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एचबीटीयू की तीन छात्राओं को 30 लाख का सालाना पैकेज
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कानपुर में हरकोर्ट बटलर टेक्निकल यूनिवर्सिटी (एचबीटीयू) की सुप्रिया सिंह का अमेजॉन में 30 लाख के स?
हरकोर्ट बटलर टेक्निकल यूनिवर्सिटी (एचबीटीयू) के चार विद्यार्थियों का चयन अमेजॉन और गूगल कंपनी में हुआ है। अमेजॉन में चयनित होने वाली तीनों छात्राएं हैं जबकि गूगल में छात्र चयनित हुआ है।
अमेजॉन में चयनित कंप्यूटर साइंस विभाग की रीतिका गुप्ता, सुप्रिया सिंह और अनीता जायसवाल का चयन 30 लाख के सालाना पैकेज पर हुआ है। गूगल में चयनित छात्र स्वप्निल महाजन का चयन 20 लाख के सालाना पैकेज पर हुआ है। इन सभी का कहना है कि अभी चयनित होने की मेल आई है, ऑफर लेटर आना बाकी है। बताया कि दिसंबर से मार्च के बीच चले ऑनलाइन टेस्ट और साक्षात्कार प्रक्रिया के बाद कंपनी ने चारों को चयनित किया है। कुलपति प्रो. एनबी सिंह ने सभी को बधाई दी है।
पर्सनैलिटी भी देखतीं कंपनियां
सुप्रिया सिंह इंजीनियर बनने के लिए अपने पिता और भाई से ही इंस्पायर हुई हैं। सुप्रिया के पिता और भाई दोनों ही टाटा स्टील कंपनी में कार्यरत हैं। मूल रूप से प्रयागराज की रहने वालीं सुप्रिया पहली नौकरी को लेकर उत्साहित हैं। पिता अजय सिंह और शिक्षिका मां ममता सिंह की बेटी का कहना है कि ऑनलाइन इंटरव्यू के बाद ही कंपनी में चयन हुआ। सुप्रिया कहती हैैं कि कंपनियां पढ़ाई के साथ ओवरऑल पर्सनैलिटी भी देखती हैं।
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कंपनियां नंबर नहीं देखतीं
कंपनियां केवल नंबर नहीं देखतीं, आपके नंबर एक अच्छी कंपनी में नौकरी के लिए इंटरव्यू देने के रास्ता मात्र होते हैं। कंपनी में आपका चयन चयनकर्ताओं के सवालों के दिए गए जवाब पर ही निर्भर होता है। यह कहना है कि गूगल में नौकरी पाने वाले रामादेवी निवासी छात्र स्वप्निल महाजन का। स्वप्निल का कहना है कि कंपनी के इंटरव्यू में 50 फीसदी चयन पढ़ाई और शेष 50 फीसदी आपकी पर्सनैलिटी, आपकी लीडरशिप क्वालिटी पर होता है। बिजनेेसमैन पिता दीपक गुप्ता और शिक्षिका मां के बेटे स्वप्निल का कैंपस प्लेसमेंट ओयो रूम में भी हो चुका था।
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अमेजॉन में चयनित कंप्यूटर साइंस विभाग की रीतिका गुप्ता, सुप्रिया सिंह और अनीता जायसवाल का चयन 30 लाख के सालाना पैकेज पर हुआ है। गूगल में चयनित छात्र स्वप्निल महाजन का चयन 20 लाख के सालाना पैकेज पर हुआ है। इन सभी का कहना है कि अभी चयनित होने की मेल आई है, ऑफर लेटर आना बाकी है। बताया कि दिसंबर से मार्च के बीच चले ऑनलाइन टेस्ट और साक्षात्कार प्रक्रिया के बाद कंपनी ने चारों को चयनित किया है। कुलपति प्रो. एनबी सिंह ने सभी को बधाई दी है।
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पर्सनैलिटी भी देखतीं कंपनियां
सुप्रिया सिंह इंजीनियर बनने के लिए अपने पिता और भाई से ही इंस्पायर हुई हैं। सुप्रिया के पिता और भाई दोनों ही टाटा स्टील कंपनी में कार्यरत हैं। मूल रूप से प्रयागराज की रहने वालीं सुप्रिया पहली नौकरी को लेकर उत्साहित हैं। पिता अजय सिंह और शिक्षिका मां ममता सिंह की बेटी का कहना है कि ऑनलाइन इंटरव्यू के बाद ही कंपनी में चयन हुआ। सुप्रिया कहती हैैं कि कंपनियां पढ़ाई के साथ ओवरऑल पर्सनैलिटी भी देखती हैं।
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कंपनियां नंबर नहीं देखतीं
कंपनियां केवल नंबर नहीं देखतीं, आपके नंबर एक अच्छी कंपनी में नौकरी के लिए इंटरव्यू देने के रास्ता मात्र होते हैं। कंपनी में आपका चयन चयनकर्ताओं के सवालों के दिए गए जवाब पर ही निर्भर होता है। यह कहना है कि गूगल में नौकरी पाने वाले रामादेवी निवासी छात्र स्वप्निल महाजन का। स्वप्निल का कहना है कि कंपनी के इंटरव्यू में 50 फीसदी चयन पढ़ाई और शेष 50 फीसदी आपकी पर्सनैलिटी, आपकी लीडरशिप क्वालिटी पर होता है। बिजनेेसमैन पिता दीपक गुप्ता और शिक्षिका मां के बेटे स्वप्निल का कैंपस प्लेसमेंट ओयो रूम में भी हो चुका था।