सेहत: बर्गर-नूडल्स खाने से सिकुंड रहा जबड़ा, 32 के बजाय बची 28 दांतों की जगह, विशेषज्ञों ने कही ये बात
Kanpur News: डॉ. अशरफुल्लाह ने बताया कि बच्चों के नरम चीज खाने की वजह से जबड़ों का ढंग से विकास नहीं हो पाता। इसमें सिकुड़न आ जाती है। इसके साथ ही मुंह का व्यायाम भी नहीं हो पाता। उन्होंने बताया कि यह दिक्कत लड़कों और लड़कियों दोनों में है।
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नरम चीजें (बर्गर, नूडल्स आदि) खाने की आदत से सिकुड़ रहे जबड़ों में अब 32 के बजाय 28 दांतों की ही जगह बच रही है। जबड़ा ढंग से फैल न पाने से दांतों को निकलने की जगह नहीं मिलती, जिससे क्राउडिंग हो रही है। एक दांत दूसरे के ऊपर चढ़कर निकल रहा है। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के दंत रोग विभाग की ओपीडी में महीने में 200 रोगी आ रहे हैं।
इनका जबड़ा फैलाने के लिए ब्रेस लगाए जा रहे हैं। क्राउंडिंग की वजह से मुंह में संक्रमण भी हो रहा है। इससे कुछ रोगियों के दांतों को भी निकालना पड़ता है। मेडिकल कॉलेज के दंत रोग विभागाध्यक्ष डॉ. अशरफुल्लाह ने बताया कि विभाग की ओपीडी में महीने में औसत 200 रोगी दांत दिखाने के लिए आते हैं। जबड़ों में सिकुड़न रहती है, जिसकी वजह से दांत पूरी तरह नहीं निकल पाते।
13 से 20 वर्ष के बीच है रोगियों का आयु वर्ग
कुछ दांत अंदर की तरफ ही अटके रहते हैं। दांतों के एक-दूसरे के ऊपर चढ़े रहने से दांत बाहर की तरफ आ जाते हैं। सफाई ढंग से नहीं हो पाती, जिससे संक्रमण हो जाता है। जड़ों तक संक्रमण पहुंचने और दांत खराब होने की वजह से निकालना भी पड़ता है। क्राउंडिंग वाले रोगियों का आयु वर्ग 13 से 20 वर्ष के बीच है। किशोरावस्था की शुरुआत में दिक्कत सामने आ जाती है।
एक से डेढ़ साल लगाना पड़ता है
दांतों को दुरुस्त करने और जबड़े को चौड़ा करने के लिए रिमूवल एप्लाएंस लगाया जाता है। इसे छह महीने लगाना पड़ता है। व्यक्ति इसे बाहर निकाल कर साफ कर सकता है। इसके अलावा ब्रेसेस भी लगाए जाते हैं। इन्हें एक से डेढ़ साल लगाना पड़ता है। ब्रेसेस को निकाला नहीं जाता है। जबड़ा चौड़ा होने से दांतों को जगह मिल जाती है, जिससे वह आसानी से निकल आते हैं और सीधे भी हो जाते हैं।
नरम चीज खाने से नहीं हो पाता विकास
डॉ. अशरफुल्लाह ने बताया कि बच्चों के नरम चीज खाने की वजह से जबड़ों का ढंग से विकास नहीं हो पाता। इसमें सिकुड़न आ जाती है। इसके साथ ही मुंह का व्यायाम भी नहीं हो पाता। उन्होंने बताया कि यह दिक्कत लड़कों और लड़कियों दोनों में है। ब्रेसेस और रिमूवल एप्लाएंस दूध के दांत गिरने के बाद लगाए जाते हैं। स्थायी दांतों के निकलने के बाद इलाज किया जाता है। क्राउंडिंग वाले रोगियों की संख्या बढ़ती जा रही है।
इनसे बचें
- चॉकलेट के अधिक सेवन।
- नूडल्स और दूसरा नरम खाना।
- दांतों की सफाई में लापरवाही।
यह करें
- भुना चना खाएं, गन्ना चूसें।
- सलाद, रोटी, सब्जी खाएं।
- सुबह और शाम दांतों की सफाई।