फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Havoc of unknown virus in Kanpur,  kidney is failing in summer, no test comes positive

अंजान वायरस का कहर: गर्मी में गुर्दे कर रहा है फेल, कोई जांच नहीं आती पॉजिटिव, ये है डॉक्टरों की सलाह

Fri, 21 Apr 2023 12:26 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Fri, 21 Apr 2023 12:26 PM IST
सार

Kanpur Health News: गर्मी में अंजान वायरस जानलेवा बन गया है, जिससे एक की मौत होचुकी है। वहीं, कई मरीज भी दिक्कतों का सामना कर रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, तेज बुखार के बाद फेफड़ों से वायरल संक्रमण गुर्दों में पहुंच जाता है। इसकी कोई भी जांच पॉजिटिव नहीं आती है।

विज्ञापन
Havoc of unknown virus in Kanpur,  kidney is failing in summer, no test comes positive
अंजान वायरस - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

कानपुर में गर्मी के चलते अंजान वायरस जानलेवा हो गया है। इससे गुर्दे के पुराने रोगियों की हालत गंभीर हो रही है। गुरुवार को नवाबगंज के रहने वाले रामकिशोर अग्रहरि (55) की मौत भी हो गई। बुखार और संक्रमण से उनके भी गुर्दे फेल हो गए थे।

विज्ञापन

इस वायरस के लक्षण अलग तरह के हैं। पहले बहुत तेज बुखार आता और फिर फेफड़े संक्रमित होते हैं। यह संक्रमण गुर्दे तक पहुंच जा रहा है। इससे रोगी को एकेआई (एक्यूट किडनी इंजरी) हो रहा है। इस तरह के अब तक 50 रोगी अस्पतालों में आए हैं।
विज्ञापन

कानपुर किडनी फाउंडेशन के संयोजक वरिष्ठ गुर्दा रोग विशेषज्ञ डॉ. डीके सिन्हा का कहना है कि रोगियों की कोरोना, मलेरिया, डेंगू समेत विभिन्न रिपोर्ट निगेटिव आ रही है। हैलट इमरजेंसी में अभी तक एकेआई के 30 रोगी पंजीकृत हुए हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

अब तक आ चुके हैं 15 मरीज
इसके अलावा उर्सला और निजी अस्पतालों में रोगी इलाज करा रहे हैं। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज की उप प्राचार्य डॉ. रिचा गिरि ने बताया कि कुछ रोगियों को डायरिया और गैस्ट्रोइंटाइटिस हो जा रहा है। इसके बाद वह एकेआई की स्थिति में चले जाते हैं। डॉ. सिन्हा ने बताया कि अब तक वे ऐसे 15 रोगी देख चुके हैं।

मरीजों को नहीं हो रहा है पेशाब
सिर्फ हाई ग्रेड फीवर आया है। उसके बाद गुर्दे खराब हो गए। यह वायरल संक्रमण है। सीनियर फिजीशियन डॉ. जेएस कुशवाहा ने बताया कि ओपीडी में आए तीन ऐसे रोगियों को भर्ती किया है, जिन्हें गुर्दे की खराब की वजह से दो दिन से पेशाब नहीं हुआ था।

गर्मी में अधिक वाष्पीकृत हो रहा शरीर का पानी

  • जाड़े में शरीर से वाष्पीकृत होता 500 एमएल पानी।
  • गर्मी में धूप में घूमने वालों के शरीर से वाष्पीकृत होता है दो से ढाई लीटर पानी।
  • गर्मी में घर में रहने वालों के शरीर से वाष्पीकृत होता तो एक लीटर से 1200 एमएल पानी।
  • शरीर में वजन के हिसाब से होना चाहिए 60 फीसदी पानी।

ऐसे करें बचाव

  • बाहर घूमने वाले दिन में दो से ढाई लीटर पानी रोज पीयें।
  • घर में रहने वाले एक से डेढ़ लीटर रोज पानी पीयें।
  • बाहर से आने बाद के ठंडा पानी न पीयें।
  • कपड़े से सिर ढंके रहे, फुल आस्तीन की शर्ट पहनें।
  • मास्क लगाकर बाहर निकले, सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखें।
  • सादा और पौष्टिक खाना खाएं, बासी खाना न खाएं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed