{"_id":"60e082e78ebc3e61327435e1","slug":"health-of-patients-getting-worse-after-corona","type":"story","status":"publish","title_hn":"कानपुर: कोरोना के बाद अधिक बिगड़ रही रोगियों की तबीयत, ये जानना आपके लिए बेहद जरूरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कानपुर: कोरोना के बाद अधिक बिगड़ रही रोगियों की तबीयत, ये जानना आपके लिए बेहद जरूरी
Sat, 03 Jul 2021 09:06 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sat, 03 Jul 2021 09:06 PM IST
सार
हैलट और उर्सला में पोस्ट कोविड वार्ड तो बने हैं लेकिन रोगियों की हालत इतनी गंभीर होती है कि सीधे आईसीयू में भर्ती करना पड़ता है और जरा सी देरी घातक हो जाती है।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कोरोना ठीक होने के बाद पोस्ट कोविड रोगियों के लिए अधिक खतरा पैदा हो रहा है। कोरोना के बाद रोगी के शरीर में बनने वाली इन्फ्लेटेड (बढ़ी हुईं) कोशिकाएं अंगों को तेजी से क्षतिग्रस्त करती हैं। इसके बाद रोगियों की हालत अधिक गंभीर हो जाती है।
हैलट और उर्सला में पोस्ट कोविड वार्ड तो बने हैं लेकिन रोगियों की हालत इतनी गंभीर होती है कि सीधे आईसीयू में भर्ती करना पड़ता है और जरा सी देरी घातक हो जाती है। बीते दिनों पोस्ट कोविड रोगी आईआईए महिला विंग की अध्यक्ष वंदना मिश्रा की जाम में फंसकर मौत हुई थी।
जाम में फंसने की वजह से उन्हें समय से अस्पताल नहीं पहुंचाया जा सका। इसी तरह अन्य रोगियों की भी अचानक तबीयत बिगड़ती है और जरा सी देर हुई तो मौत हो जा रही है। सीनियर चेस्ट फिजीशियन डॉ. राजीव कक्कड़ ने बताया कि कोरोना के संक्रमण से रोगी के शरीर में इन्फ्लेटेड कोशिकाएं बनती हैं।
विज्ञापन
ये शरीर के विभिन्न अंगों में जाकर नुकसान पहुंचाती हैं। इन कोशिकाओं ने अगर हार्ट को प्रभावित किया तो रोगी को अटैक आ जाता है। अन्य अंग भी प्रभावित हो सकते हैं। रोगी के मानसिक स्वास्थ्य पर भी असर आता है। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के सीनियर फिजीशियन डॉ. जेएस कुशवाहा ने बताया कि पोस्ट कोविड रोगियों को एहतियात बरतने की अधिक जरूरत है। ब्लड शुगर नियंत्रित रखें।
विज्ञापन
हैलट और उर्सला में पोस्ट कोविड वार्ड तो बने हैं लेकिन रोगियों की हालत इतनी गंभीर होती है कि सीधे आईसीयू में भर्ती करना पड़ता है और जरा सी देरी घातक हो जाती है। बीते दिनों पोस्ट कोविड रोगी आईआईए महिला विंग की अध्यक्ष वंदना मिश्रा की जाम में फंसकर मौत हुई थी।
विज्ञापन
जाम में फंसने की वजह से उन्हें समय से अस्पताल नहीं पहुंचाया जा सका। इसी तरह अन्य रोगियों की भी अचानक तबीयत बिगड़ती है और जरा सी देर हुई तो मौत हो जा रही है। सीनियर चेस्ट फिजीशियन डॉ. राजीव कक्कड़ ने बताया कि कोरोना के संक्रमण से रोगी के शरीर में इन्फ्लेटेड कोशिकाएं बनती हैं।
विज्ञापन
ये शरीर के विभिन्न अंगों में जाकर नुकसान पहुंचाती हैं। इन कोशिकाओं ने अगर हार्ट को प्रभावित किया तो रोगी को अटैक आ जाता है। अन्य अंग भी प्रभावित हो सकते हैं। रोगी के मानसिक स्वास्थ्य पर भी असर आता है। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के सीनियर फिजीशियन डॉ. जेएस कुशवाहा ने बताया कि पोस्ट कोविड रोगियों को एहतियात बरतने की अधिक जरूरत है। ब्लड शुगर नियंत्रित रखें।