Kanpur: कोरोना के बाद दिल में सूजन से पड़ रहा हार्ट अटैक, धूम्रपान की आदत छोड़ें, प्रदूषण से बचें
अमेरिकी और ब्रिटेन की वैक्सीन लगने के बाद हार्ट अटैक के मामले आए थे। वैक्सीन लगवाने के बाद दो-तीन सप्ताह तक एहतियात बरतनी चाहिए। कोविड संक्रमण का असर हृदय की धमनियों और मांसपेशियों पर पड़ता है। इनमें सूजन आ जाती है और हार्ट फेल कर जाता है।
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कोरोना ठीक होने के बाद रोगी के दिल में सूजन बनी रहती है। इससे हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। संक्रमण ठीक होने के डेढ़ साल तक कभी भी दिल के दगा देने का खतरा बना रहता है। डायबिटीज, ब्लड प्रेशर और दूसरे रोग होने पर खतरा और बढ़ जाता है। इसके अलावा सिगरेट पीने की आदत और बढ़ते प्रदूषण से भी हार्ट अटैक का खतरा बढ़ रहा है।
मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल साकेत के कार्डिएक साइंस के प्रमुख निदेशक डॉ. विवेका कुमार ने बताया कि 40 साल और इससे कम आयु के एक हजार हार्ट अटैक के रोगियों के अध्ययन से पता चला है कि 85 फीसदी को सिगरेट पीने की लत थी। शनिवार को उन्होंने शारदानगर में पत्रकारों को बताया कि कोरोना के बाद हार्ट अटैक के मामले दोगुना हो गए हैं। वैक्सीन के बाद हार्ट अटैक के मामलों के संबंध में उन्होंने बताया कि वैक्सीन की सभी डोज लेने से दिल का दौरा पड़ने का जोखिम कम होता है।
इस मामले में स्वेदशी वैक्सीन कोविशील्ड और कोवाक्सिन सुरक्षित हैं। अमेरिकी और ब्रिटेन की वैक्सीन लगने के बाद हार्ट अटैक के मामले आए थे। वैक्सीन लगवाने के बाद दो-तीन सप्ताह तक एहतियात बरतनी चाहिए। कोविड संक्रमण का असर हृदय की धमनियों और मांसपेशियों पर पड़ता है। इनमें सूजन आ जाती है और हार्ट फेल कर जाता है। उन्होंने बताया कि अनियंत्रित मधुमेह, धूम्रपान और प्रदूषण की वजह से युवा भी चपेट में आ रहे हैं। इस मौके पर डॉ. विनय गुप्ता, विवेक अग्निहोत्री मौजूद रहे।
ऐसे करें बचाव
- सांस फूले, सीने पर भारीपन हो तो स्ट्रेस इको टेस्ट कराएं
- कोरोना हुआ है तो एक बार हृदय रोग विशेषज्ञ से जांच करा लें
- पोस्ट कोविड रोगी बहुत स्ट्रेस का काम करने से बचें
- नशे की आदत छोड़ दें, डायबिटीज, ब्लड प्रेशर कंट्रोल रखें
- बहुत दिनों से गैस और बाईं छाती पर भारीपन को हल्के में न लें
- जबड़ों में अगर तेज दर्द हो तो पहले हृदय रोग विशेषज्ञ से संपर्क करें
- मास्क लगाएं और सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखें
खास
- इंट्रानेजल वैक्सीन अधिक सुरक्षित
- फेफड़ों के सीटी से पता चल सकता कोरोना के असर का
- नई उच्चीकृत घड़ी से हो सकती मॉनीटरिंग, पता चलेगा हार्ट अटैक
- लीडलेस पेसमेकर भी है उपलब्ध