि इस पुल की देखरेख सिंचाई विभाग करता है। संबंधित अभियंताओं को आवागमन व्यवस्था दुरूस्त करने और राहत के लिए राजस्व टीम भेजने को कहा है।